दिल्ली: आश्रम से छुड़ाई गई लड़कियों का आरोप- चिल्ड्रन होम में हैं बंधक

लड़कियों के परिजनों ने उन्हें चिल्ड्रन होम से मुक्त करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. परिजनों का कहना है कि उनकी बेटियां वयस्क हैं, इसके बावजूद उन्हें अवैध तरीके से चिल्ड्रन होम में बंधक की तरह रखा गया है.

Advertisement
मुक्त कराई गई लड़कियों ने लगाया CWC पर बंधक बनाकर रखने का आरोप मुक्त कराई गई लड़कियों ने लगाया CWC पर बंधक बनाकर रखने का आरोप

आशुतोष कुमार मौर्य

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 1:07 PM IST

दिल्ली में आध्यात्मकि विश्वविद्यालय के नाम पर पापशाला चलाने वाले वीरेंद्र देव दीक्षित की करतूतों का भंडाफोड़ होने के बाद अब मामले में नया मोड़ आया है. पूरे मामले में पुलिस और बाल कल्याण समिति ही अब आरोपों के घेरे में आ गई है. पाप की पाठशाला चलाने वाले वीरेंद्र दीक्षित के आध्यात्मकि विश्वविद्याल से मुक्त कराई गई 48 लड़कियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें CWC ने जबरन चिल्ड्रन होम में बंधक बना रखा है.

Advertisement

इन लड़कियों के परिजनों ने उन्हें चिल्ड्रन होम से मुक्त करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की है. परिजनों का कहना है कि उनकी बेटियां वयस्क हैं, इसके बावजूद उन्हें अवैध तरीके से चिल्ड्रन होम में बंधक की तरह रखा गया है. इतना ही नहीं परिजनों ने लड़कियों पर चिल्ड्रन होम में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया है.

परिजनों ने याचिका में कहा है कि उनकी बेटियों की उम्र के वेरिफिकेशन में अज्ञात कारणों से देरी की जा रही है. चिल्ड्रन होम में रखी गई एक 19 वर्षीय लड़की की मां ने अन्य परिजनों की ओर से यह याचिका दायर की है. वकील अमोल खोकने ने यह याचिका दायर की है. परिजनों की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में आज सुनवाई होनी है.

Advertisement

चिल्ड्रन होम में रखी गई लड़कियों ने चीफ जस्टिस से भी इसकी लिखित शिकायत की है कि CWC ने उन्हें हुआ है. चीफ जस्टिस को भेजी शिकायत में लड़कियों ने लिखा है कि चिल्ड्रन होम में उनसे ऐसे-ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनसे उनका कोई लेना-देना भी नहीं है.

लड़कियों का कहना है कि जब उन्होंने अपने परिजनों से बात करने की इच्छा जताई तो उनसे कहा गया कि पहले उनकी पहचान वेरीफाई की जाएगी उसके बाद ही बात करने की इजाजत मिलेगी. उनका कहना है कि जब उन्हें यहां लाया गया तो उनसे कहा गया था कि उन्हें सिर्फ एक दिन वहां रखा जाएगा, लेकिन बीते 13 दिन से उन्हें वहां बंधक बनाकर रखा गया है.

इतना ही नहीं लड़कियों का आरोप है कि उन्हें न तो उनका सामान दिया जा रहा है और न ही उन्हें उनकी दवा दी जा रही है. लड़कियों ने चिल्ड्रन होम में गंदी चादरों, पानी, नहाने और कपड़े धोने वाले साबुन की कमी को लेकर भी शिकायत की है.

गौरतलब है कि कुछ परिजनों द्वारा अपनी बेटियों के आध्यात्मकि विश्विद्यालय में बंधक बनाकर रखने और उनका किए जाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दायर करने के बाद दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग (DCW) की टीम ने 19 दिसंबर, 2017 को छापेमारी कर वीरेंद्र दीक्षित के आश्रमों से इन लड़कियों को मुक्त कराया था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »