बर्खास्त हेड कांस्टेबल ने साथियों के साथ मिलकर कारोबारी से ठगे 4 लाख रुपये, चढ़े पुलिस के हत्थे

मुंबई में नौकरी से निकाले गए पुलिस कांस्टेबल ने पत्रकार और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर एक ज्वेलरी कारोबारी को चार लाख रुपये का चूना लगा दिया. दरअसल यह गैंग छापा मारने के नाम पर कारोबारी की दुकान पर पहुंचा और नियमों को हवाला देकर चार लाख रुपये ऐंठ लिए.

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छापेमारी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश छापेमारी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 30 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 3:19 PM IST
  • पुलिस ने सभी को किया गिरफ्तार
  • धमका कर ले लिए 4 लाख रुपये

दक्षिणी मुंबई के अग्रीपाड़ा पुलिस ने एक व्यवसायी से चार लाख रुपये की ठगी करने के मामले में बर्खास्त हेड कांस्टेबल और एक पत्रकार समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी ने कांस्टेबल ने खुद को अपराध शाखा का अधिकारी बताया था और उसका मुख्य मकसद व्यवसायी को धमका कर उससे पैसे ऐंठना था.

नौकरी से निकाले गए हेड कांस्टेबल चंद्रकांत गावरे, योगेश लाड, वार्ड ब्वॉय सागर सिंह (39) और एक पत्रकार को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने धोखाधड़ी के इस मामले में सभी को जाल बिछाकर गिरफ्तार किया.

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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में गावरे को देखा जिसके बाद उसके अन्य साथियों को भी निशानदेही के आधार पर पकड़ लिया गया.

दरअसल बीती 27 अप्रैल को मुंबई सेंट्रल इलाके के पास सोने का कारोबार करने वाले व्यवसायी ने पुलिस से संपर्क किया और कुछ लोगों के खिलाफ चार लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई. 

36 साल के कारोबारी मोहम्मद सिराज ने पुलिस को बताया कि चार लोग दोपहर 2 बजे के आसपास उसकी दुकान पर आए और उसे बताया कि उसके पास व्यवसाय चलाने के लिए आवश्यक लाइसेंस और अनुमति नहीं है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि, चार लोगों के समूह ने कारोबारी को यह कहकर धमकी दी कि यह एक छापेमारी है और उन्हें परिसर में रसोई गैस के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है.

अधिकारी के मुताबिक कारोबारी को ठगने के लिए आए लोगों ने धमकी दी कि अगर सहयोग नहीं किया तो उनकी सोने को पिघलाने वाली मशीनों को जब्त कर लिया जाएगा. इसके बाद मामले को रफादफा करने के लिए उन ठगों ने उनसे चार लाख रुपये की मांग की.

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पुलिस के मुताबिक उस वक्त कारोबारी के पास दो लाख रुपये ही थे, इसलिए उन्होंने तुरंत एक दोस्त को फोन किया और बाकी रकम का इंतजाम कर उन्हें दे दिया.

उन्हें ठगी का एहसास तब हुआ जब कारोबारी ने घर जाकर अपनी पत्नी को घटना के बारे में जानकारी दी. 

पत्नी ने अपने पति को पुलिस से संपर्क करने और शिकायत दर्ज करने के लिए मना लिया. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.50 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं. उन्हें दो मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 392, 341, 170, 419, 420 और 34 के तहत केस दर्ज किया गया है. (इनपुट - देव कोटक)

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