पंजाब में बड़ा आतंकी मॉड्यूल बेनकाब... तरन तारन से IED, RDX और RPG लॉन्चर बरामद, ISI की साजिश उजागर

पंजाब के तरन तारन में पुलिस ने बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस दौरान पुलिस ने IED, RDX और RPG लॉन्चर बरामद किए हैं. इस मामले में ISI कनेक्शन और मलेशिया लिंक भी सामने आया है. पूरे मामले की छानबीन की जा रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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पंजाब पुलिस इस बरामदगी को बड़ी कामयाबी मान रही है (फोटो-ITG) पंजाब पुलिस इस बरामदगी को बड़ी कामयाबी मान रही है (फोटो-ITG)

कमलजीत संधू

  • तरन तारन,
  • 29 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:57 PM IST

पंजाब में एक बार फिर बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. पंजाब पुलिस ने तरनतारन जिले में एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं. इस कार्रवाई को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क काफी समय से भारत में आतंकी साजिशों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था. इस खुलासे के बाद पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.

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यह कार्रवाई 27 अप्रैल 2026 को पटियाला जिले के शंभू इलाके में रेलवे ट्रैक पर IED ब्लास्ट की कोशिश के बाद शुरू हुई जांच के दौरान सामने आई. पटियाला पुलिस और SSOC अमृतसर ने मिलकर तरनतारन के गांव पंजवार खुर्द में छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने 1 RPG लॉन्चर, 2.296 किलो का मेटैलिक IED, डेटोनेटर और बैटरी, 1.456 किलो RDX के दो पैक, एक हैंड ग्रेनेड, तीन हाई-एंड पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और दो वायरलेस सेट बरामद किए. इतनी बड़ी मात्रा में हथियार मिलना इस नेटवर्क की खतरनाक मंशा को साफ दर्शाता है.

जांच में खुलासा हुआ है कि यह आतंकी मॉड्यूल मलेशिया में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था. फंडिंग भी मलेशिया के जरिए ही भेजी जा रही थी, जिससे भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके. पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के तार सीधे पाकिस्तान की ISI से जुड़े हुए हैं. यही नहीं, इस मॉड्यूल के कनेक्शन सिरहिंद रेलवे ट्रैक ब्लास्ट और मोगा CIA दफ्तर पर हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़े होने की आशंका है, जिसकी गहन जांच जारी है.

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पुलिस ने इससे पहले भी इस मॉड्यूल से जुड़े कई अहम सबूत बरामद किए थे. इनमें एक बम, दो पिस्टल, जिंदा कारतूस, IED बनाने का कच्चा सामान और एक लैपटॉप शामिल था. इन बरामदगी से यह साफ हो गया है कि यह गिरोह लंबे समय से आतंकी हमलों की योजना बना रहा था. तकनीकी उपकरणों और विस्फोटक सामग्री की मौजूदगी से यह भी संकेत मिलता है कि इनके पास हमलों को अंजाम देने की पूरी तैयारी थी.

इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड परदीप सिंह खालसा बताया जा रहा है, जो मानसा जिले का रहने वाला है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार वही इस मॉड्यूल का प्रमुख संचालक था और मलेशिया में बैठे खालिस्तान समर्थक आतंकियों के संपर्क में था. वह इन विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर भारत में आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था. इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनसे पूछताछ जारी है.

दरअसल, 28 अप्रैल की रात पटियाला के पास राजपुरा-शंभू रेलवे ट्रैक पर एक कम तीव्रता का विस्फोट हुआ था. यह विस्फोट मालगाड़ियों के लिए इस्तेमाल होने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर हुआ था. इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और जांच तेज कर दी गई. इसी जांच के दौरान पूरे आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के और कितने सदस्य सक्रिय हैं और उनकी अगली साजिश क्या थी.

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