रिजर्व बैंक ने Paytm को दिया बड़ा झटका, इस काम पर लगा दी रोक

पेटीएम के टूटते शेयरों के बीच कंपनी के लिए एक और बुरी खबर आई है. RBI ने पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड के पेमेंट एग्रीगेटर के लाइसेंस के लिए जमा आवेदन को खारिज कर दिया है. केंद्रीय बैंक ने फिर से आवदेन जमा करने को कहा है.

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रिजर्व बैंक ने दिया पेटीएम को झटका. रिजर्व बैंक ने दिया पेटीएम को झटका.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) को झटका दिया है. केंद्रीय बैंक ने कहा है कि पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए पेटीएम को फिर से आवेदन जमा करना होगा. रिर्जव बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज के ऑनलाइन मर्चेंट के ऑनबोर्डिंग पर रोक लगा दी है. कंपनी नए ऑनलाइन मर्चेंट को तब तक शामिल नहीं करेगी जब तक कि आवेदन मंजूर नहीं हो जाता. हालांकि, कंपनी का कहना है कि रिर्जव बैंक के इस फैसले से उसके कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ने वाला है. ये खबर उस वक्त आई है, जब पेटीएम के शेयरों में भारी बिकवाली देखी जा रही है.

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क्या काम करता है पेमेंट एग्रीगेटर?

पेटीएम पेमेंट सर्विस ने ऑनलाइन मर्चेंट्स को पेमेंट एग्रीगेटर सर्विसेज को उपलब्ध कराने के लिए लाइसेंस का आवेदन का आवेदन किया था, जिसे रिजर्व बैंक ने खारीज कर दिया है. पेमेंट एग्रीगेटर एक सर्विस प्रोवाइडर होता है, जो हर तरह के पेमेंट ऑप्शन को एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है. फिर ग्राहकों से पैसे जुटाकर एक तय समय पर मर्चेंट को पेमेंट भेजा जाता है. आसान शब्दों में समझें तो पेमेंट एग्रीगेटर का काम ग्राहकों से सभी पेमेंट ऑप्शन से पेमेंट हासिल कर उसे एक निश्चित समय के भीतर दुकानदारों और ई-कॉमर्स साइट को ट्रांसफर करना है.

120 दिनों की भीतर करना है आवेदन

अब पेटीएम को 120 कैलेंडर दिनों के भीतर फिर से पेमेंट एग्रीगेटर के लिए आवेदन जमा करना है. पेटीएम का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म पर, जो मौजूदा मर्चेंट हैं उनपर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ेगा. कंपनी का कहना है कि रिर्जव बैंक के फैसले का असर सिर्फ नए ऑनलाइन मर्चेंट पर दिखेगा. कंपनी ने उम्मीद जताई है कि फिर से आवेदन करने बाद उसे मंजूरी मिल जाएगी.

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कितनी कंपनियों ने किया है आवेदन?

साल 2020 में रिर्जव बैंक ने गाइडलाइंस जारी कर सभी पेमेंट एग्रीगेटर के लिए लाइसेंस को अनिवार्य कर दिया था. इसके बाद से कई पेमेंट कंपनियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक 185 से अधिक फिनटेक कंपनियों और स्टार्टअप्स ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. 

हालांकि पेटीएम के प्रवक्ता ने कहा, 'आरबीआई ने हमारे आवेदन को खारिज नहीं किया है, बल्कि हमें 120 दिनों में फिर से आवेदन करने को कहा है. हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं और जल्द ही जरूरी मंजूरी मिलने की उम्मीद है.'

पेटीएम के शेयर

पेटीएम के शेयर में शुक्रवार को पांच फीसदी से अधिक की बढ़त पर बंद हुए. पिछले सेशन में 439.60 रुपये के ऑल टाइम लो लेवल पर पहुंचने वाले शेयर ने बीते दिन छलांग लगाई. हालांकि, बीते छह महीने में पेटीएम के शेयर 20 फीसदी से अधिक टूटे हैं.

वहीं, पेटीएम का शेयर अपने हाई से 75 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है. पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड का आईपीओ पिछले साल नवंबर में लॉन्च हुआ था.  Paytm IPO का इश्यू साइज 18,300 करोड़ रुपये था और इसके लिए प्राइस बैंड 2080 रुपये से 2150 रुपये तक तय किया गया था.  

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