एक्ट्रेस कंगना रनौत कई बार पब्लिकली दीपिका पादुकोण पर निशाना साधती रही हैं. लेकिन अब उन्होंने सरप्राइज करते हुए दीपिका की तारीफ की है. कंगना ने कहा है कि उन्होंने अपने करियर में दीपिका से भी कुछ चीजें सीखी हैं. अपनी नई फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' के प्रमोशन में जुटीं कंगना रनौत ने यंग एक्टर्स के इनसिक्योर होने और एक-दूसरे की तारीफ न करने को 'टॉक्सिक' बताया. उन्होंने कहा कि इन यंग एक्टर्स से उलट उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में, फिल्म इंडस्ट्री में अपने साथियों से बहुत कुछ सीखा. इसी सिलसिले में उन्होंने दीपिका का भी नाम लिया.
एंटरटेनमेंट लाइव से बातचीत में कंगना ने कहा कि जब वो टीनेज में घर छोड़कर मुंबई आई थीं, तब उन्हें दुनिया की ज्यादा समझ नहीं थी.
उन्होंने कहा, "मुझे उस समय कुछ भी नहीं पता था. मैंने अपने आसपास के लोगों से बहुत कुछ सीखा. जिन लोगों में भी मुझे अच्छी बातें दिखीं, मैंने उनसे प्रेरणा ली."
इसके बाद उन्होंने दीपिका पादुकोण का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने दीपिका जैसे साथी कलाकारों से बहुत कुछ सीखा. उनका बैकग्राउंड खेलों से जुड़ा रहा है. मैं साइंस पढ़कर आई थी. उनसे मैंने सीखा कि एक्सरसाइज करना बहुत फायदेमंद होता है. व्यायाम करना कितना फायदेमंद होता है. मैंने दूसरे लोगों से भी सीखा... जैसे वो लोग जो खुद अपना स्टाइल तैयार करते हैं, खुद को बहुत अच्छे तरीके से प्रस्तुत करते थे."
कंगना का मानना है कि लोगों को अपने समकालीन कलाकारों की खूबियों को स्वीकार करना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए, न कि सिर्फ उन्हें खारिज करना चाहिए.
उन्होंने कहा, "आजकल जो नेगेटिविटी मैं अपने आसपास देखती हूं, खासकर युवा पीढ़ी में, वह चिंताजनक है. ये टॉक्सिक है और हमें बहुत सजग होकर इसे दूर करना होगा."
कंगना से यह भी पूछा गया कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनके जैसी दूसरी एक्ट्रेस क्यों नहीं आई. इस पर उन्होंने कहा कि यह बात माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूर, वहीदा रहमान, मीना कुमारी और दीपिका पादुकोण जैसी कई बड़ी एक्ट्रेसेज पर भी लागू होती है. उन्होंने कहा, "लोग सोचते हैं कि एक्ट्रेसेज आती-जाती रहती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है."
कंगना ने आगे कहा, "दूसरी मीना कुमारी नहीं आईं, दूसरी करिश्मा कपूर भी नहीं आईं. हर चीज का एक वक्त होता है. चाहे हेमा मालिनी हों, वहीदा रहमान हों या फिर मधुबाला. दूसरी मधुबाला नहीं हो सकती. हर दौर का अपना एक चेहरा होता है और उन लोगों की जगह कभी नहीं ली जा सकती. दूसरी माधुरी दीक्षित, जूही चावला नहीं आईं, यहां तक कि दूसरी दिव्या भारती भी नहीं आईं. इसलिए ये सिर्फ मेरी बात नहीं है. दूसरी दीपिका पादुकोण भी नहीं आईं. हम सभी अपने-अपने दौर का चेहरा हैं."
कुछ महीने पहले भी कंगना ने दीपिका पादुकोण की, 8 घंटे की शिफ्ट की डिमांड को सपोर्ट किया था. एएनआई से बातचीत में कंगना ने कहा था, "आज दीपिका इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस हैं. अगर वो सिर्फ आठ घंटे काम करना चाहती हैं, तो उन्होंने ये हक कमाया है."
दीपिका को लेकर कंगना की राय हमेशा इतनी फ्रेंडली नहीं रही है. 2025 में अपनी फिल्म 'इमरजेंसी' के प्रमोशन के दौरान कंगना ने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' में दीपिका के किरदार पर तंज कसा था. उन्होंने दावा किया था कि उन्हें भी यह फिल्म ऑफर हुई थी, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया क्योंकि उन्हें पूरी फिल्म में यह किरदार बस 'सजता-संवरता' ही नजर आ रहा था. 2022 में कंगना ने दीपिका की फिल्म 'गहराइयां' को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में 'ट्रैश' (कचरा) बताया था. उन्होंने लिखा था कि सिर्फ स्किन शो या बोल्ड कंटेंट के सहारे खराब फिल्मों को नहीं बचाया जा सकता. उससे पहले 2020 में जब दीपिका पादुकोण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र आंदोलन के सपोर्ट में पहुंची थीं, तब भी कंगना ने उनकी आलोचना की थी.
दिलचस्प ये है कि इसी दौरान कंगना ने दीपिका और मेघना गुलजार की फिल्म 'छपाक' की सराहना भी की थी. कंगना की बहन रंगोली एसिड अटैक सर्वाइवर हैं और 'छपाक' का टॉपिक भी यही था. कंगना ने तब कहा था, "मेरा पूरा परिवार दीपिका पादुकोण और मेघना गुलजार का धन्यवाद करता है कि उन्होंने इस विषय पर फिल्म बनाई, ताकि एसिड अटैक पीड़ितों को ताकत मिल सके."
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क