दिल्ली के 1028 स्कूलों में केजरीवाल सरकार लगाएगी 1.46 लाख कैमरे

सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद अभिभावक घर बैठे बच्चों को देख सकेंगे. पढ़ें पूरी खबर

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

पंकज जैन

  • नई दिल्ली,
  • 17 मई 2018,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

देश की राजधानी में सीसीटीवी को लेकर एलजी दफ्तर और सीएम दफ्तर में खींचतान के बीच केजरीवाल सरकार ने दिल्ली सरकार के स्कूलों में सीसीटीवी लगाने का फैसला किया है. मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दिल्ली के 1028 सरकारी स्कूलों में 1 लाख 46 हजार 800 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ये फैसला बच्चों की स्कूलों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

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केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगाने के लिए 6 महीने का टारगेट तय किया है. सरकार का दावा है कि इन कैमरों के लगने के बाद अभिभावक घर बैठकर अपने बच्चे पर निगरानी रख सकेंगे.

मंत्री सत्येंद्र जैन का दावा है कि दिल्ली सरकार की एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमिटी (ईएफसी) ने सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगाने की मंजूरी दी है. इस प्रस्ताव को अगले एक हफ्ते में कैबिनेट में मंजूरी के लिए लाने की तैयारी सरकार कर रही है. जैन के मुताबिक स्कूलों में सीसीटीवी लगाने का टेंडर हो चुका है, यह टेंडर रेट कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर दिया गया. हालांकि कैबिनेट की मंजूरी के बाद वर्क अवॉर्ड किया जाएगा.

सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी लगाने की योजना की अनुमानित लागत 597.51 करोड़ होगी. इसमें 384.85 करोड़ रुपये कैमरे लगाने, 57.69 करोड़ रुपये पांच साल की मेंटेनन्स के लिए और 154.97 करोड़ रुपये इंटरनेट कनेक्शन के लिए खर्च होंगे. दिल्ली सरकार के मुताबिक वर्क अवॉर्ड होने के बाद स्कूलों का निरीक्षण होगा और हर स्कूल में सीसीटीवी की संख्या को लेकर एस्टीमेट तैयार होगा. हर स्कूल में 150 से 200 कैमरे लगाए जाएंगे.  अगर स्कूल बिल्डिंग बड़ी है तो उस स्कूल में दो सौ से ज्यादा कैमरे भी लगाए जा सकते हैं. 

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अभिभावक घर बैठे रख सकेंगे बच्चों पर नजर

स्कूलों में लगने वाले कैमरों से अभिभावक घर बैठे अपने बच्चों पर नजर रख सकेंगे. सत्येंद्र जैन ने बताया कि सभी अभिभावकों को यूजरआईडी और पासवर्ड दिया जाएगा.  इसकी मदद से अभिभावक घर बैठे फोन ऐप पर अपने बच्चे को देख सकेंगे. उन्होंने कहा कि यदि किसी अभिभावक को लगता है कि वह स्कूल से रिकॉर्डिंग का डाटा लेना चाहता है तो उसे 30 दिनों तक का डाटा उपलब्ध हो सकेगा. जैन ने बताया कि सभी कैमरों का हेल्थ चेकअप होता रहेगा. यदि कोई कैमरा काम नहीं कर रहा तो उसे तुरंत सुधार या बदल दिया जाएगा.

स्कूलों में दो तरह के कैमरे लगाए जाने का प्रपोजल पास किया गया है. इसमें 1 लाख 44 हजार 414 बुलेट और डोम कैमरे होंगे और 2 हजार 383 पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे. क्लासरूम में डोम कैमरे होंगे जबकि कॉरिडोर में बुलेट कैमरे और ओपन एरिया में पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे. स्कूल की एंट्री और एग्जिट गेट पर पीटीजेड कैमरे लगाने कान प्लान बनाया गया है. सीसीटीवी विडियो की लाइव फीड के लिए प्रिंसिपल रूम में एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएगी. आपको बता दें, इन दिनों अभिभावक को इस बात की चिंता रहती है कि उनका बच्चा स्कूल में सुरक्षित है या नहीं. ऐसे में दिल्ली सरकार की ओर से लिया गया ये कदम सभी अभिवावक को राहत देगा.

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