ईरान ने जिस F35 फाइटर जेट को गिराने का किया दावा... जानें उस अमेरिकी जेट की ताकत

F35 लाइटनिंग II दुनिया का सबसे एडवांस पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है. रडार से छिपकर हमला करता है. गति 1976 किमी/घंटा है. रेंज 1239 किमी है. इसमें 25 mm कैनन, हवा से हवा/जमीन वाली मिसाइलें और बम लग सकते हैं. तीन वैरिएंट (A, B, C) हैं. ईरान ने इन्फ्रारेड और 358 मिसाइल से मारकर गिरा दिया.

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ये है एफ-35 फाइटर जेट जिसे ईरान ने मारकर गिराया है. (File Photo: IAF) ये है एफ-35 फाइटर जेट जिसे ईरान ने मारकर गिराया है. (File Photo: IAF)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:10 PM IST

F-35 लाइटनिंग II अमेरिका का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान है. इसे दुनिया का सबसे एडवांस और महंगा फाइटर जेट माना जाता है. लॉकहीड मार्टिन कंपनी द्वारा बनाया गया यह जेट रडार से लगभग अदृश्य रहता है, यानी दुश्मन के रडार पर आसानी से नहीं पकड़ा जाता. 

यह हर मौसम में उड़ान भर सकता है. कई तरह के मिशन कर सकता है – हवाई युद्ध, जमीन पर हमला, जासूसी, सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर. 

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अमेरिका के अलावा 17 देश इस जेट को इस्तेमाल कर रहे हैं या खरीद रहे हैं. अब तक 1870 से ज्यादा पायलट और 13,500 मेंटेनेंस स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. F-35 बेड़े ने 6 लाख घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है.

F35 की मुख्य ताकत और स्पेसिफिकेशन

यह जेट एक पायलट द्वारा उड़ाया जाता है. इसकी लंबाई 51.4 फीट, विंगस्पैन 35 फीट और ऊंचाई 14.4 फीट है. अधिकतम गति 1,976 किमी/घंटा है. कॉम्बैट रेंज 1239 किमी है. यह 50 हजार फीट तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है. इसमें 25 mm की चार बैरल वाली GAU-22/A रोटरी कैनन लगी है, जो एक मिनट में 180 गोलियां दाग सकती है.

चार अंदरूनी और छह बाहरी हार्डपॉइंट्स हैं, जहां हवा से हवा, हवा से जमीन, एंटी-शिप मिसाइलें और चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. एडवांस सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और सेंसर फ्यूजन की वजह से पायलट को 360 डिग्री की जानकारी मिलती है.

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F-35 के तीन वैरिएंट और उनकी खासियत

F-35 के तीन अलग-अलग वैरिएंट हैं...

  • F35A – कन्वेंशनल टेकऑफ और लैंडिंग (CTOL). अमेरिकी वायु सेना इस्तेमाल करती है. कीमत करीब 670 करोड़ रुपये. 
  • F35B – शॉर्ट टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL). अमेरिकी मरीन कॉर्प्स इस्तेमाल करती है. जहाजों से सीधे उतर-चढ़ सकता है. कीमत लगभग 960 करोड़ रुपये.  
  • F35C – कैरियर-बेस्ड वर्जन. अमेरिकी नेवी के लिए. एयरक्राफ्ट कैरियर से ऑपरेट होता है. कीमत लगभग  920 करोड़ रुपये.

ये तीनों वैरिएंट अलग-अलग जरूरतों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन सभी में स्टेल्थ, स्पीड और हथियारों की ताकत एक जैसी है.

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ईरान जंग में F35 का पहला हमला – क्या हुआ?

19 मार्च 2026 को ईरान की एयर डिफेंस ने F35 फाइटर जेट को हिट कर दिया. अमेरिका का दावा है कि जेट इमरजेंसी लैंडिंग करके बेस पर उतरा, जबकि ईरान कहता है कि वो क्रैश हो गया. एक दूसरा F35 फाइटर जेट भी बंदर अब्बास के ऊपर हिट हुआ.

ट्रंप ने कहा था कि ईरान की एयर डिफेंस खत्म हो गई है, लेकिन ईरान ने इन्फ्रारेड सेंसर और 358 मिसाइल से जेट की गर्मी पकड़कर उसे मार गिराया. यह दुनिया का पहला F35 कॉम्बैट लॉस है.

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F35 क्रैश का इतिहास और खतरा

F35 कई बार क्रैश भी हुआ है. पिछले साल न्यू मेक्सिको में टेकऑफ के दौरान क्रैश हो गया. साउथ कैरोलिना में एक F35 लापता हो गया था, जो बाद में एक घर के पीछे क्रैश मिला. हर क्रैश में अमेरिका को 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होता है. यह अमेरिका का सबसे महंगा जेट प्रोग्राम है.

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ईरान जंग में इसका क्या मतलब?

F35 फाइटर जेट गिरने से अमेरिका की एयर सुपीरियरिटी पर सवाल उठे हैं. ईरान ने दिखा दिया कि स्टेल्थ जेट भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं. अब अमेरिका को ऑपरेशन दोबारा प्लान करना पड़ेगा – जेट्स ऊंचाई पर उड़ाएंगे, ज्यादा हथियार इस्तेमाल करेंगे. दुनिया भर में F35 खरीदने वाले देश अब सोचेंगे. 

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