पुणे के आईटी हब हिंजवड़ी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत में नई बहस छेड़ दी है. नासिक में सामने आए कथित कॉर्पोरेट जिहाद के आरोपों के बाद अब एक महिला कर्मचारी ने अपनी कंपनी और एक सहकर्मी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का कहना है कि उसे लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया.
महिला के अनुसार वह हिंजवड़ी स्थित एक आईटी कंपनी में कार्यरत थी. इसी दौरान उसके एक मुस्लिम सहकर्मी ने उससे लगातार संपर्क बढ़ाने की कोशिश की. शिकायतकर्ता का आरोप है कि सहकर्मी ने उसे प्रेम संबंध बनाने के लिए दबाव डाला और इस्लाम धर्म अपनाने के लिए भी बार-बार कहा.
महिला ने दावा किया कि आरोपी सहकर्मी ने उसे शादी का प्रस्ताव दिया था. इसके साथ ही विदेश में बसाने और बेहतर भविष्य का लालच भी दिया गया. महिला का कहना है कि यह सब धर्म परिवर्तन स्वीकार करने की शर्त पर किया जा रहा था. हालांकि उसने हर बार इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया.
जब महिला ने इन कथित हरकतों का विरोध किया तो उसने मामले की शिकायत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से की. उसे उम्मीद थी कि कंपनी उसकी शिकायत पर कार्रवाई करेगी. लेकिन महिला का आरोप है कि शिकायत करने के बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं तथा उसे संगठन के भीतर ही प्रताड़ना का सामना करना पड़ा.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी और मानव संसाधन (HR) विभाग के सदस्य प्रबंधन के साथ मिलकर उसे नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर करने लगे. महिला का कहना है कि उसके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई ताकि वह खुद कंपनी छोड़ दे.
महिला के मुताबिक एक दिन अचानक उसके लैपटॉप के पासवर्ड बदल दिए गए. उसे इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी. इसके बाद उसके ऑफिस सिस्टम तक पहुंच भी रोक दी गई. इतना ही नहीं, उसने आरोप लगाया कि उसकी जानकारी और सहमति के बिना उसके नाम से इस्तीफा भी जमा कर दिया गया.
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने लगातार इस मामले की शिकायत की, लेकिन उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया. उसने आरोप लगाया कि कंपनी के भीतर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की गई और उस पर नौकरी छोड़ने के लिए मानसिक दबाव बनाया गया. महिला के अनुसार उसे धमकियों का भी सामना करना पड़ा.
नौकरी जाने और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने के बाद महिला ने कानूनी रास्ता अपनाने का फैसला किया. उसके वकीलों की ओर से कंपनी को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है. नोटिस में कथित रूप से जबरन कराए गए इस्तीफे को रद्द करने और उसे दोबारा नौकरी पर बहाल करने की मांग की गई है.
कानूनी नोटिस में यह भी कहा गया है कि महिला को नौकरी से दूर रहने की अवधि का पूरा वेतन दिया जाए. इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न और कथित प्रताड़ना के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की गई है. कंपनी से लिखित रूप में माफी मांगने की भी मांग रखी गई है.
इस पूरे मामले की जांच अब पुलिस कर रही है. हिंजवड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बालाजी पंढारे ने बताया कि यह जांच की जा रही है कि संबंधित आईटी कंपनी ने इस संवेदनशील मामले में POSH Act के तहत क्या कदम उठाए. उन्होंने कहा कि आरोपी महिला सुपरवाइजर को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया है. पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
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