असम की पहली और देश की तीसरी ट्रांसजेंडर जज बनीं स्वाति..

असम की पहली ट्रांसजेंडर जज बनीं स्वाती बी बरुआ, जानें उनके बारे में..

Advertisement
Swati Bidhan Baruah (Photo: ANI) Swati Bidhan Baruah (Photo: ANI)

प्रियंका शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 11:45 AM IST

भले ही हमारे समाज में कई ऐसे लोग मौजूद हैं जो ट्रांसजेंडर समुदाय को वो इज्जत नहीं देते जिनके वह हकदार हैं. लेकिन आज इन्हीं समुदाय से निकले लोग समाज में अहम भूमिका निभा रहे हैं. हम बात कर रहें हैं, स्वाति बी बरुआ की, जो असम की पहली ट्रांसजेंडर जज और देश की तीसरी जज बन गई हैं.

उन्हें 14 जुलाई, 2018 को गुवाहाटी के कामरूप जिले की लोक अदालत में जज के पद पर नियुक्त किया गया है. बता दें, अदालत की 20 जजों की बेंच में स्वाति एक हैं.

Advertisement

स्वाति की उम्र 26 साल हैं. उन्होंने बीकॉम की पढ़ाई करने के बाद कानून की पढ़ाई की. जिसके बाद उन्होंने सोच लिया था वह कानून के क्षेत्र में ही अपना करियर बनाएंगी. वहीं जज के पद पर नियुक्त होने पर स्वाति ने कहा- 'एक जज के पद पर मेरी नियुक्ति समाज के लिए सकारात्मक संदेश है और इस तरह के सराहनीय कदम से सोसाइटी में ट्रांसजेंडरों के प्रति नजरिया बदलेगा'.

बता दें, स्वाति का जन्म असम के पांडु शहर में हुआ था. स्वाति से पहले पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में ट्रांसजेंडर जज बन चुकी हैं. वहीं उनके जज बनने पर असम तीसरा राज्य बन चुका है जहां ट्रांसजेंडर जज हैं. वहीं सबसे पहले पश्चिम बंगाल ने जुलाई 2017 में देश के पहली ट्रांसजेंडर जज के रूप में जोयिता मंडल को नियुक्त किया था, इसके बाद इस साल फरवरी में महाराष्ट्र ने नाग कामबल को नागपुर में लोक अदालत में जज के रूप में नियुक्त किया था.

Advertisement

ये हैं देश की पहली ट्रांसजेंडर जज

स्वाति से पहले जोयिता मंडल को देश की पहली ट्रांसजेंडर जज बनाया गया था. वह 29 साल की जोयिता मंडल देश की पहली ट्रांसजेंडर जज बनीं थी. उन्हें 8 जुलाई, 2017 को पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर की लोक अदालत में जज नियुक्त किया गया था.

भारत की पहली ट्रांसजेंडर वकील

36 साल की सत्यश्री शर्मिला को देश की पहली ट्रांसजेंडर वकील नियुक्त किया गया है. उन्हें तमिलनाडु बार काउंसिल ने उन्हें वकील के रूप में नियुक्त कर लिया है.  

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement