नोएडा: नेशनल जूनियर प्रो कबड्डी के नाम पर साइबर ठगी, खिलाड़ियों में रोष

प्रो कबड्डी लीग की चकाचौंध और लोकप्रियता को देखते हुए ठगों ने जूनियर प्रो कबड्डी प्रतियोगिता कराने का खेल रचा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से कबड्डी खिलाड़ियों से ट्रायल के नाम पर पैसे ऐंठ लिए.

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ठगी का शिकार जूनियर कबड्डी खिलाड़ी ठगी का शिकार जूनियर कबड्डी खिलाड़ी

तनसीम हैदर / विवेक पाठक

  • नोएडा,
  • 12 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:18 PM IST

नोएडा हाई टेक सिटी होने के साथ अब साइबर ठगों की नगरी बन चुका है. इसका उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला जब साइबर ठगों ने राष्ट्रीय जूनियर प्रोफेशनल कबड्डी के नाम पर 150 खिलाड़ियों से ठगी की.

वेबसाइट के जरिए पहले इन खिलाड़ियों से पंजीकरण के नाम पर अकाउंट में पैसे जमा कराए गए और इन्हें सोमवार को ट्रायल के लिए नोएडा स्टेडियम बुलाया गया. लेकिन जब मौके पर आयोजकों का पता नहीं चला तब स्टेडियम प्रबंधन सहित खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत पुलिस से की.

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नोएडा में सीनियर प्रो कबड्डी की तरह जूनियर प्रोफेशनल कबड्डी के नाम पर अंडर 15 और 17 के ट्रायल के लिए करीब 150 खिलाड़ियों को ट्रायल के लिए सोमवार को नोएडा स्टेडियम बुलाया गया. जिसमें लड़के और लड़कियां दोनों ही शामिल थे. आयोजकों ने www.kbdjunior.com नाम की वेबसाइट के द्वारा आवेदकों से ऑनलाइन ट्रायल की राशि मंगवाई थी. ऑनलाइन राशि जमा करने के बाद ट्रायल में शामिल होने के लिए खिलाड़ियों को वेबसाइट के माध्यम से एक एंट्री टिकट भी जारी किया गया, जिसके आधार पर ट्रायल में हिस्सा लेने की बात कही गई थी. रजिस्ट्रेशन की आखिरी तिथि के बाद अब न तो वेबसाइट खुल रही है और ना ही आयोजकों के फोन नंबर लग रहे हैं.

मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, बिजनौर सहित कई जिलों के खिलाड़ियों को नोएडा बुलाया गया था. ये सभी खिलाड़ी सुबह 8 बजे अपने कोच के साथ नोएडा स्टेडियम पहुंच गए थे. लेकिन इनका ट्रायल लेने के लिए कोई आयोजक मौजूद नहीं था. दूर-दूर से आए इन खिलाड़ियों ने जब स्टेडियम प्रबंधन से इस बारे में बात की तो ऐसी कोई प्रतियोगिता या ट्रायल होने से उन्होंने इनकार कर दिया. उन्होंने बताया कि ऐसे किसी आयोजन के लिए स्टेडियम की बुकिंग नहीं की गई है.

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इसके बाद ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए आए खिलाड़ी मार्च करते हुए नोएडा सेक्टर 6 स्थित एसपी सिटी के कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए. जिसके बाद कुछ पीड़ितों से एसपी सिटी ने मुलाकात की और माना कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. उन्होंने स्टेडियम प्रबंधन सहित पीड़ित खिलाड़ियों से तहरीर लेकर मामले की जांच को साइबर सेल और कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया.

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