OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हो रहीं फिल्में, जानें कैसे होता है कमाई पर फैसला

फिल्में जब बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होती हैं तो उनके हिट या फ्लॉप होने का फैसला उनकी कमाई से हो जाता है. लेकिन जब फिल्में OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हो रही हैं तो उनकी कमाई किस तरह हो रही है?

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गुंजन सक्सेना पोस्टर गुंजन सक्सेना पोस्टर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 12:32 AM IST

कोरोना काल में सिनेमाघर पिछले कई महीने से बंद पड़े हैं. ऐसे में फिल्ममेकर्स के पास बस एक ही विकल्प बचा रह गया है कि अपनी फिल्मों को OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया जाए. वो ऐसा कर भी रहे हैं. पिछले कुछ वक्त में कई बड़ी फिल्में अमेजन प्राइम, हॉटस्टार, जी5 या नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हो चुकी हैं.

कैसे होती है कमाई?

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फिल्में जब बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होती हैं तो उनके हिट या फ्लॉप होने का फैसला उनकी कमाई से हो जाता है. लेकिन जब फिल्में OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हो रही हैं तो उनकी कमाई किस तरह हो रही है? अगर आपके जेहन में भी कभी ये सवाल आया है तो आपको बता दें कि ये फिल्में अपनी कमाई उस डील के जरिए करती हैं जो इनके और प्लेटफॉर्म्स के बीच होती है.

हम बात कर रहे हैं उस फिल्म के डिजिटल और सैटेलाइट राइट्स की. फिल्ममेकर्स निगोशिएट करने के बाद एक तय कीमत पर ये फिल्में OTT प्लेटफॉर्म्स को उपलब्ध करवाते हैं और इन फिल्मों को करोड़ों में खरीदने की वजह से उन प्लेटफॉर्म्स को ज्यादा सब्सक्राइबर्स मिल जाते हैं. फिर सैटेलाइट और टीवी राइट्स से भी पैसा बनाया जाता है. यदि OTT प्लेटफॉर्म मेकर्स को फिल्म के बजट के कुछ करोड़ रुपये ज्यादा दे देते हैं और डील उन्हें पसंद आ जाती है तो बात बन जाती है.

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हालांकि ये काम तब भी किया जाता जब फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाता है लेकिन फिलहाल जब फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो रही हैं तो ऐसे में और चारा भी क्या है. गौर करने की बात ये भी है कि जितनी भी फिल्में OTT प्लेटफॉर्म्स पर इस दौरान रिलीज हुई हैं उनमें से कोई भी 100 करोड़ से ऊपर बजट की नहीं है.

नहीं रिलीज होतीं बड़े बजट की फिल्में
ज्यादातर फिल्मों का बजट 30 से 70 करोड़ के भीतर ही है. ऐसे में फिल्ममेकर्स भी जानते हैं कि यदि फिल्म थिएटर्स में रिलीज हुई थी तो बहुत ज्यादा फर्क शायद नहीं आएगा. फिर उसके लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ेगा जिसके बाद फिल्मों को रिलीज करने की एक अलग स्तर की आपाधापी शुरू हो जाएगी. 83 और सूर्यवंशी जैसे मेगाबजट फिल्में अब तक रिलीज नहीं की गई हैं.


क्योंकि इन फिल्मों के मेकर्स जानते हैं कि ऐसी फिल्मों को OTT प्लेटफॉर्म्स शायद ही खरीद पाएंगे और यदि खरीद भी लिया तो भी इतनी बड़ी फिल्मों को OTT प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च करके घाटा ही होगा. ऐसा इसलिए क्योंकि फिल्मों की 60 प्रतिशत कमाई उन्हें सिनेमाघरों से मिलती है. ऐसे में इतनी बड़ी फिल्मों को रिलीज करने के लिए थिएटर्स के खुलने का इंतजार करना ही सही ऑप्शन है.

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