ईरान vs अमेरिका: अब कॉलेज कैंपस बनेंगे 'बैटलग्राउंड'? जानिए क्यों न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के छात्रों को दी गई भागने की सलाह!

ईरान-इजरायल और अमेरिका की जंग अब क्लासरूम तक पहुंच गई है. ईरान ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) समेत खाड़ी देशों के तमाम इजरायली और अमेरिकी संस्थानों को 'सीधा टारगेट' घोषित कर दिया है. कतर की हाई-टेक 'एजुकेशन सिटी' से लेकर अबू धाबी के आलीशान कैंपस तक, हर तरफ मिसाइल हमलों का खौफ है. सवाल ये है कि क्या वाकई शिक्षा के इन मंदिरों को मलबे में तब्दील कर देगा ईरान? जानिए कौन से वो बड़े संस्थान हैं जो बदले का श‍िकार हो सकते हैं.

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मिड‍िल ईस्ट की 'एजुकेशन सिटी' में पसरा है सन्नाटा? (Photo: NYU Abudhabi FB page) मिड‍िल ईस्ट की 'एजुकेशन सिटी' में पसरा है सन्नाटा? (Photo: NYU Abudhabi FB page)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के शांत और आलीशान यूनिवर्सिटी कैंपस अब युद्ध के नए 'बैटलग्राउंड' बन सकते हैं. ईरान की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हुए कथित हमले के बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने खुली धमकी दी है कि वे खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और इजरायली शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाएंगे.

इस धमकी ने कतर से लेकर अबू धाबी तक के एजुकेशन हब में हड़कंप मचा दिया है. ईरान की धमकी के बाद खाड़ी देशों और इजरायल के भीतर चल रहे रहे प्रमुख संस्थानों पर सुरक्षा का 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया गया है. ये केवल यूनिवर्सिटीज नहीं, बल्कि इजरायल की 'इंटेलिजेंस' और 'हथियार' तकनीक के गढ़ हैं. हजारों छात्र और प्रोफेसर इस वक्त दहशत में हैं. आइए जानते हैं वो कौन से बड़े अमेरिकी और इजरायली शैक्षण‍िक संस्थान हैं, जो ईरान की 'हिट लिस्ट' में सबसे ऊपर हो सकते हैं. 

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न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU), अबू धाबी (UAE)

यह दुनिया के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित कैंपस में से एक है जहा 120 से ज्यादा देशों के छात्र पढ़ते हैं. यूएई और अमेरिका के मजबूत रक्षा संबंधों के कारण यह ईरान के लिए एक 'सॉफ्ट टारगेट' हो सकता है.

कतर की 'एजुकेशन सिटी' (दोहा)
कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका के 6 सबसे बड़े विश्वविद्यालयों के कैंपस हैं. यह पूरा इलाका 'एजुकेशन सिटी' के नाम से जाना जाता है. ये हैं वो कैंपस जिन पर मंडरया खतरा. 

टेक्सस एएंडएम (Texas A&M): यहां मुख्य रूप से इंजीनियरिंग और एनर्जी रिसर्च होती है.
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी (Georgetown): यहां ग्लोबल पॉलिटिक्स की पढ़ाई होती है.
कार्नेगी मेलन (Carnegie Mellon): कंप्यूटर साइंस और एआई का बड़ा केंद्र.
वील कॉर्नेल मेडिसिन (Weill Cornell): मेडिकल रिसर्च का हब.

अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरुत (AUB), लेबनान

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यह मिडिल ईस्ट की सबसे पुरानी और प्रभावशाली यूनिवर्सिटी है. अब लेबनान में हिजबुल्ला की मौजूदगी और ईरान के सीधे प्रभाव के कारण यहां हमला होने की आशंका सबसे ज्यादा जताई जा रही है.

टेक्लियन-इजरायल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Technion), इजरायल

प्रोफाइल: इसे 'मिडिल ईस्ट का MIT' कहा जाता है. ईरान ने विशेष रूप से इजरायली 'टेक्निकल' संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही है, क्योंकि यहां से इजरायल की डिफेंस तकनीक विकसित होती है. इजरायल के ज्यादातर रक्षा वैज्ञानिक और मिसाइल इंजीनियर यहीं से निकलते हैं. ईरान इसे अपना सबसे बड़ा खतरा मानता है.

बियर्ड कॉलेज (UAE): अब्राहम एकॉर्ड के बाद यूएई और इजरायल के बीच शिक्षा क्षेत्र में बड़ी साझेदारी हुई है. यहां इजरायली प्रोफेसर और छात्र रिसर्च करते हैं, जो ईरान को कतई पसंद नहीं है.

हिब्रू यूनिवर्सिटी ऑफ जेरूसलम: इजरायल की सबसे पुरानी और प्रभावशाली यूनिवर्सिटी. इसके कई कैंपस मिडिल ईस्ट की रणनीतिक सीमाओं के करीब हैं.

तेल अवीव यूनिवर्सिटी (TAU): साइबर सिक्योरिटी और नैनो-टेक्नोलॉजी में दुनिया की लीडर. ईरान का आरोप है कि यहाँ से उसके खिलाफ 'डिजिटल वॉर' छेड़ा जाता है. 

क्यों बढ़ी है टेंशन?
इन खाड़ी देशों के अमेरिकी कैंपस में लगभग 12-15% छात्र भारतीय मूल के हैं. कतर और यूएई की सरकारों ने इन कैंपस के बाहर सुरक्षा घेरा तीन गुना बढ़ा दिया है. वहीं कई संस्थानों ने आज (30 मार्च) से ही अपनी क्लासेज को 'वर्चुअल मोड' पर शिफ्ट करने का विचार शुरू कर दिया है.

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