सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर प्रियंका? कुंभ में डुबकी के साथ करेंगी सियासी पारी का आगाज

प्रियंका गांधी कांग्रेस अध्यक्ष और अपने भाई राहुल गांधी के साथ 4 फरवरी को प्रयागराज में संगम में डुबकी लगाएंगी. इसके बाद वह अपने राजनीतिक करियर की औपचारिक शुरुआत करेंगी. चार फरवरी को कुंभ का दूसरा शाही स्नान है. इसी दिन मौनी अमावस्या भी है.

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फाइल फोटो- पीटीआई फाइल फोटो- पीटीआई

पन्ना लाल

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 11:39 PM IST

प्रियंका गांधी कांग्रेस महासचिव का पद संभालने से पहले कुंभ में पवित्र स्नान कर करती हैं. समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक प्रियंका गांधी कांग्रेस अध्यक्ष और अपने भाई राहुल गांधी के साथ 4 फरवरी को प्रयागराज में संगम में डुबकी लगाएंगी. इसके बाद वह अपने राजनीतिक करियर की औपचारिक शुरुआत करेंगी. चार फरवरी को कुंभ का दूसरा शाही स्नान है. इसी दिन मौनी अमावस्या भी है. रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद प्रियंका गांधी लखनऊ में राहुल के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगी.

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रिपोर्ट के मुताबिक अगर किसी कारणवश राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा 4 फरवरी को संगम में स्नान नहीं कर पाते हैं तो वे 10 फरवरी को पवित्र डुबकी लगाएंगे. 10 फरवरी का मुहुर्त भी खास है. इस दिन बसंत पंचमी है और तीसरा शाही स्नान है. माना जा रहा है कि यह शायद पहली बार है जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी- दोनों संगम में स्नान करेंगे. बता दें कि इससे पहले साल 2001 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी कुंभ मेले में पहुंची थीं और पवित्र स्नान किया था.

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने एक बड़ी राजनीतिक चाल चलते हुए प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तर प्रदेश का महासचिव नियुक्त कर दिया है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 40 से 42 सीटें हैं. इस क्षेत्र में वाराणसी, गोरखपुर, मुगलसराय जैसे इलाके आते हैं, जहां बीजेपी की अच्छी पकड़ है. 2014 के लोकसभा चुनाव में इनमें से ज्यादातर सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी.

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प्रियंका गांधी के इस कदम के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं और इसे बीजेपी के दक्षिणपंथी विचारधारा का कांग्रेस द्वारा जवाब बताया जा रहा है. बता दें कि 2017 में  कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कई मंदिरों में पूजा अर्चना की थी. जानकार बताते हैं कि यह कांग्रेस की सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति के तहत किया गया था. राहुल के इस कदम की बीजेपी ने आलोचना की थी और कहा था कि राहुल को मंदिर तभी याद आते हैं जब चुनाव आता है.

राहुल गांधी का मंदिर दौरान कर्नाटक चुनाव के अलावा हाल ही में हुए राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ में भी जारी रहा था. बीच-बीच में बीजेपी की आलोचनाओं का जवाब देते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि वह बीजेपी के लोगों से बेहतर हिन्दू धर्म को समझते हैं. राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने खुद को जनेउधारी हिन्दू बताया था. राजस्थान के एक मंदिर में पूजा करते हुए राहुल ने अपना गोत्र दत्तात्रेय और ब्राह्मण बताया था.   

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