यूपी के शाहजहांपुर जिले की एक विधानसभा सीट है कटरा विधानसभा सीट. ये विधानसभा सीट नई है. पहले ये क्षेत्र तिलहर और निगोही विधानसभा सीट के तहत आता था. नए परिसीमन के बाद कटरा विधानसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया. कटरा विधानसभा का कस्बा खुदागंज औद्योगिक क्षेत्र रहा है. वहां खांडसारी उद्योग हुआ करता था यानी कच्ची चीनी का उत्पादन इस क्षेत्र के अधिकतर घरों में हुआ करता था.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
कटरा विधानसभा सीट के लिए पहली दफे 2012 में चुनाव हुए. 2008 के परिसीमन से पहले शुरुआती विधानसभा चुनाव में ये इलाका तिलहर साउथ सिटी हुआ करता था. 1957 के चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा खेड़ा बझेड़ा विधानसभा क्षेत्र में चला गया और 1962 में भी यही स्थिति रही. 1967 के चुनाव में इसे तिलहर विधानसभा सीट का नाम दिया गया. 2008 के परिसीमन में तिलहर और निगोही विधानसभा क्षेत्र के कुछ इलाकों को मिलाकर कटरा सीट का गठन हुआ.
2017 का जनादेश
कटरा विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने वीर विक्रम सिंह को उम्मीदवार बनाया. बीजेपी के वीर विक्रम सिंह के सामने समाजवादी पार्टी (सपा) से थे राजेश यादव. बीजेपी के वीर विक्रम ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के राजेश यादव को 16730 वोट के अंतर से हरा दिया. वीर विक्रम को 76509 वोट मिले थे.
समाजिक ताना-बाना
कटरा विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो इसे ठाकुर और मुस्लिम बाहुल्य विधानसभा सीट माना जाता है. इस विधानसभा क्षेत्र में यादव, कश्यप, कुर्मी, वैश्य जाति के मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं. ब्राह्मण और दलित मतदाता भी इस सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख मतदाता हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
कटरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बीजेपी के वीर विक्रम सिंह को सियासत विरासत में मिली है. वीर विक्रम सिंह के पिता वीरेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना भी कांग्रेस के टिकट पर चार दफे विधायक रहे थे. ये विधानसभा क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग 24 के इर्द-गिर्द बसा हुआ है. विधायक वीर विक्रम सिंह का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है.
विनय पांडेय