जम्मू और कश्मीर की लद्दाख लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सज्जाद हुसैना के आरोप के बाद एक बड़ा विवाद छिड़ गया है. सज्जाद हुसैन ने आरोप लगाया है कि सेना के अधिकारी जवानों को बैलट पेपर की आपूर्ति करने के बजाय उनकी मतदान की प्राथमिकताओं के बारे में पूछकर चुनाव गोपनीयता का उल्लंघन कर रहे हैं.
सज्जाद की शिकायत पर प्रशासन हरकत में आ गया है. लेह के उपायुक्त ने इस पूरे मामले को लेकर सेना को पत्र लिखा है. पत्र में सेना के अधिकारियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक बैलेट सिस्टम के उल्लंघन के बारे में लिखा गया है. पत्र में कहा गया है कि कमांडिंग ऑफिसर्स को बैलेट पेपर उपलब्ध कराने के बजाय फोन पर जवानों से चुनावी प्राथमिकताएं मांगते हुए पाया गया है. उपायुक्त ने सेना को सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
इस पूरे मामले पर सेना ने सफाई दी है. सेना ने पोस्टल बैलेट सिस्टम में सेना के किसी भी व्यक्ति के शामिल होने से इनकार किया है. सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि कुछ राजनीतिक उम्मीदवारों ने पोस्टल बैलेट सिस्टम के बारे में शिकायत की है कि वे सेवा कर्मियों द्वारा डाली जाती हैं. शिकायत में किसी विशेष घटना का जिक्र नहीं किया गया है. प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि शिकायत निराधार है और सेना की छवि को खराब करने के लिए की गई है.
दरअसल, सज्जाद हुसैन ने अपनी शिकायत में कहा था कि पोस्टल बैलेट की प्रणाली ये है कि जिला निर्वाचन कार्यालय अपनी इकाई के प्रमुख को सीधे डाक मतपत्र भेजते हैं और इकाई के अधिकारी अपने पास रखते हैं. वह किसी व्यक्तिगत सेवा मतदाताओं को भी नहीं देते हैं. ज्यादातर मामलों में सीमित समय के कारण अधिकारी स्वयं कानूनी प्राधिकारी के बिना व्यक्ति की ओर से प्रॉक्सी वोट का उपयोग करता है.
गौरतलब है कि लद्दाख लोकसभा सीट पर पांचवें चरण के तहत 6 मई को वोटिंग हुई थी. यहां पर 63.70 फीसदी मतदान हुआ था. राज्य में दो निर्दलीय सहित चार उम्मीदवार मैदान में हैं.
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शुजा उल हक