School Reopen: स्कूलों में क्वारंटीन रूम तैयार, आपस में लंच-किताबों की शेयरिंग नहीं होगी

स्कूल प्रशासन द्वारा बाकायदा एक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम भी बनाई गई है जो कोरोना संक्रमण से जुड़ी स्तिथि पर नज़र बनाए रखेगी और एक्शन भी लेगी. स्कूलों को नज़दीकी अस्पतालों के साथ भी अटैच किया गया है.

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पंकज जैन

  • नई द‍िल्ली ,
  • 01 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

Delhi School Reopen: देश की राजधानी में एक सितंबर से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए स्कूल खुल गए हैं. कोरोना संक्रमण के मद्देनजर दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी(DDMA) द्वारा जारी SOP को लागू करने के आदेश दिए गए हैं. 'आजतक' की टीम ने दिल्ली सरकार के वेस्ट विनोद नगर स्थित स्कूल का जायजा लिया है.

स्कूल में स्टूडेंट्स के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बाकायदा दो बेंच के बीच गैप रखने के साथ साथ आइसोलेशन रूम और क्वारंटाइन रूम भी तैयार किया गया है. स्कूल प्रशासन द्वारा बाकायदा एक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम भी बनाई गई है जो कोरोना संक्रमण से जुड़ी स्थिति पर नज़र बनाए रखेगी और एक्शन भी लेगी. स्कूलों को नज़दीकी अस्पतालों के साथ भी अटैच किया गया है. 

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स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से अभिभावक भी खुश हैं. 9वीं  कक्षा में पढ़ने वाली एक स्टूडेंट की मां उषा ने बताया कि घर पर बच्चों का रूटीन काफी बिगड़ गया है. उषा ने कहा कि 'स्कूल खुलने से बच्चे टीचर से सीधे सवाल पूछ पाएंगे जबकि ऑनलाइन क्लास में बच्चे अक्सर अपनी बात नही कह पाते हैं. ऑनलाइन क्लास की बजाय ऑफलाइन क्लास कई गुना बेहतर हैं.'

स्कूलों के लिए ये है DDMA का आदेश: 

- क्लास रूम की सीटिंग क्षमता के अधिकतम 50 फीसदी तक बच्चे एक बार मे क्लास कर सकेंगे. 

- हर क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अलग-अलग समय का फॉर्मूला होगा. 

- मॉर्निंग और ईवनिंग शिफ्ट के स्कूलों में दोनों शिफ्टों के बीच कम से कम एक घंटे का गैप जरूरी होगा. 

- बच्चों को अपना खाना, किताबें और अन्य स्टेशनरी का सामान एक-दूसरे से साझा नहीं करने की सलाह देने को कहा गया है. 

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- लंच ब्रेक को किसी ओपन एरिया में इस अलग-अलग समय पर रखने की सलाह दी गई है ताकि एक समय मे ज़्यादा भीड़ एकत्र न हो. 

- सीटिंग अरेंजमेंट इस तरह से किया जाए कि एक सीट छोड़कर बैठने की व्यवस्था हो. 

- बच्चों को स्कूल बुलाने के लिए माता-पिता की मंजूरी ज़रूरी है. कोई अभिभावक यदि अपने बच्चे को स्कूल भेजना नहीं चाहता है तो इसके लिए उसे बाध्य नहीं किया जाएगा.

- कंटेन्मेंट ज़ोन में रहने वाले टीचर स्टाफ या छात्र को स्कूल आने की इजाज़त नही होगी. 

- स्कूल परिसर में एक क्वारंटीन रूम बनाना अनिवार्य है, जहां जरूरत पड़ने पर किसी भी बच्चे या स्टाफ को रखा जा सकता है. 

- यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूल के कॉमन एरिया की साफ-सफाई नियमित तौर पर हो रही है. शौचालयों में साबुन और पानी का इंतजाम है. साथ ही स्कूल परिसर में थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर और मास्क आदि की उपलब्धता है.

- एंट्री गेट पर थर्मल स्कैनर अनिवार्य होगी. बच्चों के साथ-साथ स्टाफ के लिए भी मास्क जरूरी होगा. इससे अलग एंट्री गेट पर ही बच्चों के हाथ सैनिटाइज कराए जाएंगे.

- हेड ऑफ स्कूल को एसएमसी मेंबर्स के साथ मीटिंग, कोविड प्रोटोकॉल प्लान और थर्मल स्कैनर, साबुन और सैनिटाइजर आदि का इंतजाम कर लेने के लिए कहा गया है. 

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- स्कूल प्रमुखों को ये भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि स्कूल में आने वाले सभी टीचर और स्टाफ वैक्सीनेटेड हों, अगर नहीं हैं तो इसे प्रमुखता देनी होगी.

- जिन स्कूलों में वैक्सीनेशन और राशन बांटने का काम चल रहा है.  वहां उस हिस्से को स्कूल में एकेडमिक एक्टिविटी वाली जगह से अलग रखा जाएगा. इसके लिए अलग एंट्री-एग्जिट पाइंट बनाये जाएंगे और सिविल डिफेंस स्टाफ को तैनात किया जाएगा.

 

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