केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में राज्य के वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक की. इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे. खड़गे ने बैठक की तस्वीरें अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर साझा कीं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि केरल की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर राज्य में प्रगतिशील, विकासोन्मुख और कल्याणकारी शासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने कहा, केरल के 3.6 करोड़ लोग बदलाव चाहते हैं. कांग्रेस पार्टी और हमारे यूडीएफ सहयोगी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं.' सूत्रों के मुताबिक, बैठक में केरल कांग्रेस के नेताओं से कहा गया कि वे सामूहिक नेतृत्व के तहत एकजुट होकर चुनाव लड़ें. जमीनी रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस-नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) पर बढ़त मिलती दिख रही है. राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद के चेहरे का फैसला चुनाव के बाद ही किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: शशि थरूर कांग्रेस आलाकमान की बैठक में नहीं पहुंचे, केरल में PM मोदी की रैली का दिया हवाला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेताओं को चेताया कि वे किसी भी तरह के विवाद में न उलझें और आपसी गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है. बता दें कि केरल में 2026 की पहली छमाही में विधानसभा चुनाव होने हैं और यूडीएफ पिछले 10 वर्षों से सत्ता से बाहर है. इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर निगम चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत की सराहना की.
उन्होंने कहा कि यह जीत एलडीएफ और यूडीएफ द्वारा दशकों से की जा रही उपेक्षा के अंत और विकास व सुशासन के नए दौर की शुरुआत है. प्रधानमंत्री मोदी ने एलडीएफ और यूडीएफ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों ही मोर्चों की राजनीति में कोई खास फर्क नहीं है और जनता की मूल समस्याएं अब तक अनसुलझी हैं. उन्होंने केरल की जनता से राज्य में एक बार बीजेपी नीत एनडीए को जनादेश देने की अपील की.
राहुल गौतम