गैंगस्टर, गन कल्चर और गैंगवार... पंजाब में बेलगाम हो रहे अपराध की असली वजह क्या है?

पंजाब में अब अपराध खुलेआम हो रहा है. गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर ने कानून व्यवस्था को चुनौती दे दी है. गुरुद्वारों, कोर्ट परिसरों और पुलिस दफ्तरों के सामने हत्याएं हो रही हैं. सवाल यह है कि आखिर पंजाब में अपराध बेलगाम क्यों हो गया है? पुलिस-सरकार क्यों बेबस नजर आ रही है?

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जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. (Photo: ITG) जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 07 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:53 AM IST

पंजाब में आज हालात ऐसे हो चुके हैं कि कानून व्यवस्था शब्द सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गया है. सड़कों पर डर है. लोगों के मन में खौफ है. अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. कब, कहां और किसकी गोली मारकर हत्या कर दी जाए, यह अब किसी को नहीं पता. पंजाब में गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर अब सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि पहचान बनते जा रहे हैं.

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पंजाब की तस्वीर उस वक्त और डरावनी हो जाती है, जब सरेआम पुलिस, सरकार, नेताओं और मंत्रियों को धमकियां दी जाती हैं. हालात ये हैं कि गैंगस्टर अब सत्ता और सिस्टम को खुली चुनौती दे रहे हैं. जालंधर के पॉश मॉडल टाउन इलाके में गुरुद्वारे के सामने आम आदमी पार्टी के नेता लकी ओबेरॉय की हत्या ने इस हकीकत पर मुहर लगा दी है.

दिनदहाड़े, धार्मिक स्थल के बाहर, स्कूटी पर आए हमलावर ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हैं और आराम से फरार हो जाते हैं. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखता है कि कैसे हुडी पहने हमलावर ने लकी ओबेरॉय के गाड़ी में बैठने का इंतजार किया, ताकि बचने की कोई गुंजाइश न रहे. यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पंजाब पुलिस की नाकामी का सार्वजनिक ऐलान है.

पुलिस भले ही इसे आपसी रंजिश की वारदात बता रही हो, लेकिन सवाल इससे कहीं बड़ा है. यदि यह रंजिश है, तो फिर मोहाली में एसएसपी ऑफिस के ठीक सामने गुरविंदर सिंह की हत्या को क्या कहा जाए. उस वारदात की जिम्मेदारी विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टर गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने ली. इसके साथ ही पंजाब पुलिस और सरकार को खुली धमकी भी दी.

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पंजाब पुलिस इस सच्चाई से इनकार नहीं कर सकती कि राज्य में गैंग्स्टर्स का नेटवर्क गहराई तक फैला हुआ है. खुद पुलिस मानती है कि पंजाब में 45 से 50 गैंग सक्रिय हैं. लॉरेंस बिश्नोई, बंबीहा, गोल्डी बराड़, जग्गू भगवनपुरिया, अर्स डाला, काला जेठाड़ी और लकी पटियाल जैसे गैंग खुलेआम खून की होली खेल रहे हैं. सवाल यह है कि इन गैंग्स को काबू में करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है.

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव भी यह मान चुके हैं कि देश और विदेश में बैठे 40 से 45 हैंडलर्स इन गैंग्स को चला रहे हैं. दावा किया जाता है कि उन्हें भारत लाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा. इस पूरे खेल में गन कल्चर और हिंसा के महिमामंडन की भूमिका भी कम नहीं है. इसे म्यूजिक वीडियोज में देखा जा सकता है.

चंडीगढ़ के एक प्रोफेसर द्वारा गन कल्चर और ड्रग्स को बढ़ावा देने वाले म्यूजिक वीडियोज़ के खिलाफ याचिकाएं दाखिल की गईं. इसके बाद एक विशेष अभियान चला और 67 गाने बैन किए गए, जिनमें कई चर्चित कलाकारों के गाने शामिल थे. पूर्व डीजीपी ओपी सिंह भी यह मान चुके हैं कि हिंसा को बढ़ावा देने वाला कंटेंट समाज में हिंसा को जन्म देता है.

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पंजाब में न हत्याएं रुक रही हैं, न धमकियां और न ही गैंगवार. अमृतसर के मैरीगोल्ड वेडिंग हॉल में आम आदमी पार्टी के सरपंच जरमल सिंह की सरेआम हत्या हो जाती है. हत्यारे बिना किसी डर के निकल जाते हैं और विदेश में बैठा गैंगस्टर सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ले लेता है. 30 नवंबर 2025 को लुधियाना के कैसल पैलेस में दो गैंग्स के बीच फायरिंग में दो बेगुनाह मेहमान मारे जाते हैं.

18 दिसंबर 2025 को मोहाली के सोहाना में कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ी कंवर दिग्विजय उर्फ राणा बलाचौरिया की सरेआम हत्या कर दी जाती है. ये सभी वारदातें एक ही सवाल खड़ा करती हैं. क्या पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है? इन हत्याओं और बढ़ते अपराध पर जवाब मुख्यमंत्री और गृहमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव को देना होगा.

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