उत्तर प्रदेश में तीन दिनों तक चलने वाली यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 के लिए अलग-अलग शहरों से स्टूडेंट्स के आने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी कड़ी में गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर भी अभ्यर्थियों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है. दो पालियों में होने वाली इस परीक्षा में तीन दिनों के भीतर कुल 1.16 लाख अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी है. ऐसे में यूपी के गोरखपुर में भी परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर जुटे ये तमाम स्टूडेंट्स अपने दिल में 'तन पर खाकी' का ख्वाब संजोए हुए हैं, लेकिन इस ख्वाब को मुकम्मल करने से पहले भीषण गर्मी में पूरी रात स्टेशन पर गुजारने की अग्निपरीक्षा अभी बाकी है.
मंगलवार 9 जून को पहली पाली में परीक्षा देने के लिए अभ्यर्थी अलग-अलग जिलों से गोरखपुर पहुंच रहे हैं. अभ्यर्थियों का हाल जानने के लिए जब 'यूपी तक' की टीम रात 12 बजे गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो वहां का नजारा प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत की कहानी बयां कर रहा था. स्टेशन पर मौजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से इंतजाम तो किए गए हैं, इसके बावजूद इस भीषण गर्मी में उन लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. छात्रों का मानना है कि प्रशासन को बाहर से परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों के लिए और बेहतर इंतजाम करने की जरूरत है.
दूसरी तरफ, आरपीएफ (RPF) के आईजी सत्य प्रकाश ने व्यवस्थाओं को लेकर बताया कि परीक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन के साथ-साथ पुलिस और सिविल पुलिस-प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय (कोऑर्डिनेशन) बनाकर कार्य किया जा रहा है. परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है, जिसकी वजह से अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने में कोई बड़ी परेशानी नहीं हो रही है. रेलवे स्टेशन के बाहर भी अभ्यर्थियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है.
आईजी ने आगे बताया कि पहले दिन स्थिति पूरी तरह सामान्य रही है. हालांकि, जो स्टूडेंट्स दूसरे दिन की परीक्षा देने के लिए समय से पहले आ गए हैं, उनके आने से स्टेशन पर थोड़ी भीड़ देखने को मिली है. चूंकि अभी दो दिन और परीक्षा होनी है, ऐसे में आरपीएफ ट्रेनों में भी लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि अभ्यर्थियों की वजह से एसी कोच में सफर करने वाले नियमित यात्रियों को कोई असुविधा न होने पाए. हमारे जवान सुरक्षा में पूरी तरह मुस्तैद हैं. इसके साथ ही रेलवे प्रशासन ने भी अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इन तीन दिनों तक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है ताकि छात्रों को सहूलियत हो सके.
गजेंद्र त्रिपाठी