2018 में फिल्म 'लैला मजनू' की रिलीज अविनाश तिवारी के लिए एक कड़वा-मीठा एक्सपीरिएंस रही थी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई और रिलीज के तीन दिनों के अंदर ही सिनेमाघरों से हटा ली गई. हालांकि समय के साथ इसने कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया. 2023 में दर्शकों की मांग पर इसको दोबारा रिलीज होने पर इसने दो हफ्तों में अपने ओरिजिनल कलेक्शन से दोगुनी कमाई की. साथ ही ये एक महीने से ज्यादा समय तक थिएटर्स में चली.
पिक्चर के दोबारा रिलीज होने ने अविनाश को एक नई समझ दी. न्यूज18 संग बातचीत में एक्टर ने कहा, 'इन सालों में मैंने एक बात समझी है कि यहां किसी को कुछ नहीं पता. कोई कुछ नहीं जानता. अगर मेरी फिल्म चलती है, तो लोग मेरी तारीफ करते हैं और फिर मुझसे सलाह लेने आते हैं. लैला मजनू के दोबारा रिलीज होने और हिट होने के बाद, बहुत से लोग मुझसे सलाह लेने आए.'
लोग मांगते हैं सलाह: अविनाश
उन्होंने आगे कहा, 'अब मैं भी उनसे ऐसे बात करने लगा हूं जैसे मैं कोई एक्सपर्ट हूं. इससे पहले लोग कहते थे, 'अरे, बेचारा.' इस इंडस्ट्री में सेल्फ इम्पोर्टेंस का स्तर बहुत ज्यादा है. हर कोई खुद को बहुत बड़ा समझता है.' हालांकि, अविनाश ने इन बातों को दिल पर नहीं लिया, क्योंकि जो लोग सही में मायने रखते हैं, वे अपनी काबिलियत पहले से जानते थे. एक्टर कहते हैं, 'मुझे सच में लगता है कि मुझे हमेशा हर जगह पहुंच मिली है.'
अविनाश तिवारी के अनुसार, वह 'कमरे में एक एक्सेप्शन हैं' और इंडस्ट्री के ज्यादातर 'नियम' उन पर लागू नहीं होते. उन्होंने कहा, 'मेरी पहली फिल्म ने ही दिखा दिया था कि मैं क्या कर सकता हूं और इंडस्ट्री को इसका अंदाजा हो गया था. बाकी सब किस्मत के अनुसार हुआ. मेरे नाम कोई ब्लॉकबस्टर नहीं है, लेकिन मैंने देश के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउसेस के साथ काम किया है.'
स्टीरियोटाइप्स को तोड़ने के बारे में बात करते हुए एक्टर ने कहा, 'लोग इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की बात करते हैं. 2024 तक मेरे 100K फॉलोअर्स भी नहीं थे, फिर भी मैं काम कर रहा था और फिल्मों और शोज को हेडलाइन कर रहा था. मैं शेखी नहीं बघारना चाहता, लेकिन पिछले पांच सालों में बताइए किस एक्टर ने इतनी विविधता दिखाई है- अच्छी या बुरी, यह अलग बात है.'
लीड रोल कम मिलने का है डर?
अविनाश ने कभी पैरेलेल लीड (फिल्म मडगांव एक्सप्रेस, द मेहता बॉयज) और कभी विलेन (फिल्म ओ रोमियो, खाकी: द बिहार चैप्टर) के रूप में काम किया है, लेकिन उन्हें कभी यह चिंता नहीं रही कि इससे उनके लीड रोल पाने के मौके कम हो जाएंगे. वह कहते हैं, 'अगर कोई चीज मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती है, तो वह है 'टेम्पलेट्स' का ख्याल. मैंने इसे कभी गंभीरता से नहीं लिया. मैं इस बात पर विश्वास नहीं करता कि ऐसा ही होता है या ऐसा ही करना पड़ता है. यह सब मेरे लिए सिर्फ बातें हैं.'
वह आगे कहते हैं, 'मैं बहुत छोटे घर और छोटे शहर से, बहुत मुश्किलों के साथ यहां तक पहुंचा हूं. निडर और अडिग रहना ही मेरा मंत्र है. कौन क्या सोचता है, सोचने दो. जब मैं एक्टर बनने आया था, तो किसी के बारे में सोचकर नहीं आया था. मैं अपने लिए काम करने आया था. मुझे बस काम करना आता है और मैं वही करूंगा जिसके लिए यहां आया हूं, बिना इस बात की परवाह किए कि इंडस्ट्री में कोई क्या कहता या सोचता है.'
प्रोजेक्ट्स की बात करें तो अविनाश तिवारी को जल्द ही फिल्म 'गिन्नी वेड्स सनी 2' में देखा जाएगा. इसमें उनकी हीरोइन मेधा शंकर है. ये पिक्चर 24 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क