मादुरो पकड़े गए लेकिन वेनेजुएला की सेना US के सामने सरेंडर करने को तैयार नहीं? जानिए कितनी है ताकत

अमेरिकी सेनाओं ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपहरण कर लिया. मादुरो की सुरक्षा टीम के कई सदस्य मारे गए, लेकिन सेना ने सरेंडर से इनकार किया. रक्षा मंत्री लोपेज ने कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के प्रति वफादारी घोषित की और मादुरो की रिहाई मांगी. अमेरिका के मुकाबले वेनेजुएला की सेना बहुत कमजोर है.

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वेनेजुएला की सेना एक अभ्यास में भाग लेती हुई. (File Photo: AFP) वेनेजुएला की सेना एक अभ्यास में भाग लेती हुई. (File Photo: AFP)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:36 PM IST

3 जनवरी 2026 को अमेरिकी विशेष सेनाओं ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को काराकस के फोर्ट तिउना से अपहरण कर लिया. इस ऑपरेशन में मादुरो की पर्सनल सिक्योरिटी टीम के कई सदस्य मारे गए. लेकिन वेनेजुएला की सेना ने सरेंडर करने से इनकार कर दिया है.

रक्षा मंत्री व्लादिमीर लोपेज ने घोषणा की कि सेना कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के प्रति वफादार है. संसद जल्दी ही कामकाज शुरू करने वाली है, लेकिन सेना मदुरो की तुरंत रिहाई की मांग कर रही है. लोपेज ने चेतावनी दी है कि आज वेनेजुएला के साथ ऐसा हुआ, कल किसी भी देश के साथ हो सकता है. यह वैश्विक व्यवस्था के लिए खतरा है. क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब पूर्ण आक्रमण करेंगे? 

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ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व

अमेरिका ने 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के तहत मादुरो को गिरफ्तार किया. अमेरिका का आरोप है कि मादुरो नारको-ट्रैफिकिंग (ड्रग्स तस्करी) में शामिल हैं. मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन पर मुकदमा चलेगा. लेकिन वेनेजुएला ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया.

मादुरो के अपहरण के दौरान उनकी पर्सनल सिक्योरिटी टीम से लड़ाई हुई, जिसमें कई वेनेजुएला सैनिक मारे गए. फिर भी, वेनेजुएला की सेना ने अमेरिका के सामने झुकने से मना कर दिया. कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (मादुरो की उपराष्ट्रपति) ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि वेनेजुएला अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा. संसद जल्दी सत्र बुलाने वाली है, जहां मीदुरो की रिहाई के लिए प्रस्ताव पारित हो सकता है.

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रक्षा मंत्री लोपेज ने कहा कि हमारी सेना मजबूत है. हम अमेरिका के दबाव में नहीं आएंगे. यह सिर्फ वेनेजुएला का नहीं, पूरी दुनिया का मामला है. वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि अमेरिका की कार्रवाई की जांच हो. लेकिन ट्रंप ने दावा किया कि केवल अमेरिका ही ऐसी ऑपरेशन कर सकता है. वेनेजुएला में सत्ता बदलेगी.  

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वेनेजुएला की सेना की ताकत: सरेंडर क्यों नहीं?

वेनेजुएला की सेना (Bolivarian Armed Forces) मादुरो सरकार की रीढ़ है. इसमें रूसी और चीनी हथियार हैं, जैसे S-300 एयर डिफेंस सिस्टम और सु-30 फाइटर जेट. सेना का मनोबल ऊंचा है क्योंकि वे मादुरो को अपना नेता मानते हैं. लेकिन अमेरिका की तुलना में वेनेजुएला की सैन्य ताकत बहुत कम है. ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2025 के अनुसार, वेनेजुएला दुनिया में 50वें स्थान पर है, जबकि अमेरिका पहले स्थान पर. 

