दिल्ली: शातिर चोरों के गिरोह का पर्दाफाश, बदल देते थे मोबाइल का IMEI नंबर

दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की पुलिस की ATS ने मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने गिरफ्तार चोरों के पास से कंप्यूटर और IMEI नंबर बदलने वाला कीमती डिवाइस भी बरामद कर लिया है.

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चोरों के पास से मिली IMEI नंबर बदलने वाली डिवाइस चोरों के पास से मिली IMEI नंबर बदलने वाली डिवाइस

तनसीम हैदर / आशुतोष कुमार मौर्य

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 6:30 PM IST

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली और आस-पास के इलाकों में सक्रिय चोरों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने बताया कि यह गिरोह चोरी करने के बाद मोबाइल फोन के IMEI नंबर ही बदल देते थे, जिससे चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक कर पाना मुश्किल हो जाता था. पुलिस ने गिरोह के 3 चोरों को गिरफ्तार किया है.

इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपका मोबाइल छीन लिया जाए या चोरी हो जाए तो पुलिस भी उसे ढूंढ नहीं पाएगी. पुलिस के मुताबिक, दरअसल यह गिरोह चोरी करन के बाद मोबाइल फोन को एक मशीन की मदद से उनके IMEI नम्बर चंद मिनटों में बदल देते थे.

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दिल्ली और एनसीआर समेत देश के कई राज्यों की पुलिस भी इस IMEI नम्बर के गोरखधंधे से परेशान है, क्योंकि पुलिस चोरी गए फोन को ट्रैक ही नहीं कर पाती थी. दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की पुलिस की ATS ने मोबाइल के आईएमईआई नंबर बदलने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस ने गिरफ्तार चोरों के पास से कंप्यूटर और भी बरामद कर लिया है. दरअसल दिल्ली पुलिस की एंटी थेफ्ट सेल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक खास गैंग इलाके में मोबाइल चोरी कर आईएमईआई नंबरों की हेराफेरी का काम करता है.

खुफिया सूचना मिलने के बाद ATS की टीम ने ACP नरेश यादव के नेतृत्व में गिरोह के दो चोरों करुण और जुहैद को पकड़ लिया. दोनों के पास से दो मोबाइल बरामद हुए. दोनों ने पुलिस को बताया कि डिलाइट सिनेमा के पास मोहम्मद एजाज नाम के शख्स को वे आईएमईआई नम्बर बदलने के लिए फ़ोन दिया करते थे.

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आईएमईआई नंबर बदलने के बाद वे नए आईएमईआई नंबर वाले मोबाइल बेच दिया करते थे. पुलिस ने करुण और जुहैद की मदद से एज़ाज़ को भी गिरफ्तार कर लिया है. एजाज के घर से कंप्यूटर और हार्डवेयर डिवाइस मिले हैं. एज़ाज़ ने बताया कि उसका भाई हार्डवेयर इंजीनियर है.

एजाज ने बताया कि उसने हार्डवेयर की जानकारी अपने भाई से ली, जबकि आईएमईआई नंबर बदलने का फॉर्मूला उसने गूगल और यूट्यूब से सीखा. इसके बाद उसने चोरों और जेबकतरों से संपर्क स्थापित किया चोरी और लूट के मोबाइल फोन्स के करने लगा.

पुलिस ने एज़ाज़ के पास से 28 मोबाइल बरामद किए हैं. एजाज को ये चोरी के मोबाइल मिले थे, जिनके आईएमईआई बदलने थे. पुलिस अब उन बदमाशों को तलाश में जुट गई है, जो एज़ाज़ को आईएमईआई नंबर बदलने के लिए चोरी के मोबाइल देते थे.

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