नॉर्थ गुजरात में कांग्रेस को भारी पड़ी वघेला की बगावत

उत्तर गुजरात क्षेत्र में 53 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से बीजेपी 35 सीटें जीतने कामयाब रही तो वहीं कांग्रेस के खाते में 17 सीटें आई हैं. जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 32 और कांग्रेस को 21 सीटें मिली थीं. पिछले चुनाव के मुताबिक कांग्रेस को 4 सीटों का नुकसान हुआ है

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नार्थ गुजरात में पीएम नरेंद्र मोदी नार्थ गुजरात में पीएम नरेंद्र मोदी

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली\ अहमदाबाद,
  • 18 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST

गुजरात में बीजेपी ने छठवीं बार जीत का परचम फहराया है. कांग्रेस एक बार फिर सत्ता का वनवास नहीं तोड़ पाई है. मोदी लहर में कांग्रेस नॉर्थ गुजरात में अपना किला बचाने में नाकाम रही है. शंकर सिंह वघेला की बगावत और महंगी पड़ी है और ओबीसी नेता अल्पेश ठाकोर कार्ड भी कांग्रेस के काम नहीं आ सका है. कांग्रेस के परंपरागत ओबीसी वोटबैंक भी छिटका गया है, जिससे नार्थ गुजरात में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

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उत्तर गुजरात के सियासी फैसले में किसानों, पाटीदारों, ओबीसी और आदिवासियों की अहम भूमिका रहती है. पटेल आंदोलन का सर्वाधिक असर इसी इलाके में रहा है. इसीलिए माना जा रहा था कि पटेलों की नाराजगी से इस बार बीजेपी को नुकसान होगा, लेकिन दांव उलटा पड़ा. हार्दिक और अल्पेश दोनों कार्ड इस क्षेत्र में अहम भूमिका अदा नहीं कर सके हैं. इसीलिए बीजेपी के बजाय कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा है.

उत्तर गुजरात क्षेत्र में 53 विधानसभा सीटें हैं. इनमें से बीजेपी 35 सीटें जीतने कामयाब रही तो वहीं कांग्रेस के खाते में 17 सीटें आई हैं. जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 32 और कांग्रेस को 21 सीटें मिली थीं. पिछले चुनाव के मुताबिक कांग्रेस को 4 सीटों का नुकसान हुआ है.

वाघेला की बगावत मंहगी पड़ी

उत्तर गुजरात से शंकर सिंह वघेला आते हैं. पिछले चुनाव में इस क्षेत्र में कांग्रेस के बेहतर नतीजों के लिए शंकर सिंह वाघेला की अहम भूमिका रही है. लेकिन इस वघेला ने कांग्रेस से बगावत करके चुनावी मैदान में थे. वघेला का साथ छोडना कांग्रेस के लिए महंगा साबित हुआ. वाघेला फैक्टर के चलते कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

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उत्तर गुजरात में गांधीनगर, बनासकांठा, साबरकांथा, अरवली, मेहसाणा और पाटन जिले आते हैं. माना यही जा रहा है कि इस बार गुजरात में बीजेपी को कांग्रेस कड़ी टक्कर देगा, लेकिन कुछ ऐसा हो नहीं सका है. हार्दिक पटेल के गृह जनपद मेहसाणा में बीजेपी को 4 और कांग्रेस 3 सीटें मिली हैं. बनासकांठा में 3 बीजेपी और 6 कांग्रेस को, गांधीनगर में 2 बीजेपी और 3 कांग्रेस को मिली हैं.

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