चीन अंतरिक्ष में उड़ाएगा एयरक्राफ्ट कैरियर... कॉन्सेप्ट Video वायरल

चीन ने लुआननियाओ नामक विशाल अंतरिक्ष युद्धपोत का कॉन्सेप्ट वीडियो जारी किया है. यह तिकोन जहाज 800 फीट लंबा होगा, जो 88 मानवरहित फाइटर जेट्स और हाइपरसोनिक मिसाइलें ले जा सकेगा. विशेषज्ञ इसे प्रोपेगैंडा और अव्यवहारिक बता रहे हैं, क्योंकि जरूरी तकनीक अभी नहीं बनी.

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ये है चीन के स्पेस वॉरशिप का कॉन्सेप्ट वीडियो वायरल हो रहा है. (Videograb: Youtube/CCTV) ये है चीन के स्पेस वॉरशिप का कॉन्सेप्ट वीडियो वायरल हो रहा है. (Videograb: Youtube/CCTV)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:34 AM IST

चीन ने भविष्य के अंतरिक्ष युद्धपोत (स्पेस कैरियर) का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो स्टार वार्स फिल्मों की तरह दिखता है. इसका नाम लुआननियाओ (Luanniao) है, जो चीनी पौराणिक पक्षी से लिया गया है. 

चीनी सरकारी मीडिया (CCTV) ने हाल ही में इसका कंप्यूटर जनरेटेड वीडियो जारी किया, जिसमें यह विशाल जहाज अंतरिक्ष में उड़ रहा है. अनमैन्ड फाइटर जेट्स छोड़ता है. मिसाइलें दागता है. चीन का दावा है कि यह पोत हवा और अंतरिक्ष में दुश्मनों पर हमला कर सकेगा. हालांकि, विशेषज्ञ इसे फिलहाल सिर्फ एक कॉन्सेप्ट या प्रोपेगैंडा बता रहे हैं.

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लुआननियाओ क्या है?

आकार और डिजाइन: यह तिकोन जहाज लगभग 242 मीटर (लगभग 800 फीट) लंबा और पंखों की चौड़ाई 684 मीटर (लगभग 2,244 फीट) होगी. इसका टेकऑफ वजन 1,20,000 टन तक हो सकता है – जो दुनिया के सबसे बड़े जहाजों से भी बड़ा है.

क्षमताएं

  • 88 तक मानवरहित फाइटर जेट्स ले जा सकेगा. इन जेट्स को शुआन नू या Xuan Nu कहा जा रहा है. 
  • अंतरिक्ष की किनारे (पृथ्वी के वायुमंडल के ऊपरी हिस्से) से हाइपरसोनिक मिसाइलें दाग सकेगा.
  • दुश्मन के रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम से बचते हुए हमला कर सकेगा.

प्रोजेक्ट का नाम: यह नानतियानमेन (South Heavenly Gate) प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसे चीन की एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (AVIC) विकसित कर रही है. यह प्रोजेक्ट हवा और अंतरिक्ष को एक साथ जोड़कर रक्षा प्रणाली बनाने का लक्ष्य रखता है.

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समयसीमा: चीन का दावा है कि यह 20-30 साल में ऑपरेशनल हो सकता है.

चीनी मीडिया ने वीडियो में इसे अंतरिक्ष में तेजी से उड़ते और जेट्स छोड़ते दिखाया है, जो sci-fi फिल्मों जैसा लगता है.

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क्यों बनाया जा रहा है यह प्रोजेक्ट?

चीन अपनी सैन्य और अंतरिक्ष क्षमताओं को तेज़ी से बढ़ा रहा है. यह पोत दुश्मनों पर ऊपर से हमला करने की क्षमता देगा, जिससे जमीनी डिफेंस सिस्टम बेकार हो जाएं. यह क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों (जैसे ताइवान, भारत) और अमेरिका को संदेश है कि चीन अंतरिक्ष युद्ध में आगे निकलना चाहता है.

एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?

कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसे व्यावहारिक नहीं मान रहे...

ऑस्ट्रेलिया के ग्रिफिथ एशिया इंस्टीट्यूट के पीटर लेटन ने कहा कि जरूरी तकनीक अभी विकसित नहीं हुई है. इतने बड़े जहाज को उड़ाने के लिए बहुत ज्यादा ईंधन और नई प्रोपल्शन सिस्टम चाहिए, जो अभी नहीं है. अगर इसे ऑर्बिट में डाला जाए तो स्पेस डेब्रिस (कचरा) से खतरा होगा.

जर्मन मीडिया DW ने इसे सुपरवीपन या प्रोपेगैंडा कहा. उनका मानना है कि यह मनोवैज्ञानिक युद्ध है – चीनी जनता को प्रेरित करने और दुश्मनों को डराने के लिए. अमेरिकी थिंक टैंक भी इसे प्रोपेगैंडा बता रहे हैं, जो पश्चिमी देशों को चिंतित करके संसाधन बर्बाद करवाना चाहता है.

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फिलहाल यह सिर्फ कॉन्सेप्ट और वीडियो है, कोई वास्तविक निर्माण शुरू नहीं हुआ है. चीन पहले भी ऐसे भविष्य के हथियारों के कॉन्सेप्ट दिखाता रहा है.

आगे क्या?

यह प्रोजेक्ट चीन की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं का हिस्सा है. दुनिया भर के देश अंतरिक्ष में सैन्य क्षमताएं बढ़ा रहे हैं, लेकिन ऐसा विशाल स्पेस कैरियर बनाना अभी दूर की कौड़ी लगता है. अगर चीन इसमें सफल हुआ तो युद्ध की प्रकृति बदल जाएगी. अंतरिक्ष अब सिर्फ वैज्ञानिक अनुसंधान नहीं, बल्कि सेना का नया मैदान बन गया है.

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