आखिर क्या है हनीप्रीत-राम रहीम के दूसरे राजदारों का पंजाब कनेक्शन?

पवन इंसान सहित डेरे के कई राजदारों की गिरफ्तारी पंजाब से हुई है. आखिरकार पवन किसके संरक्षण में 85 दिनों से छुपा रहा. पंजाब में डेरा के फरार मुजरिमों का कौन मददगार है? क्या वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व विधायक हरमिंदर सिंह जस्सी और पंजाब पुलिस के लोग उनकी मदद कर रहे हैं?

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राम रहीम और उसकी चहेती हनीप्रीत राम रहीम और उसकी चहेती हनीप्रीत

मुकेश कुमार / मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 21 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:45 PM IST

राम रहीम के बड़े राजदार पवन इंसान की गिरफ्तारी पंजाब के मोहाली के लालडू से हुई है. इससे पहले 3 अक्टूबर को राम रहीम की चहेती हनीप्रीत की गिरफ्तारी भी मोहाली के जीरकपुर से हुई थी. इस तरह पंचकूला हिंसा के बाद फरार डेरे के मोस्ट वांटेड पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार हुए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि बाबा के राजदारों का पंजाब कनेक्शन क्या है?

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हनीप्रीत ने अपनी फरारी के ज्यादातर दिन पंजाब के कई शहरों और गांवों में बिताए थे. डेरे के दूसरे बड़े राजदारों की गिरफ्तारी भी पंजाब से हुई है. आखिरकार वह किसके संरक्षण में 85 दिनों से छुपा रहा. पंजाब में डेरा के फरार मुजरिमों का कौन मददगार है? क्या कांग्रेसी नेता और पूर्व विधायक हरमिंदर सिंह जस्सी और पंजाब पुलिस उनकी मदद कर रहे हैं?

राम रहीम के समधी जस्सी पर हनीप्रीत और डेरा के लोगों की मदद करने के आरोप लगे. ये आरोप उनके करीबी रिश्तेदार और डेरा के पूर्व सेवादार भूपेंद्र सिंह गोरा ने लगाए थे. हालांकि, जस्सी ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था, लेकिन सूत्र बताते हैं की उनकी जेड प्लस सिक्योरिटी में लगे कुछ सुरक्षाकर्मी कई दिनों तक हनीप्रीत को सुरक्षा देते रहे.

सिक्योरिटी की आड़ में छोड़ा था डेरा

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पंजाब पुलिस के कुछ कमांडोज हनुमानगढ़ में भी देखे गए थे. हनीप्रीत ने 28 अगस्त को जस्सी की जेड प्लस सिक्योरिटी की आड़ में ही डेरा छोड़ा था. 25 अगस्त को राम रहीम के काफिले में शामिल 400 गाड़ियों में ज्यादातर पंजाब नंबर की थी. सूत्रों की मानें तो पंजाब के मोहाली के एक बड़े बिल्डर द्वारा प्रायोजित दर्जनों गाड़ियां भी इस काफिले में शामिल थी.

28 अगस्त की रात निकली हनीप्रीत

फिलहाल पंचकूला पुलिस ने इस बड़े बिल्डर की गर्दन तक अपने हाथ नहीं डाले हैं और न ही कांग्रेसी नेता हरमिंदर सिंह जस्सी से कोई पूछताछ की है. सूत्रों के मुताबिक, 28 अगस्त की रात हनीप्रीत इंसान अपने दो बड़े सूटकेसों में काफी मात्रा में कैश और दूसरी कीमती सामान लेकर डेरा निकली थी. इस पूरे मामले में सुखदीप कौर ने उसकी मदद की थी.

सुखदीप कौर ने किया था खुलासा

सुखदीप कौन ने हरियाणा पुलिस को बताया था कि 38 दिनों की फरारी के दौरान हनीप्रीत को कई जगहों से कैश मिलता रहा. हनीप्रीत जितनी भी नकदी चाहिए होती थी वह किसी अज्ञात व्यक्ति को फोन करके मंगा लेती थी. क्या हनीप्रीत ने अपने साथ लाया कैश अपने मददगारों में बांट दिया था? क्या उस तक पहुंचाया गया पैसा उसी का था, जो छिपा रखा था?

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हनीप्रीत की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सूत्रों के मुताबिक, डेरा प्रवक्ता पवन इंसान की गिरफ्तारी के बाद की मुंहबोली बेटी हनीप्रीत इंसान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. एक ओर जहां पुलिस पवन इंसान के जरिए फरार चल रहे डेरा के दूसरे बड़े राजदार डॉक्टर आदित्य इंसान को गिरफ्तार कर सकती है. वहीं, यह दोनों प्रवक्ता हनीप्रीत इंसान के खिलाफ कई राज उगल सकते हैं, जिससे मुश्किल बढ़ेगी.

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