अगर आप व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन हैं तो होशियार हो जाइए. क्योंकि ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों की भी अब खैर नहीं. ग्रुप में किसी भी सदस्य की गलती की सजा ग्रुप एडमिन को मिलेगी. ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाने की स्थिति में एडमिन को जेल जाना पड़ सकता है.
ऐसा ही एक मामला बिहार के किशनगंज जिले में सामने आया है. पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के जुर्म में पुलिस ने पोस्ट डालने वाले के साथ-साथ ग्रुप एडमिन को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. किशनगंज के एक सरकारी कर्मचारी ने 'किशनगंज की आवाज' नामक एक ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट डाल दी थी.
उसके बाद पुलिस ने रेलवे कर्मचारी संतोष सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. बाद में पुलिस ने ग्रुप एडमिन सुमीत राज को भी गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि संतोष सिंह ने धर्म विशेष के लोगों के खिलाफ आपप्तिजनक पोस्ट व्हाट्सएप ग्रुप में डाली थी. पोस्ट की जानकारी मिलते ही जिला पुलिस-प्रशासन ने किशनगंज के ठाकुरगंज थाने में आईटी एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया.
पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया. अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.
गौरतलब है कि कई बार व्हाट्सएप के सदस्यों के बारे में पुलिस को पता नहीं चलता क्योंकि वे फर्जी आईडी से अपना एकाउंट ऑपरेट करते हैं. ऐसे में व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किए गए सारे कंटेट की जिम्मेदारी ग्रुप एडमिन की होती है.
व्हाट्सएप ग्रुप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखना या डालना साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है. ऐसे मामलों में आसानी से बेल भी नहीं मिलती. ऐसे मामलों में लिप्ता पाए जाने वाले दोषी को अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान है.
परवेज़ सागर / सुजीत झा