जयपुर के चर्चित आयुषी केस के बाद अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर किसी महिला को पति की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिली हो, तो क्या दूसरी शादी करने पर उसकी नौकरी चली जाती है? ऐसे में जानिए इस मामले में सरकारी नियम क्या कहते हैं.
क्या है अनुकंपा नियुक्ति?
अनुकंपा नियुक्ति को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं. लोग सोचते हैं कि परिवार के किसी सदस्य की मौत हुई तो पति/पत्नी, बेटे/बेटी या भाई/बहन को वैसी ही सरकारी नौकरी तुरंत मिल जाएगी. लेकिन हकीकत यह नहीं है.
किस आधार पर मिलती है नौकरी?
सरकारी नौकरी के दौरान अगर अचानक से मौत हो जाए या गंभीर बीमारी के कारण रिटायरमेंट लेना पड़े तो फाइनेंशियल परेशानी से अपनों को बचाने के लिए सरकार अनुकंपा नियुक्ति की सुविधा देती है. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के नियमों के मुताबिक, मृतक कर्मचारी के आश्रित परिवार के सदस्य ही इसके पात्र होते हैं. इनमें-
पति या पत्नी
बेटा
बेटी(अविवाहित/विवाहित/विधवा/तलाकशुदा और गोद ली हुई बेटी भी शामिल है)
भाई या बहन (यह नियम केवल तब लागू होता है जब मृत कर्मचारी अविवाहित था और उसका भाई या बहन पूरी तरह उस पर निर्भर थे).
पहली प्राथमिकता होती है जीवनसाथी की
अगर मान लेते हैं कि कोई विवाहित है तो हमेशा पहली प्राथमिकता जीवनसाथी( पति या पत्नी) को दी जाती है.
पति की मौत के बाद दूसरी शादी के बाद क्या?
ये सवाल लोगों के मन में हमेशा रहता है. अगर पति की मौत हो गई है और पत्नी को अनुकंपा नौकरी मिली है. लेकिन अगर वह दूसरी शादी कर लेती हैं, तो क्या उनकी नौकरी चली जाएगी. तो इसका जवाब है नहीं. दूसरी शादी करने के बाद भी ये नौकरी उनके पास ही रहती है.
क्या नौकरी के लिए लगानी होती है अर्जी?
इसका जवाब है हां. कई लोगों को ऐसा लगता है कि मौत के बाद सरकारी महकमा खुद आकर नौकरी का लेटर देकर जाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है. इसके लिए आपको अर्जी करनी होती है. परिवार को मृत कर्मचारी के विभाग के पास एक फॉर्मेट में आवेदन करना होता है. इसके साथ ही मृत्यु प्रमाण पत्र, संपत्ति और देनदारियों का ब्योरा और परिवार के अन्य सदस्यों का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लगाना होता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क