RBI बैठक: EMI राहत की उम्मीदों को झटका, मोरे​टोरियम पर स्थिति साफ नहीं

रेपो रेट को 4 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है. वहीं, रिवर्स रेपो रेट भी 3.35 फीसदी पर स्थिर है.

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आरबीआई ने रेपो रेट पर नहीं दी राहत  आरबीआई ने रेपो रेट पर नहीं दी राहत

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 2:07 PM IST

  • रेपो रेट 4 फीसदी पर बरकरार है
  • रिवर्स रेपो रेट में भी बदलाव नहीं
  • रिवर्स रेपो रेट भी 3.35% पर स्थिर

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के नतीजे आ चुके हैं. तीन दिनों तक चली इस बैठक में रेपो रेट को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. रेपो रेट में बदलाव नहीं होने का मतलब ये हुआ कि आपको ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिलेगी.

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- रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैठक के नतीजों की जानकारी देते हुए कहा कि रेपो रेट को 4 फीसदी पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है. वहीं, रिवर्स रेपो रेट भी 3.35 फीसदी पर स्थिर है.

- हालांकि, आरबीआई गवर्नर ने लोन मोरेटोरियम को लेकर कोई बात नहीं की है. आपको बता दें कि 31 अगस्त को लोन मोरेटोरियम की अवधि खत्म हो रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि आरबीआई गवर्नर इस मुद्दे को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं. बैंकों की ओर से लगातार इसे आगे नहीं बढ़ाने की गुजारिश की जा रही है. अब रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति समीक्षा की बैठक अक्टूबर में होने वाली है.

- रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि गोल्ड ज्वेलरी पर कर्ज की वैल्यू बढ़ा दी गई है. अब 90 फीसदी तक कर्ज मिल सकेगा. वर्तमान में सोने की कुल वैल्यू का 75 फीसदी तक ही लोन मिलता है.

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- आरबीआई गवर्नर ने कहा कि ग्लोबल इकोनॉमी अब भी कमजोर है. हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त का सिलसिला जारी है.

- आरबीआई गवर्नर ने कहा कि खुदरा महंगाई दर नियंत्रण में है. आरबीआई गवर्नर के मुताबिक दूसरी छमाही में महंगाई दर कम हो सकती है.

- आरबीआई गवर्नर के मुताबिक कोरोना की मार के बाद देश की इकोनॉमी अब ट्रैक पर लौट रही है. गवर्नर ने कहा कि अच्छी पैदावार से ग्रामीण इकोनॉमी में रिकवरी है.

- आरबीआई गवर्नर ने एक बार फिर कहा है कि वित्त वर्ष 2020—21 में जीडीपी ग्रोथ रेट निगेटिव रहेगी.

-MSMEs के कर्ज रीस्ट्रक्चरिंग की मोहलत बढ़ा दी गई है. अब रीस्ट्रक्चरिंग अवधि 31 मार्च 2021 तक है.

-इस बीच, शेयर बाजार में बढ़त बरकरार है. 12 बजे के बाद सेंसेक्स 200 अंक मजबूत और निफ्टी 11,150 अंक के आगे कारोबार करता दिखा.

कोरोना काल में तीसरी बैठक

कोरोना काल में रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति समीक्षा की तीसरी बैठक थी. बता दें कि कोरोना संकट की वजह से दो बार समय से पहले बैठक हो चुकी है. पहली बैठक मार्च में और उसके बाद मई, 2020 में दूसरी बैठक हुई. इन दोनों बैठकों में रिजर्व बैंक की रेपो रेट में कुल मिला कर 1.15 फीसदी की कटौती की. बीते साल यानी फरवरी, 2019 के बाद रेपो रेट में 2.50 फीसदी की कटौती हो चुकी है.

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बैंकों ने भी ग्राहकों तक पहुंचाया फायदा

एसबीआई की एक शोध रिपोर्ट के अनुसार बैंकों ने नये कर्ज पर ब्याज दर में प्रतिशत 0.72 अंक की कटौती की है. यह बताता है कि रेपो रेट में कटौती का लाभ ग्राहकों को ब्याज दर में कटौती के जरिये तेजी से दिया गया. एसबीआई ने रेपो से संबद्ध खुदरा कर्ज पर ब्याज में 1.15 अंक की कटौती की है.

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