अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी तेज कर दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़े आर्मडा की बात कही है, जिसमें USS Abraham Lincoln एयरक्राफ्ट कैरियर, कई डेस्ट्रॉयर और F-15E फाइटर जेट शामिल हैं.
साथ ही, अमेरिका ने THAAD और पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की अतिरिक्त बैटरी मिडिल ईस्ट भेजी हैं. यह सब ईरान के संभावित हमले से अमेरिकी फोर्सेस और सहयोगी देशों (जैसे इजरायल, UAE) की रक्षा के लिए है.
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THAAD क्या है?
THAAD अमेरिकी आर्मी का एक एडवांस्ड एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है. इसका पूरा नाम Terminal High Altitude Area Defense है. यह बैलिस्टिक मिसाइलों (शॉर्ट, मीडियम और इंटरमीडिएट-रेंज) को उनके अंतिम चरण में रोकने के लिए बनाया गया है.
THAAD कैसे काम करता है?
एक THAAD बैटरी में 90 सैनिक और ये कंपोनेंट्स होते हैं...
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यह सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को नीचे उतरते समय में रोकता है – इससे WMD (विनाशकारी हथियार) का असर जमीन पर कम होता है.
अमेरिका क्यों THAAD मिडिल ईस्ट भेज रहा है?
ईरान में विरोध प्रदर्शन और दमन के बाद तनाव चरम पर है. ईरान की सरकार अस्थिर बताई जा रही है. ईरान के पास शॉर्ट और मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें (जैसे शाहाब, फतेह) हैं, जो अमेरिकी बेस, इजराइल या जहाजों पर हमला कर सकती हैं.
जून 2025 में अमेरिका-इजराइल ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था. अब ट्रंप प्रशासन फिर हमले की तैयारी में है, लेकिन ईरान के जवाबी हमले से बचाव के लिए THAAD भेजा जा रहा है. WSJ, NYT, CNN के अनुसार एक्स्ट्रा THAAD बैटरी कुवैत, सऊदी अरब, UAE या इजरायल में तैनात हो रही हैं.
पहले से इजरायल में एक THAAD बैटरी (2023 से) है. THAAD + पैट्रियट मिलकर लेयर्ड डिफेंस बनाते हैं. THAAD ऊंचाई पर और पैट्रियट नीचे. ट्रंप ने कहा था कि हमने आर्मडा भेजी है, लेकिन उम्मीद है इस्तेमाल न करना पड़े. यह डिफेंसिव मूव है, लेकिन हमले की तैयारी भी दिखाता है.
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THAAD की सफलता और सीमाएं
ईरान-यूएस तनाव में THAAD अमेरिका का शील्ड है – अगर ईरान मिसाइल दागे तो उसे रोकने के लिए काम आएगा. अभी स्थिति नाजुक है, अगले कुछ दिनों में और अपडेट आ भी सकते हैं.
ऋचीक मिश्रा