वोट भारत से लिया, लेकिन वैक्सीन विदेश भेजी, AAP का मोदी सरकार पर वार

देश में वैक्सीन की किल्लत के बीच केंद्र सरकार की वैक्सीन मैत्री पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सोमवार को आम आदमी पार्टी ने कई देशों के झंडे ट्वीट कर केंद्र पर निशाना साधा.

Advertisement
देश में कई जगह वैक्सीन की कमी है (फोटो: PTI) देश में कई जगह वैक्सीन की कमी है (फोटो: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 मई 2021,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST
  • वैक्सीन मैत्री पर आम आदमी पार्टी का वार
  • ट्वीट कर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

कोरोना की दूसरी लहर ने जब भारत में रफ्तार पकड़ी तो वैक्सीन की डिमांड अचानक बढ़ गई. ऐसे में जब 1 मई से भारत में 18+ वालों का टीकाकरण शुरू हुआ तो अलग-अलग राज्यों में वैक्सीन की कमी शुरू हो गई. दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार लगातार केंद्र पर निशाना साध रही है कि उन्होंने देश की वैक्सीन को विदेश में क्यों भेजा.

सोमवार को आम आदमी पार्टी द्वारा एक दिलचस्प ट्वीट किया गया. जिसमें AAP ने आरोप लगाया कि मोदीजी ने भारत के लोगों से वोट लिया, लेकिन वैक्सीन इन देशों को दे दी. आम आदमी पार्टी के ट्विटर हैंडल से इस दौरान तिरंगे के जवाब में बाकी उन देशों का झंडा लगा दिया गया, जिनको भारत ने वैक्सीन उपलब्ध करवाई है. 

Advertisement


आम आदमी पार्टी ने अपने ट्वीट में करीब 90 का जिक्र किया है. AAP की ओर से लगातार केंद्र सरकार की वैक्सीन मैत्री पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मसले को उठा चुके हैं. 


ना सिर्फ आम आदमी पार्टी बल्कि कांग्रेस समेत कई अन्य राजनीतिक दलों ने भी इसपर सवाल खड़े किए हैं. बीते दिनों जब दिल्ली में पोस्टर लगाए गए, तो कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसके विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने अपने ट्विटर की प्रोफाइल बदली और केंद्र से सवाल किया कि हमारे बच्चों की वैक्सीन विदेश क्यों भेज दी.

हालांकि, केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से बार-बार वैक्सीन मैत्री को सही ठहराया गया है. और इसे यूएन के कोवैक्स अभियान, कई देशों से अनुबंध और कच्चा माल के बदले सप्लाई का तर्क दिया गया है. विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, भारत ने अभी तक 95 देशों को वैक्सीन उपलब्ध करवाई है. इसकी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं... 

Advertisement

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »