कंगना रनौत ने पहली ही फिल्म में दिए थे इंटीमेट सीन्स, नाराज हुए माता-पिता, बोलीं- दिल टूट गया था

कंगना रनौत ने बताया कि उनकी पहली फिल्म 'गैंगस्टर' के बोल्ड सीन्स देखकर उनकी मां काफी परेशान हो गई थीं. एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि परिवार को उनके फिल्मी करियर को स्वीकार करने में समय लगा और मां की बात सुनकर उनका दिल टूट गया था.

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कंगना की मां ने 'गैंगस्टर' देखकर पूछा था ये सवाल (Photo: ITG) कंगना की मां ने 'गैंगस्टर' देखकर पूछा था ये सवाल (Photo: ITG)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:14 PM IST

बॉलीवुड एक्ट्रेस-पॉलिटिशियन कंगना रनौत ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों और परिवार के रिएक्शन को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए. कंगना ने बताया कि जब उनके माता-पिता ने उनकी पहली फिल्म 'गैंगस्टर' देखी थी, तो उनका रिएक्शन वैसा नहीं था जैसा उन्होंने सोचा था. खासकर फिल्म के बोल्ड सीन्स को लेकर उनकी मां काफी परेशान हो गई थीं.

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'गैंगस्टर' देखने के बाद पिता ने कुछ नहीं कहा

सिद्धार्थ आलमबयन से इंटरव्यू में कंगना ने बताया कि उनके पिता ने 'गैंगस्टर' देखने के बाद कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी. ऐसे में उन्होंने अपनी मां से पूछा कि उन्हें फिल्म कैसी लगी.

कंगना ने कहा- मैंने मां से पूछा कि आपको मेरी फिल्म कैसी लगी? क्या आपको कुछ समझ नहीं आया? तब मां ने कहा कि तुम अभी बहुत छोटी हो और उन्होंने तुमसे ऐसे सीन कैसे करवा लिए?

एक्ट्रेस ने बताया कि उनकी मां का पूरा ध्यान फिल्म के बोल्ड सीन्स पर था, जबकि वह चाहती थीं कि परिवार उनकी एक्टिंग और कहानी पर बात करे.

मां की बात सुनकर टूट गया था दिल

कंगना ने कहा- मैंने मां से पूछा कि क्या आपने पूरी फिल्म में सिर्फ वही सीन देखे? सच कहूं तो यह सुनकर मेरा दिल टूट गया था. उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता उस समय समाज और रिश्तेदारों की सोच को लेकर ज्यादा चिंतित थे. उन्हें डर था कि लोग क्या कहेंगे और उनकी बेटी किस तरह की फिल्मों में काम कर रही है.

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कंगना के मुताबिक, उनके माता-पिता फिल्मों को उसी नजर से नहीं देखते थे, जैसे कलाकार या सिनेमा प्रेमी देखते हैं. कंगना ने बताया कि वह एक बेहद पारंपरिक और पढ़े-लिखे परिवार से आती हैं. उनके दादा खादी बोर्ड के डायरेक्टर थे और परिवार में शिक्षा और सरकारी नौकरी को ज्यादा सम्मान दिया जाता था.

उन्होंने कहा कि 90 के दशक और शुरुआती 2000 के दौर में फिल्म इंडस्ट्री को सम्मानजनक पेशा नहीं माना जाता था. उस समय फिल्मों और अंडरवर्ल्ड के रिश्तों की खबरें भी खूब चर्चा में रहती थीं. इसी वजह से उनके माता-पिता को फिल्मी दुनिया को लेकर कई तरह की चिंताएं थीं.

अमिताभ बच्चन के खत ने बदल दी सोच

कंगना ने बताया कि 'गैंगस्टर' के बाद उन्होंने फैसला कर लिया था कि वह अपनी फिल्मों पर माता-पिता की राय नहीं लेंगी. उन्होंने कहा- मेरे माता-पिता फिल्मों को देखने और समझने के आदी नहीं थे. इसलिए मैंने उनसे अपनी फिल्मों का रिव्यू लेना बंद कर दिया.

कंगना ने बताया कि बाद में जब उन्हें फिल्म 'क्वीन' में शानदार एक्टिंग के लिए अमिताभ बच्चन का एक खास पत्र मिला, तब उन्हें समझ आया कि एक कलाकार और आम इंसान किसी फिल्म को अलग-अलग नजरिए से देखते हैं. उन्होंने कहा कि वह अपने पिता से नाराज नहीं हो सकतीं क्योंकि वह कलाकार नहीं हैं और उनकी सोच बिल्कुल अलग माहौल में बनी है.

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कब बदली परिवार की राय?

कंगना ने बताया कि उनके परिवार की सोच तब बदलनी शुरू हुई जब उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला. परिवार को गर्व महसूस हुआ कि उनकी बेटी को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया है. इसके बाद जब कंगना को पद्मश्री मिला, तो परिवार का नजरिया और ज्यादा बदल गया. उन्हें महसूस हुआ कि फिल्मों में काम करके भी सम्मान और पहचान हासिल की जा सकती है.

कंगना का कहना है कि परिवार की सख्त सोच और लगातार सवालों ने उन्हें मजबूत महिला किरदार चुनने के लिए प्रेरित किया. यही वजह है कि उन्होंने हमेशा ऐसी फिल्मों को प्राथमिकता दी, जिनमें महिलाओं की मजबूत छवि दिखाई जाती है.

कंगना ने कहा कि वह कभी सिर्फ ग्लैमर के लिए काम नहीं करना चाहती थीं. वह चाहती थीं कि उनके काम को गंभीरता से लिया जाए और उनकी पहचान एक मजबूत एक्ट्रेस के रूप में बने.

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