नीरव मोदी विदेशी संपत्तियों में कर रहा फेरबदल, अमेरिकी नागरिक को जोड़ा साथ

नीरव मोदी का यूके में जूलरी डिजाइनिंग कारोबार अहम तौर पर नीरव मोदी लिमिटेड की ओर से चलाया जाता है. वहीं हांगकांग में उसका कारोबार फायरस्टार डायमंड लिमिटेड और नीरव मोदी लिमिटेड की ओर से चलाया जाता है.

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नीरव मोदी (फाइल फोटो) नीरव मोदी (फाइल फोटो)

aajtak.in / खुशदीप सहगल / अंकित कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 2:31 PM IST

पंजाब नेशनल बैंक के 13,000 करोड़ रुपए लोन घोटाले का कथित मुख्य आरोपी नीरव मोदी बेशक कानूनी कार्रवाई के डर से भागता फिर रहा है लेकिन ये भगोड़ा हीरा कारोबारी हांगकांग में बैठकर गुप्त रणनीति को अंजाम दे रहा हो सकता है. इंडिया टुडे की जांच से खुलासा हुआ है कि नीरव मोदी की ओर से नियंत्रित कम से कम तीन विदेशी फर्मों में बड़ा बदलाव किए जाना संभव हो सकता है.

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इंडिया टुडे की पहुंच में ऐसे दस्तावेज हैं जिनसे पता चलता है कि की यूनाइटेड किंगडम और हांगकांग स्थित कंपनियों में मौजूदा निदेशकों को बदल कर अमेरिकी नागरिक एंथनी एल्लीकॉक को लाया गया है. यही नहीं जब इंडिया टुडे टीम एल्लीकॉक के न्यूजर्सी स्थित घर पर पहुंची तो वहां मौजूद शख्स ने कहा, 'मैं आपको नहीं बता सकता हूं कि मिस्टर एंथनी कौन है. वो इस घर में नहीं रहते.'

यूके में अलग नाम से बिजनेस

का यूके में जूलरी डिजाइनिंग कारोबार अहम तौर पर नीरव मोदी लिमिटेड की ओर से चलाया जाता है. वहीं हांगकांग में उसका कारोबार फायरस्टार डायमंड लिमिटेड और नीरव मोदी लिमिटेड की ओर से चलाया जाता है. नीरव मोदी इन तीनों कंपनियों पर एक और कंपनी फायरस्टार होल्डिंग्स लिमिटेड के माध्यम से नियंत्रण रखता है. वहीं इस फायरस्टार होल्डिंग्स लिमिटेड को मोदी की भारत स्थित कंपनी फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड देखती है.     

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फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड के अधिकतर शेयर्स के पास हैं. वहीं हांगकांग स्थित फायरस्टार होल्डिंग के पास नीरव मोदी की यूके और हांगकांग में स्थित तीनों कंपनियों में मेजोरिटी शेयर्स हैं. यानि यूके में नीरव मोदी लिमिटेड और हांगकांग में फायरस्टार डायमंड लिमिटेड और नीरव मोदी लिमिटेड.

दस्तावेज से पता चलता है कि नीरव मोदी की तीनों विदशी कंपनियों में टॉप मैनेजमेंट में चुपचाप ढंग से बड़ा बदलाव किया जा रहा हो सकता है. इसके पीछे बड़ी वजह नीरव मोदी की दुनिया भर में सरगर्मी से की जा रही तलाश हो सकती है.

कंपनी फाइलिंग्स से पता चलता है कि इन कंपनियों ने जिन देशों में ये काम कर रही हैं, वहां के नियामकों (रेग्युलेटर्स) को सूचित कर दिया है कि एल्लीकॉक को इकलौते डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है.

यूके के कंपनी हाउस को 20 मार्च को एल्लीकॉक की नियुक्ति के बारे में सूचित किया गया. इसके 9 दिन बाद हांगकांग में अधिकारियों को भी ऐसी ही सूचना दी गई. दस्तावेज के मुताबिक अमेरिकी नागरिक एल्लीकॉक की न्यू जर्सी में रिहाइश है.

यूके स्थिति लिमिटेड में अभी तक तीन निदेशक थे- एंजेलिना उन, मिहिर भंसाली और अजय गांधी. फ्रेंच नागरिक उन का स्थायी पता हांगकांग में है. 5 मार्च को इस्तीफे से पहले उन यूके में नीरव मोदी लिमिटेड में निदेशक होने के साथ हांगकांग स्थित नीरव मोदी लिमिटेड और भारत में फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड में भी निदेशक थीं. नीरव मोदी खुद भी भारत स्थित फायरस्टार इंटरनेशनल लिमिटेड में निदेशक है.

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वहीं मिहिर भंसाली का नाम मोदी की अमेरिका स्थित कंपनी फायरस्टार डायमंड इंक के इकलौते निदेशक के तौर पर दर्ज है. जिसकी ओर से न्यू यॉर्क कोर्ट में दीवालिया कार्रवाई के लिए आवेदन किया गया है.  

इसी तरह अजय गांधी फायरस्टार डायमंड इंक का सीईओ/सीएफओ है. गांधी और भंसाली, दोनों ने, यूके स्थित नीरव मोदी लिमिटेड के कंपनी बोर्ड से 9 मार्च को इस्तीफे दिए.  

हांगकांग स्थित फायरस्टार डायमंड में एल्लीकॉक के इकलौते निदेशक बनने से पहले तक बंकिम मेहता का नाम भी इस कंपनी के निदेशक के तौर पर दर्ज था. इन कंपनियों में से किसी के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में कोई बदलाव हुआ है या नहीं ये तभी पता चल पाएगा जब इनकी ओर से वार्षिक रिटर्न दाखिल की जाएगी.   

स्वतंत्र रूप से काम करने वाले दिल्ली स्थित कंपनी सेक्रेटरी रवि भूषण ने इंडिया टुडे को बताया, ऐसा लगता है कि भारत का सर्वाधिक वांछित ज्वैलथीफ नीरव मोदी यूके और हांगकांग स्थित अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने के लिए ये सब कर रहा हो. कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच से बचने के लिए कारोबारों की ओर से आम तौर पर इसी तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं.  

नीरव मोदी जब अपने ठिकाने बदलता भाग रहा है, ऐसे में एक अमेरिकी नागरिक को तीन विदेशी कंपनियों का इकलौता निदेशक चुने जाना खुद ही संदेह खड़े करता है. इसके अलावा कंपनियों में टॉप मैनेजमेंट में बदलाव के लिए जो वक्त चुना गया है वो भी संदिग्ध है क्योंकि फायरस्टार डायमंड इंक पहले ही दीवालिया कार्रवाई के लिए अपील दाखिल कर चुकी है. इस अपील से जुडी बिक्री सुनवाई न्यू यॉर्क में 15 अप्रैल को तय है. वहीं नीलामी 3 मई को होगी.

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