Lakhimpur Kheri Violence: अभी नहीं होगी आशीष मिश्रा की जेल से रिहाई, जमानत से पहले फंसा ये पेंच!

Lakhimpur Kheri Violence: लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा के मामले में आशीष मिश्रा को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है. लेकिन अभी भी आशीष की रिहाई को लेकर पेंच फंसा हुआ है. ऐसे में माना जा रहा है कि आशीष के जेल से बाहर आने की डगर अभी भी मुश्किल भरी है. पढ़ें ये खबर...

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आशीष मिश्रा की रिहाई में फंसा पेंच आशीष मिश्रा की रिहाई में फंसा पेंच

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 10 फरवरी 2022,
  • अपडेटेड 2:03 AM IST
  • 9 अक्टूबर को हुई थी आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी
  • आशीष मिश्रा पर किसानों को गाड़ी से रौंदने का आरोप

उत्तर प्रदेश में गुरुवार से चुनाव की शुरुआत हो गई. पहले दौर में आज पश्चिमी यूपी की 58 सीटों पर वोट डाले गए. इसी बीच लखीमपुर हिंसा केस में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई. हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा को जमानत दी है. लेकिन अभी आशीष के जेल से बाहर आने में पेंच फंसा हुआ है. ऐसे में आशीष की रिहाई मुश्किल में फंसती नजर आ रही है. 

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जानकारी आ रही है कि कल (शुक्रवार को) लखीमपुर कोर्ट में आशीष मिश्रा की जमानत के लिए जमानतदार और बेल बांड नहीं दाखिल होगा. ऐसे में आशीष मिश्रा की अभी रिहाई नहीं हो सकती है. बताया जा रहा है कि बेल ऑर्डर में 302 और 120 B नहीं होने की वजह से आशीष मिश्रा की रिहाई में अभी समय लग सकता है.

ये भी पढ़ें-- Lakhimpur Kheri violence: लखीमपुर हिंसा में 14 आरोपी, फिर आशीष मिश्रा ही क्यों बना 'मुख्य आरोपी'?

गुरुवार को जो हाई कोर्ट से बेल ऑर्डर हुआ है, उसमें 302 और 120 B शामिल नहीं है. जिसके बाद अब नए ऑर्डर में 302 और 120 B भी शामिल होने के बाद ही आशीष मिश्रा की जमानत रिहाई की कार्रवाई शुरू होगी. वहीं बताया जा रहा है कि शुक्रवार को आशीष मिश्रा की तरफ से हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में ऑर्डर करेक्शन की अर्जी डाली जाएगी.

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इन शर्तों पर मिली आशीष शर्मा को जमानत

- आशीष मिश्रा गवाहों और सबूतों को प्रभावित या नष्ट करने की कोशिश नहीं करेंगे.

- केस के निस्तारण में पूरी तरह सहयोग करेंगे. आशीष मिश्रा ट्रायल कोर्ट में मौजूद रहेंगे.

- उन्हें बिना इजाजत के राज्य को छोड़कर कहीं जाने की इजजात नहीं होगी.


अखिलेश यादव का तंज

इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है. जिसमें लिखा, 'ख़बरदार रहना ज़ुल्मी हुकूमत की सियासत से, उनके पाले-पोसे बाहर आ रहे हैं.. हिरासत से.

जयंत चौधरी ने किया तंज

रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने भी आशीष की जमानत पर सवाल उठाए हैं. राष्ट्रीय लोक दल (Rashtriya Lok Dal) के मुखिया जयंत ने ट्वीट कर आशीष को बेल मिलने पर तंज कसते हुए कहा, 'क्या व्यवस्था है. चार किसानों को रौंदा, चार महीनों में जमानत.

प्रियंका गांधी ने साधा पीएम पर निशाना

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. प्रियंका गांधी ने कहा, मैं पीएम मोदी से पूछना चाहती हूं कि कोई नैतिकता है या नहीं?

प्रियंका ने आगे कहा, पीएम मोदी में क्या देश और देशवासियों के प्रति, किसानों के प्रति कोई नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, आपके मंत्री के बेटे ने किसानों के साथ ऐसा किया. सबसे पहले तो आप उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तैयार नहीं थे. सबने संघर्ष किया. तब जाकर आशीष मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है. लेकिन आप अभी भी मंत्री के साथ खड़े हैं.

आशीष मिश्रा पर ये 3 बड़े आरोप

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1. हथियारों का इस्तेमाल : एसआईटी के मुताबिक, तिकुनिया गांव में हिंसा के दौरान जो गोलियां चली थीं, वो आशीष मिश्रा और अंकित दास के लाइसेंसी हथियार से चली थीं.

2. दोस्तों की संलिप्तता : आशीष मिश्रा के अलावा 13 और लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. ये सभी आशीष मिश्रा से जुड़े थे. अंकित दास और सुमित जायसवाल हिंसा में शामिल थे.

3. मौके पर मौजूदगी : सीनियर प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (एसपीओ) एसपी यादव ने बताया था कि केस डायरी में गवाहों के बयान के आधार पर मौके पर आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की मौजूदगी थी.

क्या हुआ था 3 अक्टूबर को?

- 3 अक्टूबर को डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य लखीमपुर खीरी के दौरे पर थे. उन्हें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के गांव बनवीरपुर में दंगल कार्यक्रल में शामिल होना था.

- डिप्टी सीएम मौर्य को रिसीव करने के लिए बनवीरपुर से तीन गाड़ियां निकलीं. लेकिन रास्ते में तिकुनिया गांव में किसानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

- इसके बाद किसानों से झड़प हो गई. आरोप लगा कि आशीष मिश्रा ने अपनी थार जीप किसानों पर चढ़ा दी. इससे 4 किसानों की मौत हो गई. इसके बाद हिंसा भड़क गई, जिसमें 3 बीजेपी कार्यकर्ता और 1 पत्रकार की मौत हो गई.

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