अहमदाबाद के ओढ़व इलाके में रहने वाला 23 वर्षीय मेडिकल छात्र ध्वनित राजदीप पिछले 12 दिनों से जॉर्जिया में लापता है. बेटे से किसी भी तरह का संपर्क नहीं होने की वजह से परिवार गहरे सदमे में है. ध्वनित के माता-पिता लगातार उसके एक फोन कॉल का इंतजार कर रहे हैं. मां धर्मिष्ठा राजदीप का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता डॉक्टर मयूर राजदीप हर संभव कोशिश में जुटे हुए हैं. परिवार ने भारत सरकार से बेटे को सुरक्षित वापस लाने की अपील की है.
ध्वनित राजदीप पढ़ाई में बेहद होनहार छात्र बताया जा रहा है. वह करीब चार साल पहले मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था. लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उसके माता-पिता ने सुरक्षा को देखते हुए उसे जॉर्जिया शिफ्ट कर दिया था. ध्वनित पिछले दो साल से ज्यादा समय से जॉर्जिया की काकेशस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई कर रहा था. परिवार के मुताबिक उसका पूरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर था और वह किसी तरह की नौकरी भी नहीं करता था. ध्वनित ने कई रिसर्च पेपर भी लिखे थे और उसे स्कॉलर स्टूडेंट माना जाता था.
परिवार के अनुसार पिछले एक महीने से ध्वनित जिस पीजी में रह रहा था, वहां उसे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. बताया गया कि वह दक्षिण भारत के अनिल नाम के व्यक्ति के घर में किराए पर रह रहा था. ध्वनित ने वहां रहने के लिए किराया और डिपॉजिट भी दिया था. लेकिन कुछ ही दिनों बाद वहां रहने वाले अन्य लोग उसे परेशान करने लगे. उसका टिफिन खा लिया जाता था, पैसे चोरी हो जाते थे और कपड़े तक फेंक दिए जाते थे. इन घटनाओं से परेशान होकर ध्वनित ने नया कमरा लेने का फैसला किया था.
डॉक्टर मयूर राजदीप ने बताया कि जब ध्वनित ने अनिल से कमरा खाली करने और डिपॉजिट वापस करने की बात कही, तो विवाद शुरू हो गया. अनिल ने डिपॉजिट लौटाने से इनकार कर दिया. परिवार डिपॉजिट छोड़ने को भी तैयार था, लेकिन इसके बावजूद विवाद बढ़ता गया. ध्वनित ने नया कमरा ले लिया था और अपना आधा सामान भी वहां शिफ्ट कर दिया था. लेकिन जब वह बाकी सामान लेने पुराने PG पहुंचा, तो उस पर दरवाजा तोड़ने का आरोप लगाकर उससे अतिरिक्त पैसे मांगे गए. परिवार का कहना है कि ध्वनित ने दबाव में आकर वह पैसे भी दे दिए थे.
डॉक्टर मयूर के मुताबिक इसके बाद हालात और गंभीर हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि अनिल और उसके साथियों ने ध्वनित का फोन छीन लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया था. इस दौरान उनकी अनिल से कॉल और चैट पर बातचीत भी हुई. पिता का आरोप है कि अनिल ने अभद्र भाषा में बात की और पैसों की मांग की. परिवार ने वह रकम भी भेज दी थी. इसके बाद ध्वनित को छोड़ा गया और वह टैक्सी लेकर वहां से निकल गया. ध्वनित ने अपने पिता को बताया था कि इसी तरह पहले भी एक लड़की के साथ व्यवहार किया गया था, जिसके बाद वह जॉर्जिया छोड़कर चली गई थी.
इन घटनाओं के बाद डॉक्टर मयूर ने अपने बेटे के लिए भारत वापसी का टिकट भेजा था. परिवार के अनुसार 14 मई को ध्वनित अपने कमरे से पासपोर्ट और फोन लेकर निकला था. उसी दिन दोपहर में उसकी अपने पिता से फोन पर बात हो रही थी. लेकिन करीब 20 सेकंड बाद अचानक कॉल कट गया. इसके बाद से उसका फोन लगातार स्विच ऑफ है. परिवार ने तुरंत भारतीय दूतावास, कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस को जानकारी दी, लेकिन अब तक ध्वनित का कोई सुराग नहीं मिला है. यही वजह है कि परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
ध्वनित के पिता डॉक्टर मयूर राजदीप ने जॉर्जिया में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि अगर कोई अपने बेटे को सुरक्षित देखना चाहता है तो उसे जॉर्जिया पढ़ाई के लिए नहीं भेजना चाहिए. उनका आरोप है कि जॉर्जिया पुलिस, कॉलेज प्रशासन और स्थानीय लोगों की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है. हालांकि भारतीय दूतावास लगातार परिवार के संपर्क में है और सहायता कर रहा है. डॉक्टर मयूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बेटे को वापस लाने की भावुक अपील की है.
ध्वनित का बड़ा भाई मिहिर राजदीप कनाडा में रहता है. छोटे भाई के लापता होने की खबर मिलते ही वह जॉर्जिया पहुंच गया. परिवार के मुताबिक मिहिर रोज कॉलेज और पुलिस स्टेशन के चक्कर लगा रहा है, लेकिन कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा. डॉक्टर मयूर ने आरोप लगाया कि इस मामले में दक्षिण भारत के अनिल, उसकी दोस्त मान्या और एक स्थानीय जॉर्जियन नागरिक की भूमिका संदिग्ध है. परिवार का कहना है कि इन लोगों ने ध्वनित को सोशल मीडिया पर भी बदनाम किया. इतना ही नहीं, ध्वनित के खाते से 6 हजार डॉलर और बाद में 500 डॉलर ट्रांसफर करवाए गए थे, जिसके सबूत भी पुलिस को सौंपे गए हैं.
ध्वनित की मां धर्मिष्ठा राजदीप ने भी बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए भावुक अपील की है. उन्होंने बताया कि 13 मई की रात उनकी ध्वनित से आखिरी बार बात हुई थी. उस समय ध्वनित ने कहा था कि उसने अपना सामान शिफ्ट कर लिया है और रूम पार्टनर उसे परेशान कर रहे हैं. धर्मिष्ठा का कहना है कि जॉर्जिया पुलिस को अनिल समेत सभी संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर सख्त पूछताछ करनी चाहिए. लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस बार-बार संदिग्धों को छोड़ दे रही है.
अब ध्वनित का परिवार हर संभव स्तर पर मदद मांग रहा है. डॉक्टर मयूर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी से मिलने का समय भी मांग चुके हैं. परिवार का मानना है कि अगर भारत सरकार के शीर्ष नेता जॉर्जिया प्रशासन से सीधे बातचीत करें तो ध्वनित का पता लगाया जा सकता है. 12 दिनों से लापता ध्वनित आखिर किस हालत में होगा और क्या वह सुरक्षित है, यही सवाल अब परिवार के साथ-साथ हर किसी के मन में उठ रहा है. इस मामले ने एक बार फिर विदेश में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अतुल तिवारी