मैनेजमेंट का स्टूडेंट निकला अपहरण का मास्टरमाइंड, बच्चे को छुड़ाया गया

पुलिस ने भोपाल से अपहृत हुये 14 वर्षीय मोहित मीणा को सकुशल मुक्त करा लिया. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. अपहरण की योजना मैनेजमेंट के एक स्टूडेंट ने बनाई थी.

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पुलिस ने चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया

परवेज़ सागर / BHASHA

  • भोपाल,
  • 05 मई 2016,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

पुलिस ने भोपाल से अपहृत हुए 14 वर्षीय मोहित मीणा को सकुशल मुक्त करा लिया. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. अपहरण की यह योजना मैनेजमेंट के एक स्टूडेंट ने बनाई थी.

भोपाल में पुलिस महानिरीक्षक योगेश चौधरी ने बताया कि भोपाल पुलिस और क्राइम ब्रांच ने 36 घंटे लगातार संयुक्त कार्रवाई करके किशोर को कुरावर से मुक्त करा लिया है. पुलिस ने एक ऑपरेशन के तहत इस मामले में चार अपहरणकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों में 20 वर्षीय अरूण मीणा, मलखान मीणा, राजा सल्लाम और 19 वर्षीय राहुल लोधी शामिल है.

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आईजी चौधरी ने बताया कि 14 वर्षीय मोहित मीणा शहर से सटे बर्रई गांव के निवासी और क्षेत्र के धनी किसान अवधनारायण मीणा का पुत्र है. आरोपियों ने बीती 2 मई को एक करोड़ की फिरौती के लिये बर्रई गांव से ही उसका कर लिया था.

पुलिस के मुताबिक इस पूरी योजना का मास्टर माइंड अरूण मीणा है. जो खुद बर्रई गांव का रहने वाला है. वह भोपाल के नामी कॉलेज में मैंनेजमेंट प्रथम वर्ष का छात्र है. आईजी ने बताया कि वह बहुत पैसा कमाकर विदेश में बसना चाहता था. इसी योजना को अंजाम देने के लिये उसने धनी किसान अवधनारायण मीणा के पोते का अपहरण कर लिया था.

आईजी ने बताया कि अरूण की योजना में तीन अन्य साथी भी शामिल थे. उन्होंने मोहित को गांव से उठाने की योजना बनाई. घटना के दिन राहुल खेत दिखाने के बहाने मोहित को चोरी की बाइक पर बैठाकर ले गया और आगे मलखान को भी साथ ले लिया. बाद में दोनों ने मिलकर मोहित को कुरावर ले गए और उसे बंधक बना लिया.

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परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस को दर्ज कराई. उसके बाद पुलिस को बर्रई गांव के अरूण और राजा की गतिविधियां सदिग्ध लगी. इन दोनों पर बारीकी से निगाह रखी गई. शक कुछ पुख्ता हुआ तो अरूण को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर पूरे षड़यंत्र का खुलासा हो गया.

पुलिस ने जाल फैलाकर कुरावर से मोहित को सकुशल छुड़ा लिया. इस मामले में विशेष तकनीकी सहयोग के लिये प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र सिंह को 10,000 रुपये का ईनाम देने की घोषणा की गई है. पुलिस ने केस को सुलझाने के लिए सर्विलांस की मदद ली थी. मोहित के परिजन उसके वापस आ जाने से खासे खुश हैं.

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