फ्री फंड में धरना, नारे और भाषण का जमाना गया, अब नेता बनना आसान, पॉलिटि‍क्स में ऐसे बनाएं कर‍ियर

पांच राज्यों के चुनावों के बाद देश में राजनीति का माहौल बना है. कई बार ऐसे माहौल में युवा सोचते हैं कि राजनीति में तो वो भी जा सकते हैं लेकिन घर कैसे चलेगा, कमाईै कैसे होगी. ऐसे में जान लें कि राजनीति अब केवल मंच और रैली तक सीमित नहीं रही है. चुनाव डेटा, डिजिटल टीम और टेक्नोलॉजी की मदद से राजनीतिक लड़ाई लड़ी जाती है. जान‍िए- कैसे बन सकते हैं पॉलिट‍िक्स का हिस्सा..

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देश की पॉलिट‍िक्स में करियर कैसे बनाएं. (Representative Image) देश की पॉलिट‍िक्स में करियर कैसे बनाएं. (Representative Image)

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

क्या पांच राज्यों के चुनाव ने आपके भीतर भी नेता बनने की ख्वाहिश पैदा की है. हो सकता है आपने भी यही सोचा कि अरे पॉलिट‍िक्स एक बहुत लंबी प्रोसेस है. यहां जाना मतलब एक पूरी उम्र दे देना. ब‍िना कौड़ी कमाए समाज के ल‍िए कुछ करते रहना मेरे वश का नहीं है क्योंकि मेरे पास बैकअप नहीं है. घर कैसे चलेगा तो जान लें कि अब पॉलिट‍िक्स में बहुत कुछ बदल चुका है. 

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देश की राजनीति अब सिर्फ मंच, माइक और रैली तक सीमित नहीं रही. अब चुनाव डेटा, डिजिटल टीम और टेक्नोलॉजी से लड़े जाते हैं. यानी राजनीति में एंट्री सिर्फ सीन‍ियर नेताओं के पीछे चलकर, उनके भाषणों में तालियां पीटकर नहीं होती. अब इस फील्ड में नई तरह की नौकरियां पैदा हुई हैं. जहां आप राजनीतिक व‍िचारधारा के साथ जुड़कर पैसा कमाने के साथ साथ अपना कर‍ियर भी चमका सकते हैं. आइए जानते हैं कहां मिल सकते हैं जॉब्स...  

पॉलिट‍िक्स की डिजिटल सेना में होती है भर्ती

देख‍िए ये भी वक्त के साथ नया बदलाव है जोकि युवाओं के ल‍िए काफी फायदेमंद भी पहले पोस्टर छपते थे.
अब ट्वीट और रील बनती है. यही नहीं हर बड़े राजनीतिक दल की अपनी डिजिटल टीम होती है, जिसे आम भाषा में आईटी सेल कहा जाता है.

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ये होता है काम 

सोशल मीडिया पोस्ट बनाना
ट्रेंड चलाना
वीडियो क्लिप तैयार करना
नेताओं की ऑनलाइन इमेज संभालना

Reddit पर कई यूजर्स बताते हैं कि नए युवा कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन कंटेंट शेयर करने और डिजिटल कैंपेन चलाने का काम दिया जाता है.

डेटा एनालिस्ट: वोटर का दिमाग पढ़ने वाले लोग

एक और बदलाव जो तेजी से हुआ है, कि अब चुनाव सिर्फ भाषण से नहीं जीतते. अब राजनीतिक दल डेटा का इस्तेमाल करते हैं. मसलन किस इलाके में कौन मुद्दा चलेगा, किस जाति/उम्र के वोटर क्या सोचते हैं, 
किस बूथ पर कमजोर प्रदर्शन हुआ. इन कामों के ल‍िए भी करियर के मौके बढ़े हैं. इसके लिए पार्टीज और नेता डेटा एनाल‍िस्ट, सर्वे एक्सपर्ट, वोटर ब‍िहैव‍ियर एनालिस्ट जैसे पदों पर स्क‍िल्ड युवाओं की भर्ती करते हैं. इसके बाद चुनावी कैंपेन कंपनियां डेटा आधारित रणनीति बनती हैं.

सोशल मीडिया मैनेजर और कंटेंट क्रिएटर

अब खादी के कुर्तों में कभी कभार नजर आने वाले नेताओं का जमाना नहीं रहा. इन दिनों राजनीति भी कैमरा फ्रेंडली हो गई है.कुछ नेताओं की इमेज बनाने के ल‍िए पूरी टीम काम करती है. उनके सोशल मीड‍िया प्रजेंस को सक्र‍िय रखने के ल‍िए भी लोग होते हैं. 

इसके ल‍िए पॉलिट‍िकल कंटेंट राइटर, वीड‍ियो एड‍िटर, मीम क्र‍िएटर, स्पीच र‍िसर्चर और यूट्यूब स्ट्रेटजी मैनेजर भी होती है. सच पूछ‍िए तो अब नेताओं के भाषण के पीछे भी पूरी क्रिएटिव टीम काम करती है.

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पॉलिटिकल कंसल्टेंट: चुनाव के ‘बैकस्टेज डायरेक्टर’

अब राजनीति में आए इस बदलाव को भी समझ‍िए. अब पार्टीज में बैकस्टेज डायरेक्टर होते हैं, ये लोग खुद चुनाव नहीं लड़ते, लेकिन चुनाव जितवाते हैं. आज भारत में कई प्रोफेशनल इलेक्शन मैनेजमेंट एजेंसीज काम कर रही हैं.

काम क्या होता है?

चुनावी रणनीति
प्रचार प्लान
मीडिया मैनेजमेंट
ग्राउंड सर्वे

ग्राउंड वर्कर से डिजिटल प्रोफेशनल तक, ये हैं राजनीति में एंट्री के रास्ते 

पार्टी वेबसाइट से जॉइनिंग
मिस्ड कॉल सदस्यता
छात्र संगठन
सोशल मीडिया वॉलंटियर

असल में शुरुआत कार्यकर्ता से होती है, लेकिन आगे प्रोफेशनल रोल मिल सकता है.

कमाई कैसे होती है?

पार्टी नौकरी/कॉन्ट्रैक्ट रोल
चुनावी कैंपेन प्रोजेक्ट
कंसल्टेंसी फीस
मीडिया या रिसर्च जॉब
डिजिटल टीम सैलरी

ऐसे ही जुड़कर कुछ लोग फुल-टाइम राजनीतिक प्रोफेशनल बन जाते हैं. लेकिन सच ये है डिग्री से ज्यादा नेटवर्क और ग्राउंड अनुभव चलता है.

कौन लोग जा सकते हैं इस फील्ड में?
BA पॉलिट‍िकल साइंस 
जर्नल‍िज्म
डेटा एनालिस्ट 
डिजिटल मार्केट‍िंग 
पब्ल‍िक पॉल‍िसी आद‍ि. 

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