अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए एक ऐसा ऑपरेशन किया जो लगभग नामुमकिन लगता था. यह रेड सिर्फ 30 मिनट का था, लेकिन पीछे महीनों की तैयारी थी. मादुरो की गलतियों से यह संभव हुआ. लेकिन राष्ट्रपति जैसे बड़े टारगेट को किडनैप करना बहुत मुश्किल है. पकड़े न जाने के लिए क्या करना चाहिए था और क्या नहीं.
अमेरिका ने कैसे किया नामुमकिन काम?
वेनेजुएला अमेरिका जितना ताकतवर नहीं है, लेकिन उसके पास एयर डिफेंस सिस्टम, सैकड़ों एंटी-एयरक्राफ्ट कैनन और लाखों सैनिक हैं. फिर भी अमेरिका की डेल्टा फोर्स ने मादुरो को फोर्ट टियुना मिलिट्री कॉम्प्लेक्स से पकड़ लिया, जो सुरंगों से भरा और सुरक्षित माना जाता था.
तैयारी का राज: महीनों पहले अमेरिकी इंटेलिजेंस ने वेनेजुएला सरकार में घुसपैठ की. मादुरो की सुरक्षा, मूवमेंट्स और एयर डिफेंस की कमजोरियां मैप की गईं. RQ-170 सेंटिनेल ड्रोन्स और MV ओशन ट्रेडर जहाज से इंटेलिजेंस इकट्ठा किया गया.
साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर: रेड से पहले बिजली ग्रिड बंद कर दी गई, कम्युनिकेशन कट गया. F-35 स्टेल्थ फाइटर्स ने कमांड सेंटर्स पर हमला किया. EA-18G ग्राउलर्स ने रडार और नेटवर्क को ब्लाइंड कर दिया.
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एयर सपोर्ट: 150 विमान जैसे F-22 रैप्टर्स, F-35, F/A-18 सुपर हॉर्नेट्स, E-2D हॉकीज और B-1B लैंसर बॉम्बर्स ने हर खतरे को खत्म किया. महीनों की रेकी से पोजिशन्स पता थीं.
रेड का तरीका: MH-60M ब्लैक हॉक्स और MH-47G चिनूक्स हेलीकॉप्टर्स से डेल्टा फोर्स पहुंची. भारी गोलीबारी में 70 वेनेजुएला गार्ड मारे गए, अमेरिका की तरफ 7 जख्मी हुए (एक पायलट को 3 गोलियां लगीं).
रिहर्सल: डेल्टा फोर्स ने मादुरो के कॉम्प्लेक्स की कॉपी पर बार-बार प्रैक्टिस की. हर कमरे, दीवार और एंगल को मॉडल किया गया था.
यह रेड आसान लगी, लेकिन बहुत कॉम्प्लेक्स थी. मादुरो सुरंगों में पहुंचने से पहले पकड़ा गया.
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मादुरो की तीन गलतियां, जिनसे उसकी आजादी गई
मादुरो की कुछ गलतियां ऐसी थीं जो बचाई जा सकती थीं...
एयर डिफेंस की कमजोरी: कई सिस्टम थे, लेकिन वे अच्छे से जुड़े नहीं थे. साइबर हमले और इलेक्ट्रॉनिक डिसरप्शन से पूरा नेटवर्क फेल हो गया. बैटरी लोकेशंस लीक होने से डिफेंस बेकार हो जाता है.
काउंटर-इंटेलिजेंस का फेलियर: अमेरिका ने मादुरो पर इनाम रखा था. उसे अपना इनर सर्कल टाइट करना चाहिए था. अमेरिकी एजेंट्स ने सुरक्षा में घुसपैठ कर ली, जिससे सिचुएशनल सिक्योरिटी कमजोर हो गई.
सिग्नल डिसिप्लिन की कमी: आधुनिक कम्युनिकेशन आसान है, लेकिन ट्रैकिंग भी आसान कर देता है. मादुरो के सर्कल ने इलेक्ट्रॉनिक संचार इस्तेमाल किया, जो सिग्नल इंटेलिजेंस से ट्रैक हो गया. ओसामा बिन लादेन जैसे लोग सालों तक डिजिटल फुटप्रिंट से बचकर छिपे रहे.
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पकड़े न जाने के लिए क्या सीख?
आधुनिक युद्ध में रेड आखिरी कदम है. पहले टारगेट को मैप, अलग-थलग, अंधा और डिफेंस से कमजोर किया जाता है. राष्ट्रपति को किडनैप करने या पकड़े न जाने के लिए...
लेकिन याद रखें, ऐसा कोई काम गैरकानूनी और खतरनाक है. यह सिर्फ विश्लेषण है, किसी को उकसाने के लिए नहीं. अमेरिका की ताकत से वेनेजुएला जैसे देश सीख सकते हैं कि तैयारी कितनी जरूरी है.
अंकित कुमार / आकाश शर्मा