60 साल बाद INS विक्रांत इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल... दुनिया देखेगी इसकी ताकत

60 साल बाद INS विक्रांत इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में लौट रहा है. भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर 18 फरवरी को विशाखापत्तनम तट पर बंगाल की खाड़ी में दुनिया की 60+ नौसेनाओं के सामने दिखेगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू INS सुमेधा से रिव्यू करेंगी.

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ये आईएनएस विक्रांत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तबकी तस्वीर है जब ऑपरेशन सिंदूर हो चुका था. (Photo: Indian Navy) ये आईएनएस विक्रांत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तबकी तस्वीर है जब ऑपरेशन सिंदूर हो चुका था. (Photo: Indian Navy)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:56 PM IST

भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक पल आने वाला है. भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत 18 फरवरी 2026 को इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 में हिस्सा लेगा. यह रिव्यू बंगाल की खाड़ी में विशाखापत्तनम के तट पर होगा. लगभग 60 साल बाद कोई भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर फ्लीट रिव्यू में दिखेगा – पिछली बार 1966 में मूल INS विक्रांत ने ऐसा किया था.

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IFR 2026 क्या है?

IFR एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय नौसेना कार्यक्रम है, जहां दुनिया की कई नौसेनाएं अपने युद्धपोतों के साथ जमा होती हैं. यह मैरीटाइम डिप्लोमेसी का माध्यम है. भारत ने 137 से ज्यादा देशों को निमंत्रण भेजा है. 60 से अधिक देशों ने हिस्सा लेने की पुष्टि की है.

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  • मुख्य दिन: 18 फरवरी 2026 – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर) फ्लीट की समीक्षा करेंगी. वे INS सुमेधा (स्वदेशी नेवल ऑफशोर पेट्रोल वेसल) से रिव्यू करेंगी, जिसे इस बार प्रेसिडेंट्स यॉट बनाया गया है.
  • अन्य कार्यक्रम: 15 से 25 फरवरी तक MILAN 2026 (मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज) और IONS (Indian Ocean Naval Symposium) चीफ्स कॉनक्लेव भी होंगे.

INS विक्रांत क्यों सबसे बड़ा आकर्षण?

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आईएनएस विक्रांत भारत का पहला घरेलू एयरक्राफ्ट कैरियर है. यह 45,000 टन का है. लंबाई 262.5 मीटर, चौड़ाई 61.6 मीटर. 1600 से ज्यादा लोग इसमें काम करते हैं (महिला अधिकारी भी शामिल).

  • हवाई जहाज: MiG-29K फाइटर जेट, MH-60R रोमियो हेलीकॉप्टर (अमेरिका से), Chetak, Sea King, Kamov-31 आदि. फ्रांस से 26 Rafale-M नेवल फाइटर आने वाले हैं, जो इसकी ताकत बढ़ाएंगे.
  • डिफेंस सिस्टम: 2 वर्टिकल लॉन्च सिस्टम (64 Barak-8 मिसाइलें), 4 OTO Melara 76 mm गन, 4 CIWS (क्लोज-इन वेपन सिस्टम).
  • क्षमता: एंटी-सबमरीन वारफेयर, एंटी-शिप अटैक, एयर डिफेंस, सर्वेलेंस, सर्च एंड रेस्क्यू. इसे फ्लोटिंग एयरफील्ड कहा जाता है.

ऑपरेशन सिंदूर में विक्रांत ने कमाल दिखाया: 2025 में भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान अरब सागर में तैनात होकर पाकिस्तानी नौसेना को बेस से बाहर आने से रोका. इससे कैरियर बैटल ग्रुप की ताकत साबित हुई. अब IFR में यह दुनिया को भारत की समुद्री शक्ति दिखाएगा.

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अन्य स्वदेशी जहाज भी होंगे शामिल

  • नीलगिरी-क्लास फ्रिगेट्स (प्रोजेक्ट 17A) – स्टेल्थ फ्रिगेट्स, 1980 के बाद पहली बार फ्लीट रिव्यू में.
  • विशाखापत्तनम- क्लास डेस्ट्रॉयर, अर्नाला-क्लास ASW कॉर्वेट्स आदि.

भारत की फ्लीट रिव्यू की परंपरा

  • 1953: पहला फ्लीट रिव्यू (बॉम्बे में).
  • 1966: मूल INS विक्रांत ने हिस्सा लिया.
  • 2001: पहला IFR (मुंबई में).
  • 2016: दूसरा IFR (विशाखापत्तनम में, थीम United Through Oceans).
  • 2026: तीसरा IFR – अब भारत बिल्डर नेवी बन चुका है, जहां स्वदेशी जहाजों पर जोर है.

IFR 2026 भारत की मैरीटाइम पावर, आत्मनिर्भरता और इंडो-पैसिफिक में नेतृत्व को दिखाएगा. यह दोस्ताना नौसेनाओं के साथ सहयोग बढ़ाएगा और डिटरेंस (रोकथाम) का संदेश देगा.

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