देश की सबसे बड़ी स्कूली परीक्षा संस्था, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कार्यप्रणाली, आंतरिक व्यवस्था और हाल में चल रहे विवाद को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.सरकार के नए आदेश के मुताबिक, सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया गया है.
परीक्षाओं के मैनेजमेंट, मूल्यांकन प्रक्रियाओं में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों और जवाबदेही तय करने के मद्देनजर इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है.
पीएम की हस्तशेप के बाद आया फैसला
सरकार यह फैसला सीबीएसई की कॉपियों को जांचने और रिजल्ट के बाद के कामों पर कई हफ्तों से चल रही जांच के बाद लिया गया है. इस जांच की वजह से देश भर के छात्र, माता-पिता और शिक्षक काफी परेशान और चिंतित थे. सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि पीएम मोदी NEET पेपर लीक और सीबीएसई OSM मामले पर नजर बनाए हुए हैं. पीएम के हस्तशेप के बाद दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है.
सीबीएसई सुर्खियों में क्यों है?
सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों की ओर से स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखने में आ रही समस्याओं की शिकायत के बाद विवादों में है. कई उम्मीदवारों ने दावा किया कि उन्हें धुंधले आंसर शीट, गायब अनुभाग और बोर्ड की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. स्थिति तब और बिगड़ गई जब ओएसएम प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाए गए.
हिमांशु गुप्ता- सेक्रेटरी
बात केवल कॉपियों की जांच तक सीमित नहीं रही. बल्कि कॉपियों को ऑनलाइन जांचने वाले डिजिटल सिस्टम (OSM) पर भी सवाल उठने लगे. लोगों ने पूछा कि जिस कंपनी को कॉपियां जांचने का कंट्रैक्ट दिया गया, उसे कैसे चुना गया? क्या छात्रों का डेटा और नंबर ऑनलाइन सुरक्षित है? दोबारा कॉपी जांचने के काम में इतनी देरी क्यों हो रही है?
राहुल सिंह-चेयरमैन
OSM है सबसे बड़ा कारण
सीबीएसई चेयरमैन और सेक्रेटरी के तबादले के पीछे सबसे बड़ी वजह ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) में गड़बड़ी को माना जा रहा है. दरअसल, इस साल सीबीएसई ने 12वीं की कॉपियों की जांच OSM से कि थी. वहीं, इस बार सीबीएसई 12वीं रिजल्ट में गिरावट दर्ज की गई. 12वीं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने में छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. स्टूडेंट्स ने ये भी दावा किया था कि उनकी स्कैन कॉपी धुंधली है. तो वहीं कईयों ने कॉपी मिस होने, ठीक से कॉपी चेक होने की भी शिकायत दर्ज की थी.
स्कैन कॉपी प्राप्त करने में स्टूडेंट्स को हुई परेशानी
सीबीएसई चैयरमैन और सेक्रेटरी के तबादले के पीछे दूसरा सबसे बड़ी वजह थी स्टूडेंट्स को 12वीं की स्कैन कॉपी प्राप्त करने में आ रही परेशानी. दरअसल, बोर्ड ने कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए 19 मई से पोर्टल एक्टिव किया था लेकिन पोर्टल पहले दिन पूरे दिन ठप रहा, दूसरे दिन जब 2 बजे के करीब पोर्टल खुला तो, पेमेंट से जुड़ी शिकायतें आने लगी. इसके साथ ही पोर्टल कई दिन ठप रहा तो वहीं पोर्टल हैक होने का मामला भी इस बीच सामने आया था. इस दौरान बोर्ड की ओर से कई बार आवेदन की अंतिम तारीख आगे बढ़ाई गई.
सरकार ने दिए जांच के आदेश
सरकार ने सीबीएसई द्वारा ओएसएम सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की है. समिति यह देखेगी कि ठेका कैसे दिया गया और क्या सभी नियमों और प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन हुआ था. विवाद सामने आने के बाद सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव का तबादला किया गया, जिसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है. सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव का तबादला विवाद शुरू होने के बाद से की गई सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक के रूप में देखा जा रहा है. इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है क्योंकि भारत की सबसे बड़ी स्कूली परीक्षा प्रणालियों में से एक में पारदर्शिता, प्रौद्योगिकी और जवाबदेही को लेकर सवाल उठते रहते हैं.
हैक होने की बात भी आई थी सामने
CBSE बोर्ड की री-इवैल्यूएशन पोर्टल को एक्टिव कर दिया गया है. इसके बाद से करीब 16 हजार से अधिक आवेदन आए हैं. लेकिन इस बीच बोर्ड ने बड़ा दावा किया है.CBSE ने कहा कि 12वीं की कॉपियों के री-इवैल्यूएशन आवेदन पोर्टल को हैक करने की कोशिश की जा रही है. इस वजह से परेशानी आ रही है.
ऐश्वर्या पालीवाल / हिमांशु मिश्रा