बंगाल: मालदा में अधिकारियों को किसने बनाया बंधक? अब NIA करेगी जांच

यह पूरा मामला मालदा जिले के कलियाचक इलाके का है, जहां चुनाव से जुड़े कार्य के दौरान अधिकारियों को भीड़ ने घंटों तक बंधक बनाकर रखा. कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें रिहा कराया जा सका. गुरुवार को मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने ममता सरकार को फटकार लगाते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए.

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इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे (Photo- ITG) इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे (Photo- ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:33 PM IST

पश्चिम बंगाल के मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने और उन पर हमले की कोशिश के मामले में अब जांच NIA को सौंपी गई है. चुनाव आयोग ने इस गंभीर घटना को देखते हुए NIA से जांच करने और प्रारंभिक रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपने को कहा है.

ECI ने अपने पत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि इस मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे CBI या NIA को सौंपी जाए. इसी के तहत अब NIA इस पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी.

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गौरतलब है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई, जहां सीजेआई की अगुआई वाली तीन जजों की पीठ ने कड़ा रुख अपनाया. कोर्ट ने इस घटना को बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही, राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

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सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

यह पूरा मामला मालदा जिले के कलियाचक इलाके का है, जहां बुधवार को चुनाव से जुड़े कार्य के दौरान कई न्यायिक अधिकारियों को भीड़ ने घेर लिया था और घंटों तक बंधक बनाए रखा. बाद में सुरक्षा बलों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया.

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इस घटना के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे और मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया था. अब NIA की जांच से उम्मीद जताई जा रही है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच होगी. फिलहाल, NIA के जांच संभालने के बाद आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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