ईरान पर हमला किसी भी वक्त... THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्या है जो अमेरिका मिडिल ईस्ट भेज रहा है

ईरान पर हमला कभी भी हो सकता है... क्योंकि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिया है. यह बैलिस्टिक मिसाइलों को 150-200 किमी दूर से और 150 किमी ऊंचाई पर हिट-टू-किल टेक्निक से नष्ट करता है. ईरान की मिसाइलों से अमेरिकी बेस और इजरायल की रक्षा के लिए THAAD + पैट्रियट का लेयर्ड डिफेंस बनाया जा रहा है.

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ये है अमेरिका का थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम. (Photo: Reuters) ये है अमेरिका का थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम. (Photo: Reuters)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:09 AM IST

अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी तेज कर दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े आर्मडा की बात कही है, जिसमें USS Abraham Lincoln एयरक्राफ्ट कैरियर, कई डेस्ट्रॉयर और F-15E फाइटर जेट शामिल हैं.

साथ ही, अमेरिका ने THAAD और पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त बैटरी मिडिल ईस्ट भेजी हैं. यह सब ईरान के संभावित हमले से अमेरिकी फोर्सेस और सहयोगी देशों (जैसे इजरायल, UAE) की रक्षा के लिए है. 

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THAAD क्या है?

THAAD अमेरिकी आर्मी का एक एडवांस्ड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. इसका पूरा नाम Terminal High Altitude Area Defense है. यह बैलिस्टिक मिसाइलों (शॉर्ट, मीडियम और इंटरमीडिएट-रेंज) को उनके अंतिम चरण में रोकने के लिए बनाया गया है.

  • रेंज: 150-200 किमी (कुछ रिपोर्ट्स में 200 किमी तक).
  • ऊंचाई: 150 किमी तक (वायुमंडल के अंदर और बाहर दोनों).
  • स्पीड: इंटरसेप्टर मिसाइल लगभग 10,000 किमी/घंटा से तेज.
  • हिट-टू-किल टेक्नोलॉजी: इसमें विस्फोटक वॉरहेड नहीं होता. इंटरसेप्टर सीधे दुश्मन मिसाइल से टकराकर उसे नष्ट करता है – सिर्फ गति और ऊर्जा से.
  • मोबाइल और तेज तैनाती: ट्रक पर लगे लॉन्चर, रडार और कंट्रोल यूनिट – इसे घंटों में कहीं भी ले जाया जा सकता है.

THAAD कैसे काम करता है?  

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एक THAAD बैटरी में 90 सैनिक और ये कंपोनेंट्स होते हैं...

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  • AN/TPY-2 रडार (X-बैंड): 1000 किमी से ज्यादा दूर से मिसाइल डिटेक्ट करता है. यह बहुत हाई-रेजोल्यूशन वाला रडार है.
  • लॉन्चर: 6-8 ट्रक-माउंटेड लॉन्चर, हर लॉन्चर में 8 इंटरसेप्टर मिसाइल.
  • इंटरसेप्टर मिसाइल: सिंगल-स्टेज सॉलिड-फ्यूल रॉकेट, कोई वॉरहेड नहीं – सिर्फ हिट-टू-किल.
  • फायर कंट्रोल यूनिट: सब कुछ कंट्रोल करता है, अन्य सिस्टम (जैसे पैट्रियट, एजिस) से जुड़ सकता है.
  • सपोर्ट इक्विपमेंट: कमांड, कम्युनिकेशन और लॉजिस्टिक्स.

यह सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को नीचे उतरते समय में रोकता है – इससे WMD (विनाशकारी हथियार) का असर जमीन पर कम होता है.

अमेरिका क्यों THAAD मिडिल ईस्ट भेज रहा है? 

ईरान में विरोध प्रदर्शन और दमन के बाद तनाव चरम पर है. ईरान की सरकार अस्थिर बताई जा रही है. ईरान के पास शॉर्ट और मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें (जैसे शाहाब, फतेह) हैं, जो अमेरिकी बेस, इजराइल या जहाजों पर हमला कर सकती हैं. 

जून 2025 में अमेरिका-इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था. अब ट्रंप प्रशासन फिर हमले की तैयारी में है, लेकिन ईरान के जवाबी हमले से बचाव के लिए THAAD भेजा जा रहा है.  WSJ, NYT, CNN के अनुसार एक्स्ट्रा THAAD बैटरी कुवैत, सऊदी अरब, UAE या इजरायल में तैनात हो रही हैं.

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पहले से इजरायल में एक THAAD बैटरी (2023 से) है. THAAD + पैट्रियट मिलकर लेयर्ड डिफेंस बनाते हैं. THAAD ऊंचाई पर और पैट्रियट नीचे. ट्रंप ने कहा था कि हमने आर्मडा भेजी है, लेकिन उम्मीद है इस्तेमाल न करना पड़े. यह डिफेंसिव मूव है, लेकिन हमले की तैयारी भी दिखाता है.

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THAAD की सफलता और सीमाएं

  • सफलता: 17/17 फ्लाइट टेस्ट में सफल इंटरसेप्ट. 100% स्ट्राइक रेट. 
  • कॉम्बैट प्रूवन: 2025 के 12-दिन युद्ध में इजरायल की रक्षा में इस्तेमाल, 150+ इंटरसेप्टर खर्च हुए.
  • सीमाएं: महंगा (एक इंटरसेप्टर ~$12-13 मिलियन), स्टॉक सीमित (2025 में कम थे). ICBM (लंबी दूरी) के लिए नहीं, सिर्फ SRBM/MRBM/IRBM.

ईरान-यूएस तनाव में THAAD अमेरिका का शील्ड है – अगर ईरान मिसाइल दागे तो उसे रोकने के लिए काम आएगा. अभी स्थिति नाजुक है, अगले कुछ दिनों में और अपडेट आ भी सकते हैं. 

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