लॉकडाउन की वजह से लोग दफ्तर नहीं जा पा रहे हैं. जिससे लोग घर से काम करने पर मजबूर हो गए और अब इसी मजबूरी ने कंपनियों को नया रास्ता दिखा दिया है. अब तमाम कंपनियां (वर्क फ्रॉम होम-WFH) पर फोकस कर रही हैं. यानी आने वाले दिनों से घर से काम करने का प्रचलन बढ़ने वाला है.
फिलहाल TCS के 90 फीसदी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम
दरअसल लॉकडाउन की वजह से देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के फिलहाल 90% कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. लेकिन इस बीच अब कंपनी ने योजना बनाई है कि साल 2025 तक उसके 75% कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करने लगेंगे. यानी 75 फीसदी कर्मचारी घर से ही अपनी सेवाएं देंगे.लॉकडाउन के दौरान तेजी से वर्क फ्रॉम होम मॉडल उभर कर आया है, और यह मॉडल रिजल्ट भी बेहतर दे रहा है. जिससे तमाम कंपनियां अब इसे आगे भी अपनाने में जुट गई है.
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2025 तक 75 फीसदी WFH का प्लान
बता दें, लॉकडाउन से पहले करीब 20 फीसदी TCS के कर्मचारी घर से काम करते थे. लेकिन फिलहाल कोरोना वायरस की वजह से 90 फीसदी घर से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. टीसीएस में कुल 4.48 लाख (भारत में 3.5 लाख समेत) कर्मचारी हैं. कंपनी की योजना के मुताबिक साल 2025 तक उसके कुल 75% यानी 3.5 लाख कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करने लगेंगे.
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बिजनस टुडे के मुताबिक टीसीएस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर एनजी सुब्रमण्यम ने कहा, 'हम यह नहीं मानते कि 100% प्रोडक्टिविटी के लिए हमारे 25% से अधिक कर्मचारियों को ऑफिस से काम करने की जरूरत है.' उनका मानना है कि 25/25 के नए मॉडल को अपनाने से फ्यूचर में कम ऑफिस स्पेस की जरूरत होगी. इस मॉडल के तहत प्रत्येक कर्मचारी केवल 25 फीसदी वक्त कार्यालय में बिताएगा. सभी टीम सदस्यों में से 75 प्रतिशत प्रोजेक्ट टीम को सिंगल लोकेशन पर रहना होगा.
इससे पहले आईटी इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्ती क्रिस गोपालकृष्णन ने भी कहा था कि लॉकडाउन के बाद यानी स्थिति सामान्य होने पर भी करीब 10 लाख से अधिक आईटी कर्मचारियों के घर से ही काम करने की संभावना है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान काम करने की तरीकों में बदलाव आया है और यह बदलाव अब प्लानिंग का हिस्सा बनने वाला है.
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