लोकल-वोकल-सप्लाई चेन: आत्मनिर्भर भारत के लिए मोदी ने दिए ये बड़े मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच भारत को आत्मनिर्भर बनाने का नया मिशन सामने रखा है. मंगलवार को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने इसके लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: PTI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मई 2020,
  • अपडेटेड 8:16 AM IST

  • कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा ऐलान
  • अर्थव्यवस्था के लिए 20 लाख करोड़ का पैकेज
  • आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए दिए मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम अपने संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का बड़ा ऐलान किया. कोरोना संकट काल में मुसीबतों का सामना कर रही अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने के लिए ये पैकेज अहम भूमिका निभा सकता है. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की मौजूदा परिस्थिति भारत के लिए एक अवसर बन सकती है, ऐसे में हमें आत्मनिर्भर होना जरूरी है. आत्मनिर्भर भारत के नए मिशन को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री ने कुछ मंत्र भी दिए...

लोकल को वोकल करना जरूरी

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना संकट ने हमें लोकल मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन का महत्व समझाया है. पीएम बोले कि लोकल सिर्फ जरूरत नहीं, हम सभी की जिम्मेदारी है. लोकल को अब हमें अपना जीवन मंत्र बनाना होगा, आज से हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए वोकल बनना होगा. पीएम ने कहा कि सभी लोग लोकल प्रोडक्ट खरीदें और उनका प्रचार भी करे.

सप्लाई चेन को बेहतर बनाना जरूरी

कोरोना संकट को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपना संकल्प मजबूत करना है ताकि आगे बढ़ सकें. उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की मदद कर रहा है, ऐसे में हमें अपने प्रोडक्ट को दुनिया तक पहुंचाने के लिए सप्लाई चेन पर काम करना होगा. अगर सप्लाई चेन बेहतर होगी, तो हम अपना सामान आगे तक पहुंचा पाएंगे.

पांच पिलर से बढ़ेगी भारत की ताकत

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आत्मनिर्भर भारत के लिए पीएम मोदी ने कहा कि हमें अपने पांच पिलर को मजबूत करना होगा. इनमें इकॉनोमी, इंस्फ्रास्ट्रक्चर, सिस्टम, डेमोग्राफी, डिमांड शामिल हैं, जिन्हें दुरुस्त करना होगा.

आपदा को अवसर बनाना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमें इस आपदा को अवसर बनाना होगा. उन्होंने कहा कि जब भारत में कोरोना संकट आया तो यहां एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी और ना ही एन-95 का मास्क बनता था. लेकिन आज भारत में दो लाख से अधिक मास्क और पीपीई किट बन रही हैं, ऐसे ही हमें इस अवसर को आगे बढ़ाना होगा.

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