हैदराबाद के सिकंदराबाद इलाके में एक दिल दहला देने वाले लूट और हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस मामले में दो डिलीवरी बॉय को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने मध्य प्रदेश के एक प्रवासी मजदूर को महज कुछ रुपये और मोबाइल फोन की खातिर मौत के घाट उतार दिया था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई इलेक्ट्रिक बाइक भी बरामद कर ली है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय धाबी विनोद और 19 वर्षीय मक्कला मोहन के रूप में हुई है. विनोद किराना डिलीवरी का काम करता था, जबकि मोहन एक फूड डिलीवरी कंपनी में डिलीवरी एग्जीक्यूटिव था. दोनों हैदराबाद के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं. पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था.
मृतक की पहचान 38 वर्षीय जय प्रकाश देशमुख के रूप में हुई, जो मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का रहने वाला था. वह हैदराबाद में राजमिस्त्री के तौर पर काम करता था और अलग-अलग निर्माण स्थलों पर रहकर मजदूरी करता था. परिवार की आर्थिक मदद के लिए वह लंबे समय से शहर में काम कर रहा था.
इस हत्याकांड का खुलासा 3 जून की सुबह हुआ, जब लल्लागुडा पुलिस को डायल 100/112 पर सूचना मिली कि रेलवे ब्रिज और तुकारामगेट के बीच बाईपास रोड के पास एक व्यक्ति खून से लथपथ पड़ा हुआ है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की.
पुलिस को मौका-ए-वारदात पर जय प्रकाश की लाश मिली, जिसके सिर पर गंभीर चोटों के निशान मौजूद थे. जांच के दौरान दो खून से सने पत्थर भी बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल हत्या में किए जाने की आशंका है. इसके अलावा वहां एक शराब की बोतल और भूरे रंग का बैग भी मिला. मृतक के पास कोई पहचान पत्र नहीं होने के कारण शुरुआत में उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया था.
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की. वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चार विशेष टीमों का गठन किया गया. मृतक की पहचान के लिए उसकी तस्वीरें विभिन्न पुलिस कमिश्नरेट, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गईं. लगभग तीन दिन बाद मध्य प्रदेश में रहने वाले मृतक के परिजनों ने सोशल मीडिया पर तस्वीर देखकर उसकी पहचान की.
इसके बाद वे गांधी अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे और उसकी पहचान की पुष्टि की. परिवार ने पुलिस को बताया कि जय प्रकाश 2 जून को काजीपेट से सिकंदराबाद अपने भाई से मिलने के लिए निकला था, जो मियापुर में रहता है. घटना से पहले उसका मोबाइल फोन अचानक बंद हो गया था.
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाए. साथ ही स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी भी एकत्र की गई. इन सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही और 8 जून को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने जय प्रकाश को मोंडा मार्केट के पास से यह कहकर अपनी बाइक पर बैठाया था कि वे उसे सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पास छोड़ देंगे. लेकिन वे उसे एक सुनसान इलाके में ले गए, जहां पहले से उसे लूटने की योजना बनाई गई थी. जब जय प्रकाश ने विरोध किया तो दोनों ने पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
हत्या के बाद आरोपी मृतक के पास मौजूद सिर्फ 110 रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए. पुलिस के अनुसार, आरोपी धाबी विनोद का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ वर्ष 2021 में मल्काजगिरी पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज हुआ था. दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
अब्दुल बशीर