मध्य प्रदेश: अनाथ आश्रम में बच्चियों से रेप, बाप-बेटी को मिली उम्रकैद

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक विशेष अदालत ने अनाथ आश्रम में नाबालिग लड़कियों के साथ रेप करने और उनका यौन उत्पीड़न करने के मामले में 79 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर और उसकी बेटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

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मध्य प्रदेश के शिवपुरी का मामला मध्य प्रदेश के शिवपुरी का मामला

मुकेश कुमार

  • भोपाल,
  • 08 मई 2018,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक विशेष अदालत ने अनाथ आश्रम में नाबालिग लड़कियों के साथ रेप करने और उनका यौन उत्पीड़न करने के मामले में 79 वर्षीय सेवानिवृत्त प्रोफेसर और उसकी बेटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है. दोनों आरोपियों को मरते दम तक जेल की सलाखों के पीछे रहना होगा. इसके साथ ही उन पर 16-16 हजार रुपये जुर्माना भी लगा है.

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विशेष न्यायाधीश अरुण कुमार वर्मा ने सरकारी कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर केएन अग्रवाल (79) और अनाथ आश्रम संचालित करने वाली उसकी अधिवक्ता बेटी शैला अग्रवाल (50) को नाबालिग अनाथ लड़कियों के बलात्कार, मारपीट करने, धमकाने और उनके साथ अत्याचार करने के मामले में कल दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

अभियोजन के अनुसार वर्तमान घटना सामने आने के काफी पहले से अभियुक्त शैला अग्रवाल शंकुतला परमार्थ समिति का संचालन किया करती थी, जहां बालगृह के रूप में बालिकायें संरक्षित रखी जाती थीं. बाल कल्याण समिति और बाल संरक्षण अधिकारी को इस संस्था में संरक्षित अवयस्क बालिकाओं का यौन शोषण किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी.

इस संबंध में 16 नवंबर 2016 को आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हुआ. अभियोजन के अनुसार इस आश्रम में 23 बालिकाएं रहती थीं. इनमें से छह ने उनके साथ रेप किए जाने की बात कही थी. इस खुलासे के बाद शैला और उसके पिता को गिरफ्तार कर इस आश्रम को सील कर दिया गया था. यह मामला उस वक्त काफी सुर्खियों में रहा था.

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नींद की गोलियां देकर करते थे रेप

पुलिस ने सजा के लिए कोर्ट में जो सबूत पेश किए, उसमें कहा गया कि लड़कियों से मारपीट की जाती थी. इसके बाद उन्हें डराया-धमकाया जाता था कि इस संबंध में किसी को मत बताना. कोर्ट ने माना कि आश्रम में रह रहीं 12 से 16 साल तक की 6 नाबालिग लड़कियों के साथ रेप होता था. उन्हें नींद की गोलियां देते थे. मारपीट करके रेप भी किया जाता था.

दो लड़कियों ने किया था खुलासा

बताते चलें कि 1 अक्टूबर 2016 को दो लड़कियां बालगृह से भाग गई थीं. इन लड़कियों को पुलिस ने अशोकनगर से बरामद किया था. बाल कल्याण समिति ने दोनों लड़कियों से बातचीत की थी. इस दौरान एक लड़की ने यौन शोषण का खुलासा किया था. इसके बाद सीडब्ल्यूसी के सदस्य एसपी मोहम्म्द यूसुफ कुर्रेशी से मिले. इसके बाद कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने संज्ञान लिया.

6 बच्चियों ने कबूली रेप की बात

इसके बाद अनाथ आश्रम में रह रहीं लड़कियों की काउंसिलिंग की गई, जिसमें 6 बच्चियों ने अपने बयानों में रेप की बात कबूली. महिला संसाधन केंद्र ग्वालियर की समन्वयक सरिता शुक्ला ने फरियादी बनकर सिटी कोतवाली में केस दर्ज कराया था. इसके बाद ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करके जांच की थी.

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