हाहाकार के बीच चीन का अजब फरमान, अब सांस संबंधी बीमारी से मौतों को Corona death में गिना जाएगा

Corona in China: चीन में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं. जमीन पर लेटाकर इलाज किया जा रहा है. इतना ही नहीं तमाम लोगों की मौत भी कोरोना से हो रही है. हालत ये है कि श्मशान में वेटिंग चल रही है. अंतिम संस्कार के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है.

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चीन में कोरोना से हाहाकार चीन में कोरोना से हाहाकार

aajtak.in

  • बीजिंग,
  • 21 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

चीन में कोरोना से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर जो फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, उनमें देखा जा सकता है कि अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं बचे हैं. स्थिति ऐसी हो गई है कि मरीजों को जमीन पर लेटाकर इलाज किया जा रहा है. बीजिंग में कब्रिस्तान के सामने लंबी लंबी लाइने लगी हैं. अंतिम संस्कार के लिए 24 घंटे की वेटिंग चल रही है. इन सबके बीच चीन ने कोरोना से मौतों के आंकड़ों को छिपाने के लिए नया पैंतरा चला है. चीन में अब सिर्फ सांस से जुड़ीं (respiratory failures) बीमारियों के चलते हुई मौतों को ही कोरोना से मौत के आंकड़ों में गिना जाएगा. 

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चीन पर हमेशा से कोरोना के आंकड़ों और उससे जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगता रहा है. इसी बीच चीन ने नई गाइडलाइन जारी की है. इसके मुताबिक, अब सिर्फ सांस से जुड़ीं बीमारियों (जैसे- निमोनिया) से हुईं मौतों को ही कोरोना से मौत के आंकड़ों में गिना जाएगा. चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को देशभर में कोरोना से सिर्फ 2 लोगों की मौत हुई. जबकि इससे पहले सोमवार को 2 लोगों की मौत हुई थी. 

WHO की गाइडलाइन के खिलाफ चीन का नियम

चीन में मौतों की गिनती का ये तरीका  WHO की गाइडलाइन के खिलाफ है. इतना ही नहीं यही वजह है कि चीन में मौत के आंकड़े कई अन्य देशों में मरने वालों की संख्या से नीचे है. WHO का कहना है कि देश कोरोना से होने वाली मौतों की जांच और रिपोर्ट करने के लिए अलग-अलग प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करते हैं, जिससे देशों के बीच तुलना मुश्किल हो जाती है. 

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चीन इन दिनों कोरोना के ओमिक्रॉन (BF.7) वैरिएंट से आई लहर का सामना कर रहा है. चीन में जीरो कोविड पॉलिसी के खिलाफ लगातार हो रहे विरोध के चलते पिछले दिनों ही इन प्रतिबंधों को हटाया गया था. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, चीन में BA.5.2 और BF.7 वैरिएंट के चलते कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 

चीन में दवाएं आउट ऑफ स्टॉक

चीन में कोरोना से हाहाकार मचा है. चीन में तेजी से मामले और मौतें बढ़ रही हैं. अस्पतालों में बेड की कमी हो गई है. मरीजों का इलाज फर्श पर लेटाकर किया जा रहा है. डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की कमी के साथ साथ दवा पर भी संकट गहराने लगा है. बुखार और सिरदर्द की कई जरूरी दवाएं चीन में आउट ऑफ स्टॉक हो गई है.  हर रोज सैकड़ों लोग दम तोड़ रहे हैं. दावा ये भी किया जा रहा है कि कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग चल रही है.  

हॉन्ग कॉन्ग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन में कोरोना से बड़ी संख्या में संक्रमित लोगों की मौत हुई है. यहां तक श्मशान में जगह नहीं बची है. लोगों को अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. वहीं, इन खबरों के बीच चीन ने मौतों की गिनती को लेकर नई गाइडलाइन बनाई है. इस गाइडलाइन के मुताबिक, चीन में अब निमोनिया और अन्य सांस संबंधी बीमारी के चलते होने वाली मौतों को कोरोना से मौत के आंकड़ों में गिना जाएगा, जबकि अन्य वजहों से मौत को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा. 
 

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