बंगाल: मालदा प्रोटेस्ट मामले में 2 TMC पार्षदों सहित 6 लोगों पर दर्ज हुई FIR

मालदा SIR विवाद में प्रोटेस्ट के बाद कोलकाता पुलिस ने TMC पार्षदों सहित 6 लोगों पर FIR दर्ज की है. घटना पर कड़ी फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट कानून-व्यवस्था पर चिंता जता चुका है.

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मालदा मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है. (Photo: ITG) मालदा मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:54 AM IST

पश्चिम बंगाल के मालदा में SIR से जुड़े विरोध प्रदर्शन के बाद सियासी पारा बढ़ता जा रहा है. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और बंगाल सरकार को फटकार पड़ी. इसके बाद जांच के आदेश दिए गए. अब कोलकाता पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है. कोलकाता पुलिस ने 31 मार्च और 1 अप्रैल को CEO बंगाल के दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के मामले में कोलकाता के 2 TMC पार्षदों सहित 6 लोगों के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की है.

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उत्तरी बंगाल के IG ने आजतक से बातचीत में बताया कि अब तक कुल 18 गिरफ्तारियां हुई हैं. छापेमारी जारी है. आईजी खुद मोथाबाड़ी की घटना की जांच कर रहे हैं.

TMC पार्षद शांति रंजन कुंडू और सचिन सिंह पर केस दर्ज किया गया है. FIR में आरोप लगाया गया है कि 31 और 1 मार्च की दरमियानी रात को आरोपियों ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर, हरे स्ट्रीट और स्ट्रैंड रोड के चौराहे पर, ख़ास तौर पर शिपिंग कॉर्पोरेशन बिल्डिंग स्थित पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के दफ़्तर के सामने, एक गैर-कानूनी जमावड़ा बनाया.

टीएमसी नेताओं सहित 6 लोगों पर आरोप है कि पुलिस द्वारा बार-बार तितर-बितर होने की गुजारिश करने और कानूनी निर्देश दिए जाने के बावजूद, उन्होंने जान-बूझकर बात मानने से इनकार कर दिया और अपनी गैर-कानूनी गतिविधियां जारी रखीं, जिससे सरकारी कर्मचारियों को अपने कानूनी फ़र्ज़ निभाने से रोका गया.

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एफआईआर में कहा गया है कि इस जमावड़े ने सार्वजनिक सड़क को आंशिक रूप से रोक दिया, जिससे सामान्य यातायात और लोगों की आवाजाही में रुकावट पैदा हुई. वे CEO, पश्चिम बंगाल के ख़िलाफ़ भड़काऊ और डराने वाले नारे भी लगा रहे थे.

बंगाल को SC से फटकार

गुरुवार को, सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही हमेशा की तरह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन-जजों की बेंच के सामने शुरू हुई. हालांकि, कुछ ही मिनटों के अंदर एक ऐसा लम्हा नजर आया, जब मुख्य न्यायाधीश ने कड़े शब्दों में पश्चिम बंगाल सरकार पर ज़ोरदार फटकार लगाई.

बेंच को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बुधवार दोपहर से लेकर आधी रात के बाद तक मालदा में जो घटनाएं हुईं, जहां 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' (SIR) में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को कई घंटों तक घेराव करके रखा गया. वे कानून-व्यवस्था, राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका और स्वयं लोकतंत्र के लिए गहरी चिंता का विषय हैं.

यह भी पढ़ें: बंगाल: मालदा में अधिकारियों को किसने बनाया बंधक? अब NIA करेगी जांच

घटनाओं के क्रम को बताते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, "हमें मालदा में क्या चल रहा था, इसकी जानकारी आधी रात के आसपास ही मिली." उन्होंने आगे कहा कि वे रात 2 बजे तक जागते रहे और राज्य के सीनियर अधिकारियों और कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ लगातार टेलीफ़ोन पर संपर्क में रहे, जिससे अधिकारियों की सुरक्षा के बारे में पल-पल की जानकारी मिलती रहे.

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