दोनों देशों की सेनाओं में तुलना

वेनेजुएला और अमेरिका की सैन्य ताकत की तुलना में बड़ा अंतर है. सक्रिय सैनिकों की संख्या में अमेरिका के पास 13 लाख 28 हजार जवान हैं, जो दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं, जबकि वेनेजुएला के पास सिर्फ 1 लाख 9 हजार सक्रिय सैनिक हैं, जो रैंक में 43वें स्थान पर है.

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रिजर्व सैनिकों में भी अमेरिका आगे है- 7 लाख 99 हजार 500 रिजर्व जवान, जबकि वेनेजुएला के पास केवल 8 हजार रिजर्व सैनिक हैं. हालांकि पैरामिलिट्री फोर्स में वेनेजुएला मजबूत है—2 लाख 20 हजार जवान, जबकि अमेरिका के पास कोई पैरामिलिट्री फोर्स नहीं है. 

वायुसेना में अमेरिका का पूरा दबदबा है. कुल विमानों की संख्या में अमेरिका के पास 13 हजार 43 विमान हैं, जबकि वेनेजुएला के पास सिर्फ 229 विमान हैं. फाइटर जेट में अमेरिका के 1790 जेट हैं. वेनेजुएला के पास मात्र 30. अमेरका के पास 5843 हेलीकॉप्टर हैं. वेनेजुएला के पास 88. अटैक हेलीकॉप्टर में भी अमेरिका के 1002 हैं. वेनेजुएला के सिर्फ 10. 

थलसेना में टैंकों की संख्या में अमेरिका के 4640 टैंक हैं. वेनेजुएला के 172. बख्तरबंद वाहनों में अमेरिका के 3 लाख 91 हजार 963 हैं. वेनेजुएला के पास 8802. सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी में अमेरिका के 671. वेनेजुएला के पास 48. 

नौसेना में अमेरिका के 440 जहाज हैं. वेनेजुएला के 34. अमेरिका के पास 11 विमानवाहक पोत हैं. वेनेजुएला के पास एक भी नहीं. पनडुब्बियों में अमेरिका के 70 हैं. वेनेजुएला की सिर्फ 1. 

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रक्षा बजट में सबसे बड़ा फर्क है—अमेरिका का 895 अरब डॉलर. वेनेजुएला का सिर्फ 4.09 अरब डॉलर. 

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यह तुलना दिखाती है कि अमेरिका हर क्षेत्र में वेनेजुएला से कहीं आगे है. अमेरिका की वायुसेना दुनिया की सबसे बड़ी है, जिसमें हजारों एडवांस विमान हैं. नौसेना में 11 विमानवाहक पोत हैं, जो किसी भी देश से ज्यादा हैं.

वेनेजुएला की सेना मुख्य रूप से रक्षा पर केंद्रित है, लेकिन आक्रमण की स्थिति में लंबे समय तक टिकना मुश्किल होगा. वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं (30 करोड़ बैरल), लेकिन आर्थिक संकट से सेना की रखरखाव प्रभावित है.

क्या ट्रंप पूर्ण आक्रमण करेंगे?

ट्रंप ने पहले वेनेजुएला पर आक्रमण की धमकी दी थी. अब मादुरो के अपहरण के बाद वेनेजुएला की चुनौती से अमेरिका नाराज है. अगर वेनेजुएला संयुक्त राष्ट्र या रूस-चीन से मदद मांगे, तो स्थिति बिगड़ सकती है. लेकिन पूर्ण आक्रमण से अंतरराष्ट्रीय विरोध हो सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका आर्थिक प्रतिबंध या साइबर हमले बढ़ा सकता है, लेकिन सीधा युद्ध कम संभावित है क्योंकि वेनेजुएला की सेना कमजोर है.

यह घटना दिखाती है कि छोटे देश भी बड़े देशों को चुनौती दे सकते हैं, लेकिन सैन्य ताकत में असमानता से खतरा बढ़ जाता है. वेनेजुएला की सेना की ताकत उसकी वफादारी में है, लेकिन अमेरिका की विशाल सेना के सामने टिकना चुनौतीपूर्ण होगा.

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