प्रद्युम्न केस: दूसरा चश्मदीद बोला- मैंने कंडक्टर को खून साफ करने से मना किया था

गुरुग्राम के रेयान स्कूल में 7 साल के मासूम बच्चे प्रद्युमन की हत्या के मामले की जांच में लगातार खुलासे हो रहे हैं. 'आज तक' पर इस मामले के एक चश्मदीद ने बड़ा खुलासा किया है. चश्मदीद सुभाष गर्ग ने 'आज तक' के कैमरे पर कहा कि, 'मैंने कंडक्टर अशोक के कपड़ों पर खून लगा देखा था. तब मुझे लगा कि उसे कहीं चोट लगी है.

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चश्मदीद ने किया बड़ा खुलासा चश्मदीद ने किया बड़ा खुलासा

चिराग गोठी

  • गुरुग्राम,
  • 12 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 2:55 PM IST

गुरुग्राम के रेयान स्कूल में 7 साल के मासूम बच्चे प्रद्युमन की हत्या के मामले की जांच में लगातार खुलासे हो रहे हैं. 'आज तक' पर इस मामले के एक चश्मदीद ने बड़ा खुलासा किया है. चश्मदीद सुभाष गर्ग ने 'आज तक' के कैमरे पर कहा कि, 'मैंने कंडक्टर अशोक के कपड़ों पर खून लगा देखा था. तब मुझे लगा कि उसे कहीं चोट लगी है. जब ये मामला सामने आया तो उसके बाद मैंने अशोक को खून साफ करने से मना किया था.'

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चश्मदीद सुभाष गर्ग ने कहा कि इस वारदात के सामने आने के बाद उसने घटनास्थल पर किसी को भी जाने से रोकने की कोशिश की. साथ ही कहा कि बाथरूम को पुलिस के आने तक बंद करना चाहिए. घटना के बाद की स्थिति के बारे में सुभाष गर्ग ने बताया कि बच्चे को इस हाल में देखकर स्कूल वाले रो रहे थे.

इससे पहले 'आज तक' ने एक और दिखाया था. जिस बस में आरोपी अशोक कंडक्टर था उसके ड्राइवर सौरभ ने कई खुलासे किए. सौरभ ने 'आज तक' संवाददाता से बातचीत में बताया कि उसकी बस के टूल बॉक्स में चाकू नहीं था. सौरभ ने बताया, घटना के बाद उसने अशोक की शर्ट पर खून के निशान देखे थे.

इस बारे में पूछे जाने पर अशोक ने सौरभ से कहा कि वह खून से लथपथ प्रद्युम्न को कार तक लेकर गया था. इसी वजह से उसकी शर्ट पर खून लग गया. सौरभ की मानें तो अशोक से कई बार स्कूल का टॉयलेट इस्तेमाल करने को लेकर मना किया गया, इसके बावजूद वह उस टॉयलेट में जाता था.

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क्या है मामला

बीते शुक्रवार गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी क्लास में पढ़ने वाले 7 साल के मासूम प्रद्युम्न की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. कत्ल का इल्जाम स्कूल बस के कंडक्टर अशोक पर लगा. पुलिस पूछताछ में अशोक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. अशोक ने पुलिस को बताया कि उसने प्रद्युम्न के साथ की थी. नाकाम होने पर पकड़े जाने के डर से उसने प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या कर दी.

असल गुनहगार को बचाने की कोशिश

प्रद्युम्न के माता-पिता समेत दर्जनों अभिभावकों ने मासूम की मौत के बाद इंसाफ के लिए प्रदर्शन किया. स्कूल के पास स्थित शराब की दुकान को आग के हवाले कर दिया गया. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, इसमें पत्रकारों समेत कई लोग घायल हुए थे. प्रद्युम्न के माता-पिता ने कहा कि असल गुनहगार को बचाने के लिए बस कंडक्टर को फंसाया जा रहा है, लिहाजा उन्होंने इस केस की जांच CBI से कराने की मांग की.

 

 

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