वायनाडः राहुल गांधी समेत 22 उम्मीदवार आजमा रहे हैं किस्मत

इस सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी ने पीपी सुनीर को मैदान में उतारा है. राहुल गांधी के साथ इनका सीधा मुकाबला है. सीपीआई (एमएल) रेड स्टार ने के उषा और सेकुलर डेमोक्रेटिक कांग्रेस ने पीपी जॉन को टिकट दिया है.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 6:22 PM IST

केरल की 20 लोकसभा सीटों पर कुल 243 उम्मीदवार मैदान में हैं, वहीं वायनाड से सबसे ज्यादा 22 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी वायनाड से चुनाव मैदान में हैं. सभी सीटों पर 303 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल किए थे लेकिन जांच के दौरान 60 उम्मीदवारों के नामांकन खारिज कर दिए गए. इस सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी ने पीपी सुनीर को मैदान में उतारा है. राहुल गांधी के साथ इनका सीधा मुकाबला है. सीपीआई (एमएल) रेड स्टार ने के उषा और सेकुलर डेमोक्रेटिक कांग्रेस ने पीपी जॉन को टिकट दिया है. बहुजन समाज पार्टी ने मोहम्मद पीके को अपना उम्मीदवार बनाया है.

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वायनाड लोकसभा सीट पर रिकॉर्ड 22 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि कोट्टायम और अलाथुर (एससी) में सबसे कम सात-सात उम्मीदवार दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं. वायनाड के बाद अत्तिनगल (21) और तिरुवनंतपुरम (17) सबसे अधिक उम्मीदवारों वाली सीटें हैं. सभी सीटों पर मतदान 23 अप्रैल को तीसरे चरण में होगा.

केरल की वायनाड लोकसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई. तब से अब तक इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्जा है. इस सीट के तहत 7 विधानसभा सीटें आती हैं. ये सातों विधानसभा सीटें मनंथावाड़ी, सुल्तानबथेरी, कल्पेट्टा और कोझीकोड जिलों में पड़ती हैं. 2009 से इस सीट पर कांग्रेस के एमआई शानवास सांसद हैं. अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के यहां से चुनाव लड़ने की वजह से यह संसदीय सीट हाई-प्रोफाइल सीटों में शुमार हो गई है और सभी की नजर इस सीट पर भी लग गई है.

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वायनाड जिले की आबादी 8.18 लाख है जिनमें से 4.01 लाख पुरुष और 4.15 महिलाएं है. इस जिले की साक्षरता दर 89.03 प्रतिशत है. वायनाड में 49.48% हिंदू, 28.65% जनसंख्या मुस्लिम और ईसाई समुदाय की आबादी 21.34% है.  केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाली गठबंधन का नाम है यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ). जबकि दूसरी तरफ वामपथी दलों का गठबंधन का नाम है लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ).

2014 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को वायनाड पर महज 20,870 वोटों के अंतर से जीत हासिल हुई थी. कांग्रेस के एमआई शानवास को सीपीएम के सत्यन मोकेरी से सिर्फ 1.81 फीसदी अधिक वोट मिले थे. शानवास को 3,77,035 और मोकेरी को 3,56,165 वोट मिले थे. बीजेपी तब चुनाव में तीसरे स्थान पर रही थी और उसके प्रत्याशी पीआर रस्मिलनाथ को 80,752 वोट मिले थे. वायनाड लोकसभा सीट पर 2009 में पहली बार संसदीय चुनाव कराए गए जिसमें कांग्रेस को बड़ी जीत मिली थी.  कांग्रेस के एमआई शानवास ने सीपीआई के एम रहमतुल्लाह को 1,53,439 के भारी अंतर से हराया था. शानवास को तब 4,10,703 और रहमतुल्लाह को 2,57,264 वोट मिले थे.

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