LPG Crisis: भारत का Plan-B करने लगा काम... अब इन देशों से आ रही LPG की खेप, प्रोडक्शन भी 10% बढ़ा

LPG Crisis In India: मिडिल ईस्ट में जंग के बीच भारत में एलपीजी संकट से निपटने के लिए सरकार एक्शन मोड में है और इसका प्लान-बी भी एक्टिव हो गया है. घरेलू डिमांड को पूरा करने के लिए अन्य देशों से अतिरिक्त स्टॉक्स आना शुरू हो गया है.

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एलपीजी संकट से निपटने के लिए सरकार ने उठाए बड़े कदम. (File Photo: ITG) एलपीजी संकट से निपटने के लिए सरकार ने उठाए बड़े कदम. (File Photo: ITG)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:36 AM IST

मिडिल ईस्ट में युद्ध (Middle East War) के चलते तेल-गैस की किल्लत दुनिया में बढ़ी है. भारत में भी इसका असर साफ देखने को मिला है और खासतौर पर एलपीजी को लेकर संकट (LPG Crisis In India) बढ़ा है. हालांकि, ऐसे हालात में सरकार फटाफट एक्शन मोड में आ गई और बड़े-बड़े फैसले लिए हैं. देश में घरेलू एलपीजी उत्पादन में बढ़ोतरी के आदेश दिए गए हैं, तो वहीं मोदी सरकार का प्लान-बी (Modi Govt Plan-B) भी काम करने लगा है. सरकारी अधिकारियों की मानें, तो अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया से लेकर कनाडा समेत अन्य देशों से LNG-LPG की अतिरिक्त खेपें भारत आने लगी हैं. 

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संकट के बीच बढ़ने लगा उत्पादन
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से ग्लोबल टेंशन चरम पर पहुंच गई है और इस जंग का आंच आम लोगों को भी झुलसाने लगी है. एनर्जी सप्लाई बाधित होने से एलपीजी और तेल का संकट गहरा गया है. भारत में LPG Crisis के बीच सरकार ने कॉर्मशियल एलपीजी यूज पर सख्ती दिखाई और घरेलू इस्तेमाल वाली गैस की पर्याप्त आपूर्ति के लिए कदम आगे बढ़ाए. 

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में टॉप सरकारी अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि Commercial LPG की कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं और विरोध के बीच आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL), एचपीसीएल (HPCL) जैसी भारतीय रिफाइनरियों द्वारा एलपीजी के घरेलू उत्पादन में 10% की वृद्धि की गई है. 

Plan-B ऐसे कर रहा काम
एलपीजी संकट से निकलने के लिए मोदी सरकार के प्लान-बी की बात करें, तो घरेलू उत्पादन में 10 फीसदी का इजाफा करने के लिए साथ दूसरे देशों से भारत में LNG-LPG का अतिरिक्त स्टॉक भी आने लगा है. एक सरकारी सूत्र ने बताया है कि अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, नॉर्वे और अन्य देशों से एलएनजी और एलपीजी के अतिरिक्त भंडार वाले कार्गो आने शुरू हो गए हैं.

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बता दें कि बीते कुछ समय में ट्रंप टैरिफ टेंशन (Trump Tariff Tension) हो, या फिर तमाम संघर्ष, जिनके चलते अक्सर विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का खतरा बढ़ा है. लेकिन, इन हालातों में मोदी सरकार (Modi Govt) ने घरेलू आपूर्ति को सुचारु रखने के लिए निर्यात डेस्टिनेशंस बढ़ाने का काम किया और सरकार का प्लान बी माना जाने वाला ये विविधीकरण वर्तमान में उपजे संकट में कारगर साबित होता दिख रहा है.

भारत में कहां-कहां से आती है गैस?
गौरतलब है कि LNG की सोर्सिंग में कतर (42.22%) के साथ सबसे ऊपर है, अमेरिका (18.5%), यूएई (11.11%), अंगोला (7.07%), और नाइजीरिया (5.18%) का स्थान आता है और लगभग 15% अन्य स्रोतों से आता है. LPG मिक्स को लेकर खासतौर पर खाड़ी देशों पर ही निर्भरता है, जिसमें UAE और कतर सामूहिक रूप से आयात का 62% से अधिक आपूर्ति करते हैं, उसके बाद सऊदी अरब (18.2%) और कुवैत (15.6%) का स्थान आता है. जबकि अमेरिका हाल ही में एक रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरा है जो 2026 की आपूर्ति का लगभग 10% हिस्सा रखता है. मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते इन सोर्सेज से आपूर्ति बाधित हुई है. 

संकट के बीच जमाखोरी रोकने का प्रयास
LPG Crisis से रेस्तरां और गैर-जरूरी व्यवसायों पर इसका असर पड़ना तय है, लेकिन सरकार के आदेश से साफ ही कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता घरेलू एलपीजी की मांग को पूरा करना है. उद्योग जगत के एक सूत्र की मानें, तो वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों द्वारा सामना की जा रही एलपीजी की कमी की निगरानी आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति द्वारा की जा रही है. सरकार के उठाए गए सख्त कदमों के बारे में अधिकारियों का कहना है कि संकट के समय में गैर-जरूरी व्यवसायों के द्वारा गैस की जमाखोरी करने से रोकने के लिए ये कदम उठाया गया है.

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