UP: गठबंधन में सेंध, कांग्रेस में शामिल हुए SP-BSP के 4 पूर्व विधायक

प्रियंका गांधी की उत्तर प्रदेश की राजनीति में उतरने के बाद कांग्रेस पार्टी में विपक्षी पार्टी के नेताओं के शामिल होने का सिलसिला जारी है. शनिवार को सपा-बसपा के चार पूर्व विधायक डॉक्टर धर्मपाल सिंह, सूरज पाल सिंह, राम सिंह और भगवान सिंह कुशवाहा कांग्रेस में शामिल हुए हैं. 

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गठबंधन में सेंध, कांग्रेस में शामिल हुए सपा-बसपा के 4 पूर्व विधायक गठबंधन में सेंध, कांग्रेस में शामिल हुए सपा-बसपा के 4 पूर्व विधायक

aajtak.in / कुमार अभिषेक

  • नई दिल्ली.,
  • 23 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

राजनीतिक पार्टियां लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों में जी जान से जुटी हैं. उत्तर प्रदेश में भले ही लोकसभा चुनावों के मद्देनजर हुए सपा-बसपा महागठबंधन से कांग्रेस को दरकिनार कर दिया है लेकिन कांग्रेस अपने पूरे दमखम से चुनाव लड़ रही है. कांग्रेस विरोधी खेमे में सेंधमारी कर रही है और इस कड़ी में सपा-बसपा के 4 पूर्व विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है.

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प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीतिक में एंट्री के बाद पार्टी में लगातार विपक्षी पार्टियों के शामिल होने का सिलसिला जारी है. कांग्रेस विपक्षी पार्टियों से नाराज नेताओं को अपने खेमे में शामिल करने से गुरेज नहीं कर रही है. कांग्रेस में सपा और बसपा के नेता भी शामिल हो रहे हैं.

ब्रज क्षेत्र में मजबूत पकड़

राजबब्बर की अगुवाई में तीन पूर्व बसपा विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है. बसपा के यह तीन पूर्व विधायक डॉक्टर धर्मपाल सिंह, सूरज पाल सिंह और भगवान सिंह कुशवाहा हैं. इन तीनों नेताओं की ब्रज क्षेत्र में मजबूत पकड़ है. जाहिर तौर पर कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में इसका फायदा मिल सकता है. इनकी एंट्री साबित करती है कि कभी सपा के गढ़ रहे ब्रज क्षेत्र में कांग्रेस ने सेंध मार दी है.

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डॉ़क्टर धर्मपाल सिंह एत्मादपुर से बसपा विधायक रहे हैं. 2012 के विधानसभा चुनाव में धर्मपाल सिंह ने सपा प्रत्याशी प्रेम सिंह बघेल के खिलाफ जीत दर्ज की थी. एत्मादपुर वहीं सूरजपाल सिंह फतेहपुर सीकरी से विधायक रहे हैं. सूरजपाल सिंह ठाकुर वोटों पर खासा पकड़ रखते हैं. वहीं भगवान सिंह कुशवाहा खेरागढ़ से विधायक रहे हैं.

भगवान सिंह कुशवाहा बसपा से दो बार विधायक चुने गए हैं. उन्हें 2007 और 2012 के चुनावों में लगातार जीत मिली थी. कुशवाहा समाज और दलित वोटों पर इनकी खासी पकड़ रही है. 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में कुशवाहा के खिलाफ बीजेपी प्रत्याशी महेश कुमार गोयल ने जीत दर्ज की थी.

राज बब्बर के फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बाद उनके नेतृत्व में आगरा के एक और दिग्गज नेता कांग्रेस में शामिल हुए हैं. आगरा के एक भरोसेमंद नेता केशव दीक्षित भी बसपा से त्यागपत्र देकर एक बार फिर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं.

सपा में भी लगी सेंध

प्रतापगढ़ के सपा जिलाध्यक्ष राम सिंह ने भी कांग्रेस अब कांग्रेस का दामन थाम लिया है. पट्टी विधानसभा से विधायक रहे राम सिंह ने सपा से त्यागपत्र दे दिया है. राम सिंह डकैत ददुआ के भतीजे और हाल ही कांग्रेस में शामिल हुए नेता बाल कुमार पटेल के बेटे हैं. राम सिंह 2017 के चुनाव में बीजेपी के मोती सिंह के हाथों बहुत कम वोटों से हार गए थे.

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कांग्रेस के हुए बालाकुमार पटेल

इससे पहले सपा को एक और बड़ा झटका तब लगा जब बुंदेलखंड में सपा के दिग्गज कुर्मी नेता बालकुमार पटेल कांग्रेस में शामिल हुए थे. कभी कुख्यात डकैत रहे ददुआ के भाई बालकुमार की बुंदेलखंड के कुर्मी वोट बैंक पर खासी पकड़ रही है. कांग्रेस में शामिल होने का उन्हें इनाम भी मिला और कांग्रेस ने उन्हें बांदा लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है.

बांदा लोकसभा सीट से बाल कुमार चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अखिलेश यादव ने बीजेपी से आए श्यामा चरण गुप्ता को उम्मीदवार घोषित कर दिया है. जाहिर तौर पर यही नाराजगी रही जिसके चलते बाल कुमार पटेल ने सपा को अलविदा कह दिया और कांग्रेस का दामन थाम लिया.

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